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अब सैंपल देने वाले सभी लोगों तक पहुंचेगी सूचना
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औरैया। कोरोना संक्रमण की जांच कराने वालों को उनकी रिपोर्ट की कोई जानकारी नहीं मिल रही है। लोग कंट्रोल रूम में फोन कर अपने सैंपल की रिपोर्ट जानने को फोन कर रहे हैं। एडीएम न्यायिक ने समस्या को दूर करने के लिए अतिरिक्त कंट्रोल रूम बनाया है। उधर, सीएमओ ने लोगों को रिपोर्ट आने तक होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी है। साथ बदली व्यवस्था के तहत सैंपल देने वाले सभी लोगों को सूचना दी जाएगी, चाहे वह संक्रमित हो या नहीं।
जिले में कोरोना संक्रमण इन दिनों तेजी से फैल रहा है। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सैंपलिंग के लिए स्वास्थ्य टीमों की संख्या बढ़ाई गई है। संख्या बढ़ने से सैफई लैब से रिपोर्ट भी देरी से आ रहीं हैं। जिस कारण सैंपल देने वाले लोग परेशान रहते हैं। एक सप्ताह में 23 लोगों ने रिपोर्ट ने मिलने की शिकायतें दर्ज कराईं। इसे गंभीरता से लेते हुए कंट्रोल रूम प्रभारी एडीएम एमपी सिंह ने नए कंट्रोल रूम का गठन किया। यहां बेसिक शिक्षा विभाग के छह शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।
सोमवार को दो शिक्षकों ने कंट्रोल रूम का चार्ज लिया। यह शिक्षक सैंपल देने वाले हर व्यक्ति को फोन करके उन्हें संक्रमित होने या न होने की जानकारी देंगे। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि नियम के तहत सैंपल देने वाले व्यक्ति को एक सप्ताह तक रिपोर्ट न आने तक होम क्वारंटाइन में रहना अनिवार्य है।
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जिले में कोरोना संक्रमण इन दिनों तेजी से फैल रहा है। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सैंपलिंग के लिए स्वास्थ्य टीमों की संख्या बढ़ाई गई है। संख्या बढ़ने से सैफई लैब से रिपोर्ट भी देरी से आ रहीं हैं। जिस कारण सैंपल देने वाले लोग परेशान रहते हैं। एक सप्ताह में 23 लोगों ने रिपोर्ट ने मिलने की शिकायतें दर्ज कराईं। इसे गंभीरता से लेते हुए कंट्रोल रूम प्रभारी एडीएम एमपी सिंह ने नए कंट्रोल रूम का गठन किया। यहां बेसिक शिक्षा विभाग के छह शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।
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सोमवार को दो शिक्षकों ने कंट्रोल रूम का चार्ज लिया। यह शिक्षक सैंपल देने वाले हर व्यक्ति को फोन करके उन्हें संक्रमित होने या न होने की जानकारी देंगे। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि नियम के तहत सैंपल देने वाले व्यक्ति को एक सप्ताह तक रिपोर्ट न आने तक होम क्वारंटाइन में रहना अनिवार्य है।
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