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ब्लड बैंक की मशीनें चालू, लाइसेंस रिन्यूवल की प्रक्रिया शुरू
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औरैया। सात साल से बंद पड़े संयुक्त जिला अस्पताल के ब्लड बैंक की मशीनें चालू कर दी गई हैं। साथ ही ब्लड बैंक के लाइसेंस का रिन्यूवल कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। मालूम हो कि बंद ब्लड बैंक के मुद्दे को अमर उजाला ने प्रमुखता से छापा है। खबर का असर यह रहा कि बीते दिनों आयुक्त कानपुर मंडल ने समीक्षा बैठक में इस बारे में जानकारी की और ब्लड बैंक को चालू कराने के निर्देश दिए। इसके बाद से इस दिशा में तेजी से कार्य चल रहा है।
बंद पड़े ब्लड बैंक की मशीनें मंगलवार को इंजीनियरों ने चालू कर दी हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने ड्रग इंस्पेक्टर मुकेश पालीवाल से लाइसेंस रिन्यूवल के लिए चर्चा की है। उन्होंने सभी मशीनों को चालू व कागजी कार्रवाई पूरी कर फार्म 27-सी भरने को कहा है। इसके बाद डीएलए (ड्रग लाइसेंस अथॉरटी) लखनऊ से टीम आकर निरीक्षण करेगी। इसके बाद लाइसेंस का रिन्यूवल होगा।
बता दें ब्लड बैैंक के लिए लाइसेंस मई 2012 में जारी हुआ था। अस्पताल में तैनात पैथालॉजिस्ट के स्थानांतरण के बाद ब्लड बैंक बंद हो गया था। साथ ही एकत्र पांच यूनिट ब्लड को सैफई भेज दिया गया था। लाइसेंस की वैधता मई 2017 में समाप्त हो गई थी, जिसके रिन्यूवल की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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उधर, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. लाखन सिंह ने बताया कि शासन से भेजे गए इंजीनियरों ने ब्लड बैंक की मशीनें चालू कर दी हैं। लाइसेंस को रिन्यूवल कराने की प्रक्रिया चल रही है। साथ ही जो मशीनें कम है उनकी पूर्ति की जाएगी। जल्द ही पैथालॉजिस्ट तैनात हो जाएंगे। उनके आते ही जो मशीनें कम हैं, उनकी सूची बनाकर शासन को भेजी जाएगी।
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बंद पड़े ब्लड बैंक की मशीनें मंगलवार को इंजीनियरों ने चालू कर दी हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने ड्रग इंस्पेक्टर मुकेश पालीवाल से लाइसेंस रिन्यूवल के लिए चर्चा की है। उन्होंने सभी मशीनों को चालू व कागजी कार्रवाई पूरी कर फार्म 27-सी भरने को कहा है। इसके बाद डीएलए (ड्रग लाइसेंस अथॉरटी) लखनऊ से टीम आकर निरीक्षण करेगी। इसके बाद लाइसेंस का रिन्यूवल होगा।
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बता दें ब्लड बैैंक के लिए लाइसेंस मई 2012 में जारी हुआ था। अस्पताल में तैनात पैथालॉजिस्ट के स्थानांतरण के बाद ब्लड बैंक बंद हो गया था। साथ ही एकत्र पांच यूनिट ब्लड को सैफई भेज दिया गया था। लाइसेंस की वैधता मई 2017 में समाप्त हो गई थी, जिसके रिन्यूवल की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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उधर, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. लाखन सिंह ने बताया कि शासन से भेजे गए इंजीनियरों ने ब्लड बैंक की मशीनें चालू कर दी हैं। लाइसेंस को रिन्यूवल कराने की प्रक्रिया चल रही है। साथ ही जो मशीनें कम है उनकी पूर्ति की जाएगी। जल्द ही पैथालॉजिस्ट तैनात हो जाएंगे। उनके आते ही जो मशीनें कम हैं, उनकी सूची बनाकर शासन को भेजी जाएगी।