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बेटी को लाने के लिए एसआई पर 30 हजार रुपये मांगने का आरोप
Updated Tue, 03 Oct 2017 10:51 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। बेटी को तलाशने के नाम पर सदर कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक विवेचना अधिकारी के ऊपर पीड़ित पिता ने 30 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है। उसने विवेचना अधिकारी बदले जाने की मांग एसपी से की है। एसपी ने कोतवाल को मामले की जांच करने को कहा है।
कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी ने एसपी संजीव त्यागी को प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि उसकी नाबालिग बेटी को कुछ दिन पूर्व एक युवक शादी का झांसा देकर ले गया था। कोतवाली पुलिस ने पिता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की थी। पीड़ित पिता ने विवेचना कर रहे एसआई पर आरोप लगाया कि उसके पास 28 सितंबर को विवेचना अधिकारी का फोन आया और कहा कि तुम्हारी बेटी पश्चिम बंगाल में है। उसे लाने के लिए विवेचनाधिकारी ने पिता से 30 हजार रुपये मांगे। बताया कि उसने अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में बताया तो दरोगा नाराज होने लगे और कहा कि जब रुपये हो जाएं तो बता देना। इसके बाद उसके पास 30 सितंबर को फोन आया कि तुम्हारी बेटी थाने में है जिस पर वह दौड़ता हुआ थाने पहुंचा। वहां पर उससे कोरे कागज पर हस्ताक्षर करने को कहा, लेकिन हस्ताक्षर नहीं किए।
पीड़ित ने एसपी से विवेचनाधिकारी बदले जाने की मांग की है। इस संबंध में कोतवाल अखिलेश मिश्रा ने बताया कि मामले की जानकारी है। रुपये की मांग को लेकर जांच की जाएगी।
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औरैया। बेटी को तलाशने के नाम पर सदर कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक विवेचना अधिकारी के ऊपर पीड़ित पिता ने 30 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है। उसने विवेचना अधिकारी बदले जाने की मांग एसपी से की है। एसपी ने कोतवाल को मामले की जांच करने को कहा है।
कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी ने एसपी संजीव त्यागी को प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि उसकी नाबालिग बेटी को कुछ दिन पूर्व एक युवक शादी का झांसा देकर ले गया था। कोतवाली पुलिस ने पिता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की थी। पीड़ित पिता ने विवेचना कर रहे एसआई पर आरोप लगाया कि उसके पास 28 सितंबर को विवेचना अधिकारी का फोन आया और कहा कि तुम्हारी बेटी पश्चिम बंगाल में है। उसे लाने के लिए विवेचनाधिकारी ने पिता से 30 हजार रुपये मांगे। बताया कि उसने अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में बताया तो दरोगा नाराज होने लगे और कहा कि जब रुपये हो जाएं तो बता देना। इसके बाद उसके पास 30 सितंबर को फोन आया कि तुम्हारी बेटी थाने में है जिस पर वह दौड़ता हुआ थाने पहुंचा। वहां पर उससे कोरे कागज पर हस्ताक्षर करने को कहा, लेकिन हस्ताक्षर नहीं किए।
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पीड़ित ने एसपी से विवेचनाधिकारी बदले जाने की मांग की है। इस संबंध में कोतवाल अखिलेश मिश्रा ने बताया कि मामले की जानकारी है। रुपये की मांग को लेकर जांच की जाएगी।
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