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केमिकल से नकली शराब बनाने वाले गैंग का भंडाफोड
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Wed, 01 Jun 2016 12:41 AM IST
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पकड़े गए आरोपी ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं।
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पुलिस ने छापेमारी कर केमिकल से देशी शराब बनाने वाले गैंग का खुलासा किया है। छापामार कार्रवाई के दौरान शराब बनाते हुए दो युवकों को धर दबोचा, जबकि मुख्य कारोबारी भाग निकला। मौके से भारी मात्रा में शराब बनाने का केमिकल, होलोग्राम,शराब ब रैपर एवं शराब के क्वार्टर बरामद हुए हैं।
स्वाट टीम और दिबियापुर पुलिस ने मंगलावर को डांड़ी गांव में राघवेंद्र यादव के घर में छापेमारी की। घर के अंदर में केमिकल से देशी शराब बनते मिली। पुलिस ने झपनीपुुरवा निवासी पंकज यादव एवं चिरौलिया निवासी प्रशांत यादव को गिरफ्तार कर लिया। जबकि मकान मालिक राघवेंद्र यादव फरार हो गया। पकड़े गए लोगो ने बताया कि वह गांव में शराब सप्लाई करने गया है। मौके से 200 लीटर केमिकल का ड्र्म, कलर, भारी मात्रा में रैपर, खाली क्वार्टर व तैयार क्वार्टर बरामद हुए।
पुलिस का दावा है कि यहां बनने वाली नकली शराब आसपास के गांवोें में सप्लाई की जाती थी। एसपी अतुल शर्मा ने कैंप कार्यालय में गैंग का खुलासा करते हुए बताया कि मुख्य आरोपी राघवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। इसके अलावा गैंग के अन्य सदस्यों व संरक्षणकर्ताओं का भी पता लगाया जा रहा है। जल्द ही उनको भी गिरफ्तार किया जाएगा।
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600 लीटर पानी से बनाते थे 800 लीटर शराब
पकड़े गए अभियुक्तों ने बताया कि वह लोग 600 लीटर पानी से 800 लीटर शराब तैयार करते थे। इसमें 200 लीटर केमिकल डाला जाता था और आर्टीफिशियल रंग। 800 लीटर शराब से 4500 क्वार्टर तैयार हो जाते थे। जिनकी कीमत पौने तीन लाख रुपये होती थी।
पुलिस के मुताबिक केमिकल से बनी शराब को यह लोग देशी ब्रांड का रैपर उपयोग करके बेचते थे। यह सप्लाई जिले के ठेकों के अलावा होटलों में अधिक होती थी। गैर जनपद भी सप्लाई की जाती थी। छापेमारी करने वालों में स्वाट टीम प्रभारी अखिलेश मिश्रा, एसआई अजय पाठक, कांस्टेबिल रुपेंद्र, संजय, रविकांत, शिवराम, विपिन कु मार, संजीव कुमार व दिबियापुर थाना से एसआई शिवपाल सिंह, एसआई धर्मेंद्र सिंह, कांस्टेबिल आशीष वाजपेयी, कांस्टेबिल सत्यदेव त्रिवेदी।
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स्वाट टीम और दिबियापुर पुलिस ने मंगलावर को डांड़ी गांव में राघवेंद्र यादव के घर में छापेमारी की। घर के अंदर में केमिकल से देशी शराब बनते मिली। पुलिस ने झपनीपुुरवा निवासी पंकज यादव एवं चिरौलिया निवासी प्रशांत यादव को गिरफ्तार कर लिया। जबकि मकान मालिक राघवेंद्र यादव फरार हो गया। पकड़े गए लोगो ने बताया कि वह गांव में शराब सप्लाई करने गया है। मौके से 200 लीटर केमिकल का ड्र्म, कलर, भारी मात्रा में रैपर, खाली क्वार्टर व तैयार क्वार्टर बरामद हुए।
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पुलिस का दावा है कि यहां बनने वाली नकली शराब आसपास के गांवोें में सप्लाई की जाती थी। एसपी अतुल शर्मा ने कैंप कार्यालय में गैंग का खुलासा करते हुए बताया कि मुख्य आरोपी राघवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। इसके अलावा गैंग के अन्य सदस्यों व संरक्षणकर्ताओं का भी पता लगाया जा रहा है। जल्द ही उनको भी गिरफ्तार किया जाएगा।
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600 लीटर पानी से बनाते थे 800 लीटर शराब
पकड़े गए अभियुक्तों ने बताया कि वह लोग 600 लीटर पानी से 800 लीटर शराब तैयार करते थे। इसमें 200 लीटर केमिकल डाला जाता था और आर्टीफिशियल रंग। 800 लीटर शराब से 4500 क्वार्टर तैयार हो जाते थे। जिनकी कीमत पौने तीन लाख रुपये होती थी।
पुलिस के मुताबिक केमिकल से बनी शराब को यह लोग देशी ब्रांड का रैपर उपयोग करके बेचते थे। यह सप्लाई जिले के ठेकों के अलावा होटलों में अधिक होती थी। गैर जनपद भी सप्लाई की जाती थी। छापेमारी करने वालों में स्वाट टीम प्रभारी अखिलेश मिश्रा, एसआई अजय पाठक, कांस्टेबिल रुपेंद्र, संजय, रविकांत, शिवराम, विपिन कु मार, संजीव कुमार व दिबियापुर थाना से एसआई शिवपाल सिंह, एसआई धर्मेंद्र सिंह, कांस्टेबिल आशीष वाजपेयी, कांस्टेबिल सत्यदेव त्रिवेदी।