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फसल के मुआवजे के लिए भटक रहे किसान
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अटसू (औरैया)। 33 हजार केवीए की लाइन की मरम्मत के दौरान नष्ट हुई फसल का मुआवजा पाने के लिए किसान अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। सुनवाई न होने पर किसानों ने बिजली विभाग के अधिकारियों के प्रति आक्रोश जताया। साथ ही शीघ्र मुआवजा न मिलने पर प्रदर्शन की चेतावनी दी।
अजीतमल ब्लॉक क्षेत्र के सौहरी गड़िया, नबलपुर, पुर्वा मदन सिंह, ब्यौरा आदि गांवों के किसान रामप्रकाश दुबे, सुमनलता, राम कुमारी, नरेंद्र रजावत, सत्यप्रकाश आदि ने गुरुवार को जिलाधिकारी को भेजे शिकायती पत्र में बताया कि उनके खेतों के ऊपर 33 हजार केवीए की लाइन निकली है। लगभग दो महीने पहले विभागीय कर्मचारियों ने तारों की मरम्मत के दौरान उनके खेतों में लहलहा रही फसलों को नष्ट कर दिया था। नष्ट फसल का मुआवजा दिए जाने का आश्वासन मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने दिया था।
जिसके लिए कर्मचारियों ने उनके बैंक खाते, आधार कार्ड आदि जमा कराए थे। लेकिन आज तक भुगतान नहीं किया गया है। नष्ट फसल का मुआवजा लेने के लिए वह संबंधित अधिकारियों के अलावा अन्य जिम्मेदारों के चक्कर लगा रहे हैं। मगर न तो उन्हें मुआवजा दिया जा रहा है और न ही सही जानकारी। जिससे वह लोग परेशान हैं। किसानों ने जिलाधिकारी से नष्ट फसल की शीघ्र मुआवजा दिलाए जाने की मांग की। किसानों ने कहा कि यदि उन्हें नष्ट फसल का मुआवजा न मिला तो वह लोग प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
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अजीतमल ब्लॉक क्षेत्र के सौहरी गड़िया, नबलपुर, पुर्वा मदन सिंह, ब्यौरा आदि गांवों के किसान रामप्रकाश दुबे, सुमनलता, राम कुमारी, नरेंद्र रजावत, सत्यप्रकाश आदि ने गुरुवार को जिलाधिकारी को भेजे शिकायती पत्र में बताया कि उनके खेतों के ऊपर 33 हजार केवीए की लाइन निकली है। लगभग दो महीने पहले विभागीय कर्मचारियों ने तारों की मरम्मत के दौरान उनके खेतों में लहलहा रही फसलों को नष्ट कर दिया था। नष्ट फसल का मुआवजा दिए जाने का आश्वासन मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने दिया था।
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जिसके लिए कर्मचारियों ने उनके बैंक खाते, आधार कार्ड आदि जमा कराए थे। लेकिन आज तक भुगतान नहीं किया गया है। नष्ट फसल का मुआवजा लेने के लिए वह संबंधित अधिकारियों के अलावा अन्य जिम्मेदारों के चक्कर लगा रहे हैं। मगर न तो उन्हें मुआवजा दिया जा रहा है और न ही सही जानकारी। जिससे वह लोग परेशान हैं। किसानों ने जिलाधिकारी से नष्ट फसल की शीघ्र मुआवजा दिलाए जाने की मांग की। किसानों ने कहा कि यदि उन्हें नष्ट फसल का मुआवजा न मिला तो वह लोग प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
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