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Auraiya News: बच्चों ने पुराने स्कूलों में की पढ़ाई
Tue, 01 Jul 2025 11:50 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Tue, 01 Jul 2025 11:50 PM IST
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औरैया/बिधूना। कम नामांकन वाले स्कूल मर्ज करने का आदेश फिलहाल खटाई है। स्कूल मर्ज के स्पष्ट आदेश न मिलने के चलते मंगलवार को पहले दिन परिषदीय विद्यालयों में दुविधा की स्थिति रही।
कुछ बच्चे नए स्कूलों में गए तो कुछ अपने पुराने स्कूलों में पहुंचे। पुराने स्कूलों के शिक्षकों उनकी कक्षा लगाई। दरअसल, शासन ने कम नामांकन वाले स्कूलों को मर्ज करने के आदेश दिए थे। आदेश पर जनपद में भी 50 से कम नामांकन बच्चों की संख्या वाले परिषदीय विद्यालय चयनित हुए।
इन स्कूलों के बच्चों को नजदीकी स्कूल में समायोजित करने को कहा गया। इसके लिए विभाग ने सारी तैयारियां भी कर ली थीं। वहीं गर्मी की छुट्टी खत्म होने के बाद मंगलवार को स्कूल खुले तो विभाग खुद असमंजस में दिखा, क्योंकि उन्हें अभी तक कोई स्पष्ट आदेश ही नहीं मिला था।
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ऐसे में मर्ज नीति के जरिए जो स्कूल बंद किए गए थे, उन्हें भी खोला गया और वहां पर आए बच्चों को पढ़ाया गया। बीईओ बिधूना अलकेश कुमार सक्लेचा ने बताया कि स्कूल मर्ज करने के संबंध में कोई स्पष्ट आदेश नहीं मिला है। इसलिए अभी उन्हीं स्कूलों में छात्र अभी पढ़ने जाएंगे।
पहले दिन पांच बच्चे पहुंचे
पूर्व माध्यमिक विद्यालय सवालिया में सहायक अध्यापक संगीता बच्चों पढ़ाते मिली। पहले दिन पांच बच्चे पहुंचे। प्रधानाध्यापक संत कुमार ने बताया पूर्व माध्यमिक विद्यालय मर्ज की सूची में है। ऐसे में आर बीआरसी मीटिंग रखी गई। जबकि स्कूल में सात नए एडमीशन हो गए हैं। गांव जाकर जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है।
भैसलोट स्कूल में प्रथम दिन आठ छात्र पढ़ने पहुंचे। यहां पर शिक्षक विमल कुमार व शिक्षामित्र सुनीता देवी मिली। अध्यापकों ने बताया कि प्रधानाध्यापिका सविता पाल सुबह स्कूल आई थी। बच्चों को प्रार्थना करवाने के बाद वो बीआरसी गई है। वहां पर मर्ज स्कूलों के संबंध में मीटिंग बुलाई गई है।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय गपचारियापुर में मंगलवार को 12 बजे ताला लटकता मिला। स्कूल के गेट लिखा था कि मीटिंग के लिए 10 बजे बीआरसी बिधूना जाना है। सहायक अध्यापक बाबूराम, जानकारी ली गई। पता चला कि एकल शिक्षक होने पर मीटिंग के चलते स्कूल बंद कर दिया गया। जबकि यह स्कूल भी मर्ज करने सूची में है, इसमें 16 बच्चे पिछले वर्ष अंकित थे।
प्रथमिक विद्यालय चकरपुर स्कूल में प्रथम दिन 10 छात्र स्कूल पहुंचे। पिछले वर्ष इस विद्यालय में 20 छात्र दर्ज थे। यह स्कूल मर्ज की सूची में है। प्रथम दिन प्रधानाध्यापक ब्रजकिशोर, सहायक अध्यापक धर्मेंद्र, शिक्षामित्र सुषमा मौजूद मिली। स्कूल में बच्चों पढ़ते दिखे।
