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Auraiya News: बिना किताबों के स्कूल जा रहे कक्षा एक व दो के बच्चे
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औरैया। स्कूलों में शत-प्रतिशत उपस्थिति के लिए बेसिक शिक्षा विभाग लगातार जोर दे रहा है। मगर नए शिक्षा सत्र के पहले दिन से ही बच्चों को नई किताबें देने की योजना सुस्त गति से चल रही है। फरवरी में क्रय के आदेश जारी होने के बाद भी कक्षा एक और दो के बच्चों को किताबें नहीं मिली है। ऐसे में बिना किताबों स्कूल जा रहे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
जिले के 1265 परिषदीय स्कूलों में करीब 1.30 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। इन विद्यार्थियों को 11,35,730 किताबों का वितरण होना है, लेकिन 17 दिन बीतने के बाद भी वितरण नहीं हो पाया है। हालात यह है कि विभाग को अभी तक 57, 212 किताबें ही मिली हैं। इनमें कक्षा तीन से आठ तक के बच्चों की पुस्तकें शामिल है। इन कक्षाओं में भी पूरी किताबें नहीं है। कक्षा एक और दो के बच्चे अभी भी बिना किताबों के पढ़ाई कर रहे हैं। विभाग का कहना है कि वर्क आर्डर दिया जा चुका है, अभी 3,78,518 हजार किताबें आना बाकी है। शिक्षक दबी जुबान में बताते हैं कि स्कूल चलो अभियान के लिए लोगों को बेहतर शिक्षा की बात कहकर बच्चों के स्कूलों में प्रवेश कराने पर जोर दिया जा रहा है। मगर किताबें न आने पर अभिभावक सवाल करते हैं।
बीएसए अनिल कुमार ने बताया कि पाठ्य पुस्तकों के लिए वर्क आर्डर दिया जा चुका है। कुछ कक्षाओं की किताबें आ गई है, जिन्हें समय से वितरित कराने के साथ कक्षाओं का नियमित संचालन कराया जा रहा है। जिन कक्षाओं में किताबें नहीं है उनके लिए जल्द किताबें मंगवाई जा रही है।
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जिले के 1265 परिषदीय स्कूलों में करीब 1.30 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। इन विद्यार्थियों को 11,35,730 किताबों का वितरण होना है, लेकिन 17 दिन बीतने के बाद भी वितरण नहीं हो पाया है। हालात यह है कि विभाग को अभी तक 57, 212 किताबें ही मिली हैं। इनमें कक्षा तीन से आठ तक के बच्चों की पुस्तकें शामिल है। इन कक्षाओं में भी पूरी किताबें नहीं है। कक्षा एक और दो के बच्चे अभी भी बिना किताबों के पढ़ाई कर रहे हैं। विभाग का कहना है कि वर्क आर्डर दिया जा चुका है, अभी 3,78,518 हजार किताबें आना बाकी है। शिक्षक दबी जुबान में बताते हैं कि स्कूल चलो अभियान के लिए लोगों को बेहतर शिक्षा की बात कहकर बच्चों के स्कूलों में प्रवेश कराने पर जोर दिया जा रहा है। मगर किताबें न आने पर अभिभावक सवाल करते हैं।
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बीएसए अनिल कुमार ने बताया कि पाठ्य पुस्तकों के लिए वर्क आर्डर दिया जा चुका है। कुछ कक्षाओं की किताबें आ गई है, जिन्हें समय से वितरित कराने के साथ कक्षाओं का नियमित संचालन कराया जा रहा है। जिन कक्षाओं में किताबें नहीं है उनके लिए जल्द किताबें मंगवाई जा रही है।
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