फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   crime

सोशल मीडिया पर लोगों ने पुलिस पर निकाली जमकर भड़ास

Fri, 24 Apr 2020 11:24 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 24 Apr 2020 11:24 PM IST
विज्ञापन
crime
दिबियापुर (औरैया)। नगर पंचायत दिबियापुर के चेयरमैन से आटा मांगने व उनके इनकार करने का आडियो वायरल होने के मामले की कलक्टरी रोड पर जांच करने पहुंची पुलिस का वीडियो बनाने पर युवक के घर के अंदर घुसकर परिवार वालों को मारने पीटने से लोगों में काफी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि वीडियो बनाना कोई जुर्म नहीं है, पुलिस ने खुलकर दबंगई की है। उधर, लोग सोशल मीडिया पर भी पुलिस के खिलाफ जमकर भड़ास निकाल रहे हैं। वहीं, मामला तूल पकड़ते देख एसपी सुनीति ने मामले की जांच सीओ औरैया को सौंपी है।
विज्ञापन

नगर पंचायत दिबियापुर के चेयरमैन अरविंद पोरवाल से दो दिन पहले कलक्टरी रोड के एक व्यक्ति ने फोन कर आटा मांगा था। बताते हैं कि चेयरमैन ने उसे इनकार कर दिया था। इस पर उस व्यक्ति ने चेयरमैन से हुई बातचीत का आडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। इस पर चेयरमैन ने दिबियापुर थाने में शिकायत की थी। इस पर थाने की पुलिस परसों कलक्टरी रोड पर जांच करने पहुंची। जांच करने गए पुलिस कर्मियों द्वारा वीडियो बनाने वाले पड़ोसी युवक एवं परिजनों के साथ मारपीट की गई।
विज्ञापन

कलक्टरी रोड पर बिजली विभाग के सेवानिवृत्त लाइनमैन रामप्रकाश दुबे का परिवार रहता है। रामप्रकाश के पुत्र शिवकांत उर्फ गुड्डू ने बताया कि दो दिन पहले वह अपने घर पर ही थे। अचानक पड़ोसी हुकुम सिंह के घर में पुलिस घुसी। हो-हल्ला सुनकर वह बाहर निकले और वीडियो बनाने लगे। पुलिस ने वीडियो बनाने से रोकने के बजाय मोबाइल छीन लिया और अपने साथ ले गए। इस दौरान वह सभी लोग अपने घर के अंदर चले गए। इस बीच दोबारा पुलिस आई और दरवाजे में जोर-जोर से धक्का दिया। इससे लोहे के दरवाजे की कुंडी क्षतिग्रस्त हो गई। दरवाजा खोला तो पुलिस ने परिजनों के साथ मारपीट की। पास में ही रहने वाले रामप्रकाश दुबे के भाई कृष्णकांत के बेटों रजत व हर्षित को भी पीटा।
विज्ञापन
विज्ञापन

शिवकांत के अनुसार वीडियो बनाना कोई जुर्म तो नहीं है। हालांकि उन्होंने अभी तक मामले की कोई शिकायत नहीं की है। इधर, सोशल मीडिया पर शिवकांत के शरीर पर चोटों के निशान वाली फोटो वायरल होने के बाद पुलिस की इस कार्यशैली को लेकर लोग अपनी भड़ास निकालते रहे। कई लोगों ने फेसबुक पर लिखा कि मामले की जानकारी मानवाधिकार को देनी चाहिए।

दिबियापुर इंस्पेक्टर विनोद ने बताया था वीडियो बनाने से रोकने पर कुछ लोग पुलिस से भिड़ गए थे। इस पर तीन को शांतिभंग में पाबंद किया गया था। उधर, एसपी सुनीति ने बताया कि मामले की जांच सीओ औरैया को सौंपी है। रिपोर्ट आने के बाद ही वह कुछ बता सकेंगी। वहीं, सीओ सुरेंद्र नाथ का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। शीघ्र ही जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed