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Auraiya News: भाजपा ने निरंजन ज्योति और सपा ने खेला रुक्मिणी कार्ड
Sat, 28 Mar 2026 12:03 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 28 Mar 2026 12:03 AM IST
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फोटो-22-सांसद गीता शाक्य। संवाद
औरैया। निषाद, मल्लाह व केवट समाज के वोटबैंक को साधने के लिए सत्तापक्ष व विपक्ष में खेल शुरू हो गया है। भाजपा के बाद अब सपा ने भी अपना कार्ड खेल दिया है।
भाजपा ने जहां निरंजन ज्योति को आगे किया है तो वहीं सपा ने दस्यु और पूर्व सांसद फूलन देवी की बहन रुक्मिणी निषाद को महिला सभा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में निषाद, केवट व मल्लाह समाज का 80 फीसदी से अधिक वोट भाजपा व उसके सहयोगी दलों को मिला था। इससे प्रदेश में भाजपा सरकार बनने में इस समाज का बंपर समर्थन हासिल हुआ था। इसके बाद वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में इस समाज का अधिकांश वोट भाजपा से खिसक गया। इससे प्रदेश में राजग को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली थी।
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यही स्थिति वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भी देखने को मिली और सपा को समर्थन हासिल होने से सीटों का ग्राफ तेजी से बढ़ा था। इस चुनाव में निषाद समाज की नेता साध्वी निरंजन ज्योति को भी फतेहपुर लोकसभा सीट से हार का सामना करना पड़ा था।
इसे भाजपा ने गंभीरता से लिया और 2027 के चुनाव में इस समाज को फिर से अपने पाले में करने के लिए बीते सप्ताह ही महामंडलेश्वर व निषाद समाज की प्रभावी नेता साध्वी निरंजन ज्योति को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष बनाया था।
अब सपा ने भी इस समाज को प्रभावित करने के लिए निषाद कार्ड खेल दिया। सपा ने पूर्व में मिर्जापुर से सांसद रहीं फूलनदेवी की बड़ी बहन औरैया निवासी रुक्मिणी निषाद को महिला सभा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। जानकारों का कहना है कि सपा ने रुक्मिणी कार्ड खेलकर भाजपा की चाल पर चाल चली है।
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जिले की दो महिलाएं आमने-सामने
सूबे की राजनीति में अब औरैया का दखल तेजी से बढ़ रहा है। भाजपा ने जिले के बिधूना की रहने वाली व पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष गीता शाक्य को भाजपा महिला मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। वह राज्यसभा की सदस्य भी हैं। अब सपा ने औरैया के गांव बूढ़ादाना की रहने वाली रुक्मिणी निषाद को महिला सभा का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया है। ऐसे में अब दोनों ही आमने-सामने हैं।
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भाजपा ने जहां निरंजन ज्योति को आगे किया है तो वहीं सपा ने दस्यु और पूर्व सांसद फूलन देवी की बहन रुक्मिणी निषाद को महिला सभा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है।
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वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में निषाद, केवट व मल्लाह समाज का 80 फीसदी से अधिक वोट भाजपा व उसके सहयोगी दलों को मिला था। इससे प्रदेश में भाजपा सरकार बनने में इस समाज का बंपर समर्थन हासिल हुआ था। इसके बाद वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में इस समाज का अधिकांश वोट भाजपा से खिसक गया। इससे प्रदेश में राजग को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली थी।
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यही स्थिति वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भी देखने को मिली और सपा को समर्थन हासिल होने से सीटों का ग्राफ तेजी से बढ़ा था। इस चुनाव में निषाद समाज की नेता साध्वी निरंजन ज्योति को भी फतेहपुर लोकसभा सीट से हार का सामना करना पड़ा था।
इसे भाजपा ने गंभीरता से लिया और 2027 के चुनाव में इस समाज को फिर से अपने पाले में करने के लिए बीते सप्ताह ही महामंडलेश्वर व निषाद समाज की प्रभावी नेता साध्वी निरंजन ज्योति को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष बनाया था।
अब सपा ने भी इस समाज को प्रभावित करने के लिए निषाद कार्ड खेल दिया। सपा ने पूर्व में मिर्जापुर से सांसद रहीं फूलनदेवी की बड़ी बहन औरैया निवासी रुक्मिणी निषाद को महिला सभा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। जानकारों का कहना है कि सपा ने रुक्मिणी कार्ड खेलकर भाजपा की चाल पर चाल चली है।
जिले की दो महिलाएं आमने-सामने
सूबे की राजनीति में अब औरैया का दखल तेजी से बढ़ रहा है। भाजपा ने जिले के बिधूना की रहने वाली व पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष गीता शाक्य को भाजपा महिला मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। वह राज्यसभा की सदस्य भी हैं। अब सपा ने औरैया के गांव बूढ़ादाना की रहने वाली रुक्मिणी निषाद को महिला सभा का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया है। ऐसे में अब दोनों ही आमने-सामने हैं।

फोटो-22-सांसद गीता शाक्य। संवाद