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फायरिंग व बमबारी में पिता-पुत्र सहित चार को उम्रकैद
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औरैया। 18 वर्ष पहले नेहरू इंटर कॉलेज की प्रबंध समिति के विवाद में फायरिंग और बमबारी में एक व्यक्ति की मौत होने के बहुचर्चित मामले में जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार ने सपा नेता समेत चार दोषियों को उम्रकैद और प्रत्येक को दो लाख 56 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। चार आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक नेहरू इंटर कॉलेज के तत्कालीन प्रबंधक व कांग्रेसी नेता राधाकृष्ण चतुर्वेदी (अब मृतक) निवासी संजय नगर ने रिपोर्ट लिखाई थी कि आठ अक्तूबर 2001 की शाम 5:35 बजे वह अपने घर के दरवाजे पर कुछ व्यवहारी व रिश्तेदारों के साथ बैठे थे कि तभी तिलक नगर निवासी तत्कालीन सपा नगर अध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता, उसका पुत्र रानू, तत्कालीन प्रधानाचार्य नेहरू इंटर कॉलेज अवध नारायण त्रिपाठी, सपा नेता राजू कुशवाहा, राजू पुत्र अवध नारायण त्रिपाठी, श्रीकृष्ण यादव निवासी जमालीपुर तथा दो अज्ञात लोग राइफल व बंदूक लिए पहुंचे तथा ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए झोलों में लिए हथगोले फेंकने लगे। इससे वहां मौजूद कल्लू खां पुत्र नबीबक्श निवासी भैरोपुर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। वादी सहित पांच लोग घायल हो गए थे।
एफआईआर के तीन आरोपी व विचारण के द्वारा सीआरपीसी की धारा 319 के तहत तलब पांच आरोपियों सहित कुल आठ के विरुद्ध यह मुकदमा जिला न्यायालय में चला। मुकदमे के दौरान वादी राधाकृष्ण चतुर्वेदी व एक आरोपी अवध नारायण त्रिपाठी की मृत्यु हो गई। लंबे समय तक चले इस मामले की अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा व शैलेश चौबे उर्फ पप्पल एडवोकेट ने पैरवी की। अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार ने मुख्तार खां निवासी दलेलनगर, जिलेदार निवासी वरहादेवी थाना बेला, पप्पू उर्फ जसवंत निवासी नौगंवा व सपा नेता राजू कुशवाहा निवासी नारायनपुर को दोषमुक्त कर बरी करने का आदेश दिया। गोलीबारी में मृत कल्लू खां की हत्या के आरोप में तत्कालीन सपा नगर अध्यक्ष व नेहरू इंटर कालेज के सेवानिवृत्त शिक्षक ओमप्रकाश गुप्ता व पुत्र रानू , राजू त्रिपाठी पुत्र स्व. अवध नारायण त्रिपाठी निवासी दिल्ली दरवाजा, श्रीकृष्ण यादव पुत्र अजय सिंह निवासी जमालीपुर को आजीवन कारावास और दो लाख 56 हजार प्रति दोषी अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की धनराशि का 50 फीसदी मृतक कल्लू के वारिसों को, शेष 30 फीसदी घायलों को बराबर देने का भी आदेश दिया। अर्थदंड की राशि राजस्व विभाग की भांति वसूली जाएगी। गौरतलब है कि स्थानीय नेहरू इंटर कालेज की प्रबंध समिति का विवाद लंबे समय तक चलता रहा था और आरोपियों ने घटना की वजह इसी को बताया था। सजा पाए सभी चारों को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।
