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Auraiya News: आधार कार्ड न दिखाने से पकड़ी गई अभ्यर्थी की करतूत
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औरैया। पुलिस भर्ती परीक्षा 2023 में शामिल एक अभ्यर्थी ने फर्जी अभिलेख लगाकर परीक्षा पास की। अभिलेखों की जांच के दौरान आधार न दिखा पाने से वह पकड़ा गया। मामला सामने आया कि युवक ने नाम बदलकर हाईस्कूल और इंटर दोबारा किया और उन्हीं के अंक पत्र फर्जी बनाकर लगाए थे।
शहर स्थित पुलिस लाइन में पुलिस भर्ती परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों के अभिलेखों की 26 दिसंबर से जांच की जा रही है। शुक्रवार को अभिलेखों की जांच के दौरान भोगांव मैनपुरी निवासी अभ्यर्थी जितेंद्र के हाईस्कूल व इंटर का अंक पत्र देखने के बाद जब जांच अधिकारी ने उससे आधार कार्ड मांगा तो उसने आधार न बनने की बात कही। वैरीफिकेशन के अन्य प्रमाण पत्र न दिखाए जाने पर जांच अधिकारियों को शक हुआ।
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने जितेंद्र का पता पूछकर प्रधान से बात की। तब जानकारी हुई कि युवक ने दो बार हाईस्कूल और इंटर किया है। अभ्यर्थी के पास मौजूद बैग की तलाशी लेने और सख्ती से पूछताछ पर अभिलेख फर्जी होने की पुष्टि हुई। अभ्यर्थी के खिलाफ सदर कोतवाली में मामला दर्ज कर उसे जेल भेजा गया।
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एएसपी आलोक मिश्रा ने बताया कि जितेंद्र के पास जितेंद्र नाम का ही आधार कार्ड था। उसने पहले 2009 में हाईस्कूल और 2011 में इंटर पास किया था। बाद में नाम बदलकर अभिषेक नाम से 2019 में हाईस्कूल और 2021 में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी। जमा किए गए अंकपत्र में नाम और जन्मतिथि बदलकर फर्जी अभिलेख तैयार किए गए थे। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा गया है।
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शहर स्थित पुलिस लाइन में पुलिस भर्ती परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों के अभिलेखों की 26 दिसंबर से जांच की जा रही है। शुक्रवार को अभिलेखों की जांच के दौरान भोगांव मैनपुरी निवासी अभ्यर्थी जितेंद्र के हाईस्कूल व इंटर का अंक पत्र देखने के बाद जब जांच अधिकारी ने उससे आधार कार्ड मांगा तो उसने आधार न बनने की बात कही। वैरीफिकेशन के अन्य प्रमाण पत्र न दिखाए जाने पर जांच अधिकारियों को शक हुआ।
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मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने जितेंद्र का पता पूछकर प्रधान से बात की। तब जानकारी हुई कि युवक ने दो बार हाईस्कूल और इंटर किया है। अभ्यर्थी के पास मौजूद बैग की तलाशी लेने और सख्ती से पूछताछ पर अभिलेख फर्जी होने की पुष्टि हुई। अभ्यर्थी के खिलाफ सदर कोतवाली में मामला दर्ज कर उसे जेल भेजा गया।
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एएसपी आलोक मिश्रा ने बताया कि जितेंद्र के पास जितेंद्र नाम का ही आधार कार्ड था। उसने पहले 2009 में हाईस्कूल और 2011 में इंटर पास किया था। बाद में नाम बदलकर अभिषेक नाम से 2019 में हाईस्कूल और 2021 में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी। जमा किए गए अंकपत्र में नाम और जन्मतिथि बदलकर फर्जी अभिलेख तैयार किए गए थे। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा गया है।

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