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Auraiya News: यातायात नियम तोड़ने में पांचवीं गलती पड़ेगी भारी, दुर्घटना में नहीं मिलेगा बीमा क्लेम

Mon, 23 Feb 2026 11:45 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Mon, 23 Feb 2026 11:45 PM IST
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Breaking traffic rules for the fifth time will be costly, and insurance claims will not be available in case of an accident.
औरैया। सड़क पर लापरवाही अब केवल चालान भरकर नहीं छूटेगी। एक साल में पांच या उससे अधिक बार यातायात के नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों को दुर्घटना की स्थिति में बीमा क्लेम से वंचित किया जा सकता है।
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एक जनवरी से लागू हुई इस नई व्यवस्था ने जिले के हजारों वाहन चालकों के लिए स्पष्ट संदेश दे दिया है कि बार-बार की गलती अब सीधे आर्थिक सुरक्षा पर प्रहार करेगी।
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परिवहन विभाग ने ऐसे चालकों का रिकॉर्ड सारथी पोर्टल पर अपडेट करना शुरू कर दिया है। अब बीमा कंपनियां भी इस पोर्टल से सीधे जुड़ चुकी हैं। पहले जहां बीमा कंपनियों को क्लेम पास करने से पहले विभाग से लिखित जानकारी लेनी पड़ती थी, वहीं अब वह ऑनलाइन लॉगइन कर वाहन चालक के नियम तोड़ने का पूरा इतिहास देख सकेंगी।
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यदि किसी चालक ने वर्ष भर में पांच या उससे अधिक चालान कटवाए हैं तो क्लेम रोकने या अस्वीकार करने का अधिकार कंपनियों के पास होगा। संभागीय परिवहन विभाग ने वर्ष 2025 में 118 चालकों के लाइसेंस पर कार्रवाई की थी। इनमें 91 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित तो 27 लाइसेंस बार-बार नियम तोड़ने पर निरस्त किए गए थे। यानी औसतन हर तीन दिन में एक चालक पर कार्रवाई हुई।

400 से अधिक चालक खतरे की रेखा पर
विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में 400 से ज्यादा ऐसे वाहन चालक हैं, जिनका तीन बार तक चालान कट चुका है। यदि इन चालकों ने दोबारा लापरवाही की तो वह भी हाई रिस्क श्रेणी में आ सकते हैं। इसका मतलब होगा कि बीमा क्लेम पर सीधा खतरा।

इसलिए लिया गया निर्णय
जिले में बीते वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले वर्ष 351 सड़क हादसे हुए, जिसमें 146 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। तेज रफ्तार, बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट, मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग, ओवरलोडिंग और विपरीत दिशा में वाहन चलाने के कारण हादसों में कई परिवार प्रभावित हुए। अब तक बार-बार चालान भरने के बाद भी चालकों के व्यवहार में बड़ा बदलाव नहीं दिखा। ऐसे में बीमा क्लेम को नियम पालन से जोड़कर सख्ती का रास्ता चुना गया है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि जुर्माना कई बार मामूली साबित होता है, लेकिन यदि दुर्घटना के बाद लाखों रुपये का बीमा क्लेम रुक जाए तो यह चालक के लिए बड़ा झटका होगा। यही डर नियम पालन सुनिश्चित करने में कारगर साबित हो सकता है।

ऐसे काम करेगी नई व्यवस्था
- वर्ष के भीतर पांच या उससे अधिक उल्लंघन दर्ज होने पर चालक का रिकॉर्ड चिह्नित होगा।
- बीमा कंपनी क्लेम से पहले पोर्टल पर उल्लंघनों की संख्या जांचेगी।
- आदतन उल्लंघन की स्थिति में क्लेम रोका या अस्वीकार किया जा सकता है।
- लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण की कार्रवाई अलग से जारी की जाएगी।

ऐसा होगा आर्थिक असर
मान लीजिए किसी वाहन की दुर्घटना में तीन से पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ। यदि चालक आदतन उल्लंघनकर्ता की श्रेणी में पाया गया तो बीमा कंपनी भुगतान रोक सकती है। ऐसे में पूरा आर्थिक भार वाहन स्वामी को खुद उठाना पड़ सकता है। यही कारण है कि परिवहन विभाग इसे केवल दंडात्मक कदम नहीं, बल्कि व्यवहार परिवर्तन अभियान के रूप में देख रहा है।


जिले में पिछले वर्ष 118 लाइसेंस पर कार्रवाई हुई है। बड़ी संख्या में वाहन चालक तीन से चार बार तक नियम तोड़ते हुए पकड़े जा चुके हैं। ऐसे में अबकी गई गलती उनके बीमा क्लेम को रुकवा सकती है। जरूरी है कि यातायात नियमों का पालन कर खुद को व अन्य लोगों को भी सुरक्षित रखें।
- एनसी शर्मा, एआरटीओ
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