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Auraiya News: जर्जर भवनों में पढ़ रहे बच्चे, टपक रहा बारिश का पानी
Sat, 02 Aug 2025 11:52 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 02 Aug 2025 11:52 PM IST
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दीवारों में चटकन के चलते फैली नमी के बीच बिजली के तार।
- फोटो : दीवारों में चटकन के चलते फैली नमी के बीच बिजली के तार।
औरैया। पचास के करीब परिषदीय स्कूलों के भवन जर्जर हैं। बारिश में भवनों की छत का प्लास्टर उखड़ कर गिर रहा है। छत भी टपक रही है।
बिजली व पेयजल की व्यवस्थाएं भी नाकाफी हैं। स्थिति है कि शिक्षकों की ओर से इसे लेकर लगातार पत्राचार भी किए जा रहे हैं। बावजूद इसके स्कूलों की बिल्डिंगों की मरम्मत नहीं हो पा रही है।
जिले के 50 के करीब स्कूलों में हालत कुछ ऐसी ही है। कुछ स्कूल तो ऐसे हैं, जहां घास व झाड़ियां उगी हुई हैं। यहां जहरीले कीड़े भी काफी हैं। इस खतरे के बीच बच्चों का पठन-पाठन चल रहा है। जर्जर भवन और कीड़ों से बच्चों के साथ-साथ शिक्षक भी दहशत में रहते हैं।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि स्कूलों के जर्जर भवनों की मरम्मत कराने के लिए कहा गया है। ग्राम पंचायत या अन्य किसी व्यवस्था के तहत ये काम कराए जाएंगे। इसके लिए बीईओ को भी सचेत किया गया है।
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दिख रही टपकती छत की सरिया
एरवाकटरा के गांव बल्लपुर राजपुर स्थित कंपोजिट स्कूल की बिल्डिंग जर्जर है। स्कूल में 125 बच्चों का नामांकन है। छत से लेकर दीवारों में दरारें है। यहां तक कि छत टपकती रहती है। बच्चों को शिक्षक इन छतों से दूर रखने के लिए दिनभर रोकते-टोकते हैं। स्कूल के प्रधानाध्यापक घनश्याम रघुवंशी ने बताया कि स्कूल की मरम्मत को लेकर बीआरसी में शिकायत भेजी गई है। फिलहाल मरम्मत का काम नहीं हो सका है।
छत का प्लास्टर उखड़ रहा
अजीतमल के उच्च प्राथमिक विद्यालय आदर्श लक्ष्मी नगर का हाल बहुत बुरा है। जगह जगह छत का प्लास्टर उखड़ रहा है। बरसात का पानी टपक रहा है। स्कूल की प्रधानाध्यापक चंद्र प्रभा में बताया कि बिल्डिंग करीब 72 वर्ष पुरानी है। जिसे ठीक कराने के लिए ब्लॉक में शिकायत की गई है। अभी सुधार नहीं हो सका।
दीवारों में चटकन और सीलन
अजीतमल ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय सबलपुर कंपोजिट में छात्र संख्या 168 है। बिल्डिंग की दीवारों में चटकन है। खास बात तो यह है कि कक्ष के प्रवेश द्वार पर निकले छज्जों का प्लास्टर टूट रहा है। जहां से बच्चों का दिनभर आवागमन होता है। यहां सीलन भी काफी है। प्रधानाध्यापक खालिद सिद्दकी ने बताया कि प्राथमिक व जूनियर की भवन जर्जर हैं। मरम्मत कराई जाएगी।
बारिश के चलते दीवारों में सीलन
ककोर से सटे पुर्वा कढ़ोरे स्थित परिषदीय स्कूल के भवन की दीवारों में चटकन है। ऐसे में बारिश के चलते दीवारों में सीलन है। बिजली के तार भी फैले हुए हैं। यह नमी बिजली के तारों के चलते खतरे का सबब बन सकती है।
भवन है जर्जर
एरवाकटरा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय दोबामाफी का भवन भी जर्जर है। यहां पर तो भवन की बीम का प्लास्टर ही उखड़ गया है। जिसके नीचे बैठकर बच्चे पढ़ाई करते हैं।
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बिजली व पेयजल की व्यवस्थाएं भी नाकाफी हैं। स्थिति है कि शिक्षकों की ओर से इसे लेकर लगातार पत्राचार भी किए जा रहे हैं। बावजूद इसके स्कूलों की बिल्डिंगों की मरम्मत नहीं हो पा रही है।
जिले के 50 के करीब स्कूलों में हालत कुछ ऐसी ही है। कुछ स्कूल तो ऐसे हैं, जहां घास व झाड़ियां उगी हुई हैं। यहां जहरीले कीड़े भी काफी हैं। इस खतरे के बीच बच्चों का पठन-पाठन चल रहा है। जर्जर भवन और कीड़ों से बच्चों के साथ-साथ शिक्षक भी दहशत में रहते हैं।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि स्कूलों के जर्जर भवनों की मरम्मत कराने के लिए कहा गया है। ग्राम पंचायत या अन्य किसी व्यवस्था के तहत ये काम कराए जाएंगे। इसके लिए बीईओ को भी सचेत किया गया है।
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दिख रही टपकती छत की सरिया
एरवाकटरा के गांव बल्लपुर राजपुर स्थित कंपोजिट स्कूल की बिल्डिंग जर्जर है। स्कूल में 125 बच्चों का नामांकन है। छत से लेकर दीवारों में दरारें है। यहां तक कि छत टपकती रहती है। बच्चों को शिक्षक इन छतों से दूर रखने के लिए दिनभर रोकते-टोकते हैं। स्कूल के प्रधानाध्यापक घनश्याम रघुवंशी ने बताया कि स्कूल की मरम्मत को लेकर बीआरसी में शिकायत भेजी गई है। फिलहाल मरम्मत का काम नहीं हो सका है।
छत का प्लास्टर उखड़ रहा
अजीतमल के उच्च प्राथमिक विद्यालय आदर्श लक्ष्मी नगर का हाल बहुत बुरा है। जगह जगह छत का प्लास्टर उखड़ रहा है। बरसात का पानी टपक रहा है। स्कूल की प्रधानाध्यापक चंद्र प्रभा में बताया कि बिल्डिंग करीब 72 वर्ष पुरानी है। जिसे ठीक कराने के लिए ब्लॉक में शिकायत की गई है। अभी सुधार नहीं हो सका।
दीवारों में चटकन और सीलन
अजीतमल ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय सबलपुर कंपोजिट में छात्र संख्या 168 है। बिल्डिंग की दीवारों में चटकन है। खास बात तो यह है कि कक्ष के प्रवेश द्वार पर निकले छज्जों का प्लास्टर टूट रहा है। जहां से बच्चों का दिनभर आवागमन होता है। यहां सीलन भी काफी है। प्रधानाध्यापक खालिद सिद्दकी ने बताया कि प्राथमिक व जूनियर की भवन जर्जर हैं। मरम्मत कराई जाएगी।
बारिश के चलते दीवारों में सीलन
ककोर से सटे पुर्वा कढ़ोरे स्थित परिषदीय स्कूल के भवन की दीवारों में चटकन है। ऐसे में बारिश के चलते दीवारों में सीलन है। बिजली के तार भी फैले हुए हैं। यह नमी बिजली के तारों के चलते खतरे का सबब बन सकती है।
भवन है जर्जर
एरवाकटरा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय दोबामाफी का भवन भी जर्जर है। यहां पर तो भवन की बीम का प्लास्टर ही उखड़ गया है। जिसके नीचे बैठकर बच्चे पढ़ाई करते हैं।