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Auraiya News: भक्ति, ज्ञान व वैराग्य को सिखाती है भागवत कथा
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऐरवाकटरा। क्षेत्र के बहादुरपुर रुरु में आयोजित भागवत कथा में शनिवार को आचार्य नंद किशोर द्विवेदी ने भागवत कथा का वर्णन किया। आचार्य ने भागवत कथा का शब्द विच्छेदन भ-भक्ति, ग-ज्ञान, व-वैराग्य और त-त्याग। कहा कि जो कथा में भक्ति, ज्ञान, वैराग्य सिखाकर त्याग, तपस्या के मार्ग से मोक्ष तक ले जाए वही कथा भागवत होती है।
आचार्य ने कथा का वर्णन करते हुए बताया कि जिस प्रकार रामायण हमें जीना सिखाती है, महाभारत हमें रहना और गीता हमें कार्य करने का उपदेश देती है। उसी प्रकार भागवत कथा का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह हमें मरना सिखाती है। हमें जीवन के अंत समय में किस तरह और क्या कार्य करने चाहिए इस कथा से सीखने को मिलता हैं। उन्होंने कहा की जीवन में आने वाली समस्याओं से भागता है, उसे समस्याएं अपने नजदीक खींच लेती हैं। इसलिए भागवत उपदेश देती है कि समस्याओं से भाग मत यानी इन समस्याओं पर विजय प्राप्त करें। इस दौरान कथा संयोजक गौरव सेंगर, परीक्षित सोनू सिंह, प्रीति देवी, विक्रम प्रताप सिंह कुशवाह, सत्यपाल सिंह सेंगर, जगपाल सिंह सेंगर, ब्रम्हपाल सिंह, उदयप्रताप आदि मौजूद रहे।
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ऐरवाकटरा। क्षेत्र के बहादुरपुर रुरु में आयोजित भागवत कथा में शनिवार को आचार्य नंद किशोर द्विवेदी ने भागवत कथा का वर्णन किया। आचार्य ने भागवत कथा का शब्द विच्छेदन भ-भक्ति, ग-ज्ञान, व-वैराग्य और त-त्याग। कहा कि जो कथा में भक्ति, ज्ञान, वैराग्य सिखाकर त्याग, तपस्या के मार्ग से मोक्ष तक ले जाए वही कथा भागवत होती है।
आचार्य ने कथा का वर्णन करते हुए बताया कि जिस प्रकार रामायण हमें जीना सिखाती है, महाभारत हमें रहना और गीता हमें कार्य करने का उपदेश देती है। उसी प्रकार भागवत कथा का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह हमें मरना सिखाती है। हमें जीवन के अंत समय में किस तरह और क्या कार्य करने चाहिए इस कथा से सीखने को मिलता हैं। उन्होंने कहा की जीवन में आने वाली समस्याओं से भागता है, उसे समस्याएं अपने नजदीक खींच लेती हैं। इसलिए भागवत उपदेश देती है कि समस्याओं से भाग मत यानी इन समस्याओं पर विजय प्राप्त करें। इस दौरान कथा संयोजक गौरव सेंगर, परीक्षित सोनू सिंह, प्रीति देवी, विक्रम प्रताप सिंह कुशवाह, सत्यपाल सिंह सेंगर, जगपाल सिंह सेंगर, ब्रम्हपाल सिंह, उदयप्रताप आदि मौजूद रहे।
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