भगवानपुर स्कूल में पहले दिन मंगलवार को 46 अंकित छात्रों में 10 छात्र स्कूल पहुंचे। यहां सुबह 10ः55 पर प्रधानाध्यापक अंजूवाला बीआरसी मीटिंग में होने पर वही सहायक अध्यापक राजेश्री छुटटी पर मिलीं। शिक्षामित्र कुसुमा स्कूल में प्रथम बच्चों को पढ़ातीं मिलीं।
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कुछ बच्चे नए स्कूलों में गए तो कुछ अपने पुराने स्कूलों में पहुंचे। पुराने स्कूलों के शिक्षकों उनकी कक्षा लगाई। दरअसल, शासन ने कम नामांकन वाले स्कूलों को मर्ज करने के आदेश दिए थे। आदेश पर जनपद में भी 50 से कम नामांकन बच्चों की संख्या वाले परिषदीय विद्यालय चयनित हुए।
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इन स्कूलों के बच्चों को नजदीकी स्कूल में समायोजित करने को कहा गया। इसके लिए विभाग ने सारी तैयारियां भी कर ली थीं। वहीं गर्मी की छुट्टी खत्म होने के बाद मंगलवार को स्कूल खुले तो विभाग खुद असमंजस में दिखा, क्योंकि उन्हें अभी तक कोई स्पष्ट आदेश ही नहीं मिला था।
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ऐसे में मर्ज नीति के जरिए जो स्कूल बंद किए गए थे, उन्हें भी खोला गया और वहां पर आए बच्चों को पढ़ाया गया। बीईओ बिधूना अलकेश कुमार सक्लेचा ने बताया कि स्कूल मर्ज करने के संबंध में कोई स्पष्ट आदेश नहीं मिला है। इसलिए अभी उन्हीं स्कूलों में छात्र अभी पढ़ने जाएंगे।
पहले दिन पांच बच्चे पहुंचे
पूर्व माध्यमिक विद्यालय सवालिया में सहायक अध्यापक संगीता बच्चों पढ़ाते मिली। पहले दिन पांच बच्चे पहुंचे। प्रधानाध्यापक संत कुमार ने बताया पूर्व माध्यमिक विद्यालय मर्ज की सूची में है। ऐसे में आर बीआरसी मीटिंग रखी गई। जबकि स्कूल में सात नए एडमीशन हो गए हैं। गांव जाकर जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है।
भैसलोट स्कूल में प्रथम दिन आठ छात्र पढ़ने पहुंचे। यहां पर शिक्षक विमल कुमार व शिक्षामित्र सुनीता देवी मिली। अध्यापकों ने बताया कि प्रधानाध्यापिका सविता पाल सुबह स्कूल आई थी। बच्चों को प्रार्थना करवाने के बाद वो बीआरसी गई है। वहां पर मर्ज स्कूलों के संबंध में मीटिंग बुलाई गई है।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय गपचारियापुर में मंगलवार को 12 बजे ताला लटकता मिला। स्कूल के गेट लिखा था कि मीटिंग के लिए 10 बजे बीआरसी बिधूना जाना है। सहायक अध्यापक बाबूराम, जानकारी ली गई। पता चला कि एकल शिक्षक होने पर मीटिंग के चलते स्कूल बंद कर दिया गया। जबकि यह स्कूल भी मर्ज करने सूची में है, इसमें 16 बच्चे पिछले वर्ष अंकित थे।
प्रथमिक विद्यालय चकरपुर स्कूल में प्रथम दिन 10 छात्र स्कूल पहुंचे। पिछले वर्ष इस विद्यालय में 20 छात्र दर्ज थे। यह स्कूल मर्ज की सूची में है। प्रथम दिन प्रधानाध्यापक ब्रजकिशोर, सहायक अध्यापक धर्मेंद्र, शिक्षामित्र सुषमा मौजूद मिली। स्कूल में बच्चों पढ़ते दिखे।
भगवानपुर स्कूल में पहले दिन मंगलवार को 46 अंकित छात्रों में 10 छात्र स्कूल पहुंचे। यहां सुबह 10ः55 पर प्रधानाध्यापक अंजूवाला बीआरसी मीटिंग में होने पर वही सहायक अध्यापक राजेश्री छुटटी पर मिलीं। शिक्षामित्र कुसुमा स्कूल में प्रथम बच्चों को पढ़ातीं मिलीं।