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Auraiya News: बिजली चोरी के आठ मामलों में कोर्ट ने किया दोषमुक्त
Sat, 23 May 2026 11:58 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 23 May 2026 11:58 PM IST
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औरैया। विशेष न्यायाधीश एफटीसी प्रथम राजीव कुमार वत्स की अदालत ने बिजली चोरी के आठ पुराने मामलों में आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
इन सभी आरोपियों ने विभाग की ओर से निर्धारित राजस्व राशि और शमन शुल्क जमा कर नो ड्यूज प्रमाणपत्र प्राप्त कर कोर्ट में प्रेषित किया था, जिसके बाद कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई के बाद फैसला लिया।
बिधूना निवासी मोनू के खिलाफ साल 2017 में बिजली चोरी के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। नौ साल चले मुकदमे में बाद आरोपी ने बकाया 12893 रुपये और शमन शुल्क 20 हजार रुपये जमा कर दिए। इसी प्रकार एंटी पावर थेफ्ट थाने में साल 2021 में शहर निवासी कौशल किशोर के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। मुकदमे के दौरान आरोपी ने 35544 राजस्व और आठ हजार रुपये शुल्क जमा कर विभाग से नो ड्यूज ले लिया।
वहीं शहर निवासी मिथिलेश कुमारी के खिलाफ साल 2022 में मुकदमा लिखे जाने के बाद उन्होंने 7633 रुपये राजस्व, दो हजार रुपये शमन शुल्क और तीन सौ रुपये डीआर राशि व सौ रुपये नोटिस व्यय जमा किया। गांव अयाना निवासी जगत सिंह के खिलाफ विभाग ने साल 2019 में बिजली चोरी के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद आरोपी ने 8619 राजस्व, दो हजार रुपये शमन शुल्क जमा किया।
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अजीतमल निवासी फारुख ने मुकदमा दर्ज होने के बाद 10184 राजस्व, दो हजार रुपये शमन शुल्क का भुगतान किया। अजीतमल निवासी कमलेशवती के खिलाफ साल 2018 में मुकदमा दर्ज होने के बाद 2488 रुपये राजस्व, चार हजार रुपये शमन शुल्क जमा कर दिया। अयाना निवासी संतोष के खिलाफ वर्ष 2019 में मुकदमा दर्ज हुआ।
इसके बाद उन्होंने 13781 रुपये राजस्व और दो हजार रुपये शमन शुल्क भरा। इसी प्रकार अयाना निवासी राजकिशोरी ने साल 2019 में बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज होने के बाद 7875 रुपये राजस्व और दो हजार रुपये शमन शुल्क जमा किया।
आरोपियों के अधिवक्ताओं ने विभाग से मिले नो ड्यूज को कोर्ट के सामने रखा। कोर्ट ने दस्तावेजों को देखने के बाद सभी को दोष मुक्त कर दिया।
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इन सभी आरोपियों ने विभाग की ओर से निर्धारित राजस्व राशि और शमन शुल्क जमा कर नो ड्यूज प्रमाणपत्र प्राप्त कर कोर्ट में प्रेषित किया था, जिसके बाद कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई के बाद फैसला लिया।
बिधूना निवासी मोनू के खिलाफ साल 2017 में बिजली चोरी के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। नौ साल चले मुकदमे में बाद आरोपी ने बकाया 12893 रुपये और शमन शुल्क 20 हजार रुपये जमा कर दिए। इसी प्रकार एंटी पावर थेफ्ट थाने में साल 2021 में शहर निवासी कौशल किशोर के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। मुकदमे के दौरान आरोपी ने 35544 राजस्व और आठ हजार रुपये शुल्क जमा कर विभाग से नो ड्यूज ले लिया।
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वहीं शहर निवासी मिथिलेश कुमारी के खिलाफ साल 2022 में मुकदमा लिखे जाने के बाद उन्होंने 7633 रुपये राजस्व, दो हजार रुपये शमन शुल्क और तीन सौ रुपये डीआर राशि व सौ रुपये नोटिस व्यय जमा किया। गांव अयाना निवासी जगत सिंह के खिलाफ विभाग ने साल 2019 में बिजली चोरी के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद आरोपी ने 8619 राजस्व, दो हजार रुपये शमन शुल्क जमा किया।
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अजीतमल निवासी फारुख ने मुकदमा दर्ज होने के बाद 10184 राजस्व, दो हजार रुपये शमन शुल्क का भुगतान किया। अजीतमल निवासी कमलेशवती के खिलाफ साल 2018 में मुकदमा दर्ज होने के बाद 2488 रुपये राजस्व, चार हजार रुपये शमन शुल्क जमा कर दिया। अयाना निवासी संतोष के खिलाफ वर्ष 2019 में मुकदमा दर्ज हुआ।
इसके बाद उन्होंने 13781 रुपये राजस्व और दो हजार रुपये शमन शुल्क भरा। इसी प्रकार अयाना निवासी राजकिशोरी ने साल 2019 में बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज होने के बाद 7875 रुपये राजस्व और दो हजार रुपये शमन शुल्क जमा किया।
आरोपियों के अधिवक्ताओं ने विभाग से मिले नो ड्यूज को कोर्ट के सामने रखा। कोर्ट ने दस्तावेजों को देखने के बाद सभी को दोष मुक्त कर दिया।