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बाईपास के निकट 18 वर्ष पहले हुई फायरिंग व बमबारी में एक व्यक्ति की मृत्यु के बहुचर्चित मामले में जिला न्यायालय के निर्णय से पीड़ित परिवार में खुशी का माहौल है। घटना के वादी रहे तत्कालीन प्रबंधक नेहरू इंटर कालेज स्व. राधा किशन चौबे के भतीजे अधिवक्ता शैलेश चौबे पप्पल ने इस मामले में जमकर पैरवी की। उन्होंने इस फैसले के बाद कहा कि विलंब से ही सही लेकिन न्याय की जीत हुई है। इस निर्णय से सभी की न्याय के प्रति आस्था और बढ़ेगी।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक नेहरू इंटर कॉलेज के तत्कालीन प्रबंधक व कांग्रेसी नेता राधाकृष्ण चतुर्वेदी (अब मृतक) निवासी संजय नगर ने रिपोर्ट लिखाई थी कि आठ अक्तूबर 2001 की शाम 5:35 बजे वह अपने घर के दरवाजे पर कुछ व्यवहारी व रिश्तेदारों के साथ बैठे थे कि तभी तिलक नगर निवासी तत्कालीन सपा नगर अध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता, उसका पुत्र रानू, तत्कालीन प्रधानाचार्य नेहरू इंटर कॉलेज अवध नारायण त्रिपाठी, सपा नेता राजू कुशवाहा, राजू पुत्र अवध नारायण त्रिपाठी, श्रीकृष्ण यादव निवासी जमालीपुर तथा दो अज्ञात लोग राइफल व बंदूक लिए पहुंचे तथा ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए झोलों में लिए हथगोले फेंकने लगे। इससे वहां मौजूद कल्लू खां पुत्र नबीबक्श निवासी भैरोपुर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। वादी सहित पांच लोग घायल हो गए थे।
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एफआईआर के तीन आरोपी व विचारण के द्वारा सीआरपीसी की धारा 319 के तहत तलब पांच आरोपियों सहित कुल आठ के विरुद्ध यह मुकदमा जिला न्यायालय में चला। मुकदमे के दौरान वादी राधाकृष्ण चतुर्वेदी व एक आरोपी अवध नारायण त्रिपाठी की मृत्यु हो गई। लंबे समय तक चले इस मामले की अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा व शैलेश चौबे उर्फ पप्पल एडवोकेट ने पैरवी की। अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार ने मुख्तार खां निवासी दलेलनगर, जिलेदार निवासी वरहादेवी थाना बेला, पप्पू उर्फ जसवंत निवासी नौगंवा व सपा नेता राजू कुशवाहा निवासी नारायनपुर को दोषमुक्त कर बरी करने का आदेश दिया। गोलीबारी में मृत कल्लू खां की हत्या के आरोप में तत्कालीन सपा नगर अध्यक्ष व नेहरू इंटर कालेज के सेवानिवृत्त शिक्षक ओमप्रकाश गुप्ता व पुत्र रानू , राजू त्रिपाठी पुत्र स्व. अवध नारायण त्रिपाठी निवासी दिल्ली दरवाजा, श्रीकृष्ण यादव पुत्र अजय सिंह निवासी जमालीपुर को आजीवन कारावास और दो लाख 56 हजार प्रति दोषी अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की धनराशि का 50 फीसदी मृतक कल्लू के वारिसों को, शेष 30 फीसदी घायलों को बराबर देने का भी आदेश दिया। अर्थदंड की राशि राजस्व विभाग की भांति वसूली जाएगी। गौरतलब है कि स्थानीय नेहरू इंटर कालेज की प्रबंध समिति का विवाद लंबे समय तक चलता रहा था और आरोपियों ने घटना की वजह इसी को बताया था। सजा पाए सभी चारों को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।
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बाईपास के निकट 18 वर्ष पहले हुई फायरिंग व बमबारी में एक व्यक्ति की मृत्यु के बहुचर्चित मामले में जिला न्यायालय के निर्णय से पीड़ित परिवार में खुशी का माहौल है। घटना के वादी रहे तत्कालीन प्रबंधक नेहरू इंटर कालेज स्व. राधा किशन चौबे के भतीजे अधिवक्ता शैलेश चौबे पप्पल ने इस मामले में जमकर पैरवी की। उन्होंने इस फैसले के बाद कहा कि विलंब से ही सही लेकिन न्याय की जीत हुई है। इस निर्णय से सभी की न्याय के प्रति आस्था और बढ़ेगी।