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Auraiya News: एक सप्ताह में तीन बार कटी बंबा की पटरी, 450 बीघा धान जलमग्न
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संवाद न्यूज एजेंसी
बेला।
क्षेत्र के पृथ्वीपुर के पास कंसुआ बंबा की पटरी शनिवार दोपहर एक बार फिर कट गई। इससे गांव पृथ्वीपुर, सिमरापूर्वा की 450 बीघा जमीन पर रोपी हुई धान की फसल जलमग्न हो गई। सूचना के 20 घंटे बाद सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। तब जाकर जेसीबी की मदद से खंदी को बंद करवाया।
कन्नौज से गुजरी गंग नहर से निकला कंसुआ बंबा धरमंगदपुर, अमृतपुर, सिरयावा, छैहरी, पृथ्वीपुर, सिमरापूर्वा, नौसारा, होते हुए कानपुर देहात की तरफ गया हुआ है। शनिवार दोपहर को खेतों पर काम करने पहुंचे किसानों को ग्राम पंचायत हरदू के मजरा पृथ्वीपुर के पास बंबा की पटरी कटी मिली। इस पर किसानों ने आनन-फानन में सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पटरी कट जाने की जानकारी दी। टीम शनिवार को पटरी दुरुस्त करने नहीं पहुंची। जिससे किसान विजय सिंह, महेंद्र, संतोष, विश्वनाथ, अवधेश, विनोद, बलवान सिंह, प्रताप सिंह, रामजी, दिग्विजय, साहब सिंह, पहचान सिंह, समेत कई किसानों की 450 बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई। इससे किसानों में रोष है।
रविवार को सिंचाई विभाग के अवर अभियंता जितेंद्र कुमार व मेट रमाकांत जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचे और खंदी को बंद करवाया। अवर अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि पानी का बहाव अधिक होने की वजह से बंबा की पटरी कट जा रही है। इससे पहले गुरुवार व मंगलवार को भी पटरी इसी स्थान पर कट गई थी। बंबा में पानी बहने के दौरान पक्का निर्माण भी नहीं हो सकता है।
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फोटो-
नाला बंद होने से डूबी किसानों की 100 बीघा फसल
औरैया। बंसी के ग्राम प्रधान प्रह्लाद कुमार ने बताया कि कि खेतों के बगल में 49 बीघा का एक तालाब है जिसमें गांव का पानी जाता है तालाब का पानी जब ओवर फ्लो होता है तो खेतों में जाता है तालाब के निकासी के लिए एक नाला बना हुआ है नाला में खेत के ही लोग उसे कूड़ा करकट डाल देते जिससे वह तालाब जाम हो गया है अभी 6 महीने पहले ही तालाब की सफाई कराई गई थी और अब सूचना मिली है तो नाले को साफ करा कर जलनिकासी समस्या को दूर किया जाएगा।
अछल्दा ब्लॉक के बंसी गांव का पानी नाले से होकर अछल्दा-सलेमपुर रजवहे में जाकर मिलता है। नाला चोक होने की वजह से जिससे शुक्रवार को बारिश के दौरान ओवर फ़्लो हुए तालाब का पानी किसानों के खेतों में भर गया। जिससे किसान रामनरेश , नीरज कुमार, अशोक बाथम, वीरेंद्र कुमार, अजय कुमार, अवनीश, सहित अन्य किसानों की 100 बीघा धान की फसल डूब गई। किसानों ने बताया कि गांव के कुछ लोगों ने अपने खेतों के सामने नाले में कचड़ा डाल कर नाला बंद कर दिया है। इसको लेकर वे तहसील दिवस में भी शिकायत कर चुके हैं। नाला न खुलवाए जाने से उनकी फसल डूब गई है। संवाद
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बेला।
क्षेत्र के पृथ्वीपुर के पास कंसुआ बंबा की पटरी शनिवार दोपहर एक बार फिर कट गई। इससे गांव पृथ्वीपुर, सिमरापूर्वा की 450 बीघा जमीन पर रोपी हुई धान की फसल जलमग्न हो गई। सूचना के 20 घंटे बाद सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। तब जाकर जेसीबी की मदद से खंदी को बंद करवाया।
कन्नौज से गुजरी गंग नहर से निकला कंसुआ बंबा धरमंगदपुर, अमृतपुर, सिरयावा, छैहरी, पृथ्वीपुर, सिमरापूर्वा, नौसारा, होते हुए कानपुर देहात की तरफ गया हुआ है। शनिवार दोपहर को खेतों पर काम करने पहुंचे किसानों को ग्राम पंचायत हरदू के मजरा पृथ्वीपुर के पास बंबा की पटरी कटी मिली। इस पर किसानों ने आनन-फानन में सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पटरी कट जाने की जानकारी दी। टीम शनिवार को पटरी दुरुस्त करने नहीं पहुंची। जिससे किसान विजय सिंह, महेंद्र, संतोष, विश्वनाथ, अवधेश, विनोद, बलवान सिंह, प्रताप सिंह, रामजी, दिग्विजय, साहब सिंह, पहचान सिंह, समेत कई किसानों की 450 बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई। इससे किसानों में रोष है।
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रविवार को सिंचाई विभाग के अवर अभियंता जितेंद्र कुमार व मेट रमाकांत जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचे और खंदी को बंद करवाया। अवर अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि पानी का बहाव अधिक होने की वजह से बंबा की पटरी कट जा रही है। इससे पहले गुरुवार व मंगलवार को भी पटरी इसी स्थान पर कट गई थी। बंबा में पानी बहने के दौरान पक्का निर्माण भी नहीं हो सकता है।
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नाला बंद होने से डूबी किसानों की 100 बीघा फसल
औरैया। बंसी के ग्राम प्रधान प्रह्लाद कुमार ने बताया कि कि खेतों के बगल में 49 बीघा का एक तालाब है जिसमें गांव का पानी जाता है तालाब का पानी जब ओवर फ्लो होता है तो खेतों में जाता है तालाब के निकासी के लिए एक नाला बना हुआ है नाला में खेत के ही लोग उसे कूड़ा करकट डाल देते जिससे वह तालाब जाम हो गया है अभी 6 महीने पहले ही तालाब की सफाई कराई गई थी और अब सूचना मिली है तो नाले को साफ करा कर जलनिकासी समस्या को दूर किया जाएगा।
अछल्दा ब्लॉक के बंसी गांव का पानी नाले से होकर अछल्दा-सलेमपुर रजवहे में जाकर मिलता है। नाला चोक होने की वजह से जिससे शुक्रवार को बारिश के दौरान ओवर फ़्लो हुए तालाब का पानी किसानों के खेतों में भर गया। जिससे किसान रामनरेश , नीरज कुमार, अशोक बाथम, वीरेंद्र कुमार, अजय कुमार, अवनीश, सहित अन्य किसानों की 100 बीघा धान की फसल डूब गई। किसानों ने बताया कि गांव के कुछ लोगों ने अपने खेतों के सामने नाले में कचड़ा डाल कर नाला बंद कर दिया है। इसको लेकर वे तहसील दिवस में भी शिकायत कर चुके हैं। नाला न खुलवाए जाने से उनकी फसल डूब गई है। संवाद