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बाढ़ का पानी रोकने के लिए बनवाएं दीवार, रास्ता करें ऊंचा: डीएम
Tue, 13 Jun 2023 12:00 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Tue, 13 Jun 2023 12:00 AM IST
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औरैया। बरसात आने से पहले ही जिले के आला अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित गांवों की चिंता सताने लगी है। इसे लेकर अधिकारियों ने गांवों का स्थलीय निरीक्षण शुरू किया है। सोमवार को जिलाधिकारी ने अजीतमल क्षेत्र के सिकरोड़ी गांव पहुंच कर लोगों की समस्याएं सुनीं। भौगोलिक स्थिति देख बाढ़ के पानी को गांव में जाने से रोकने के लिए दीवार बनवाने व रास्ता ऊंचा कराने के निर्देश दिए।
जिले के यमुना किनारे बसे सदर तहसील के तीन गांव व अजीतमल तहसील के 21 गांव बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आते हैं। इन गांवों में पिछले दो सालों में यमुना के पानी ने कहर बरपाया है। बाढ़ आने पर ग्रामीणों को अपने आशियाने छोड़ कई रातें ऊंचे स्थानों पर बितानी पड़ती हैं। इस बार बरसात का मौसम आने से पहले ही अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित गांवों की चिंता सताने लगी है।
सोमवार को डीएम नेहा प्रकाश ने सीडीओ अनिल कुमार सिंह, एसडीएम अजीतमल अखिलेश कुमार सिंह, तहसीलदार आदि ने बाढ़ प्रभावित गांव सिकरोड़ी का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने सबसे पहले गांव की भौगोलिक स्थिति देखी और संबंधित अधिकारियों को बाढ़ से बचाव के स्थाई समाधान करने के लिए कहा। पानी आने वाले रास्तों की जानकारी लेकर वहां पर मजबूत ऊंची दीवार बनवाने के लिये कहा।
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इसके साथ ही दीवार निर्माण का कार्य मनरेगा के तहत करवाने की बात कही, जिससे ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार मिल सके। इसके बाद जिलाधिकारियों ने ग्रामीणों से मुलाकात कर बाढ़ के दौरान आने वाली समस्याओं की भी जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि गांव से बाहर जाने वाला रास्ता भी ऊंचा करा दिया जाए जिससे कि बाढ़ आदि के समय सड़क न डूबे। जिलाधिकारी ने संज्ञान में लेते हुए खंड विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि सड़क के लिए भी इस्टीमेट तैयार करा लें। उन्होंने गांव में साफ सफाई के लिए प्रधान को निर्देश दिए।
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जिले के यमुना किनारे बसे सदर तहसील के तीन गांव व अजीतमल तहसील के 21 गांव बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आते हैं। इन गांवों में पिछले दो सालों में यमुना के पानी ने कहर बरपाया है। बाढ़ आने पर ग्रामीणों को अपने आशियाने छोड़ कई रातें ऊंचे स्थानों पर बितानी पड़ती हैं। इस बार बरसात का मौसम आने से पहले ही अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित गांवों की चिंता सताने लगी है।
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सोमवार को डीएम नेहा प्रकाश ने सीडीओ अनिल कुमार सिंह, एसडीएम अजीतमल अखिलेश कुमार सिंह, तहसीलदार आदि ने बाढ़ प्रभावित गांव सिकरोड़ी का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने सबसे पहले गांव की भौगोलिक स्थिति देखी और संबंधित अधिकारियों को बाढ़ से बचाव के स्थाई समाधान करने के लिए कहा। पानी आने वाले रास्तों की जानकारी लेकर वहां पर मजबूत ऊंची दीवार बनवाने के लिये कहा।
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इसके साथ ही दीवार निर्माण का कार्य मनरेगा के तहत करवाने की बात कही, जिससे ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार मिल सके। इसके बाद जिलाधिकारियों ने ग्रामीणों से मुलाकात कर बाढ़ के दौरान आने वाली समस्याओं की भी जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि गांव से बाहर जाने वाला रास्ता भी ऊंचा करा दिया जाए जिससे कि बाढ़ आदि के समय सड़क न डूबे। जिलाधिकारी ने संज्ञान में लेते हुए खंड विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि सड़क के लिए भी इस्टीमेट तैयार करा लें। उन्होंने गांव में साफ सफाई के लिए प्रधान को निर्देश दिए।