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Auraiya News: हरियाणा व दिल्ली के तीन और आरोपियों की जमानत याचिका खारिज
Sat, 25 Apr 2026 12:32 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 25 Apr 2026 12:32 AM IST
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औरैया। दिबियापुर थाना क्षेत्र के गांव ककोर में निर्माणाधीन जिला जजी से सरिया चोरी करने के आरोपियों को अदालत से बड़ा झटका लगा है।
अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम पारुल जैन ने आरोपी सागर, विशाल और लाखन की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। इससे पहले एक आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। आरोपी हरियाणा के करनाल, पानीपत व दिल्ली के रहने वाले हैं।
अनेका इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर मनोज कुमार ने बताया कि 31 मार्च को चोरों ने निर्माणाधीन कोर्ट बिल्डिंग प्रोजेक्ट साइट से सरिया पार कर दी थी। पुलिस ने विवेचना के दौरान हरियाणा के करनाल निवासी सागर, दिल्ली के विशाल और पानीपत निवासी लाखन सहित 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी का माल बरामद करने का दावा किया था। बाद में सागर, विशाल, लाखन ने कोर्ट में जमानत के लिए कोर्ट में याचिका दायर की।
बृहस्पतिवार को जमानत पर कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। दलील दी गई कि चोरी की घटना के 60 घंटे बाद भी माल का घटनास्थल के पास मिलना अविश्वसनीय है और गिरफ्तारी का कोई स्वतंत्र गवाह नहीं है। वहीं अभियोजन पक्ष ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि आरोपियों ने सह-अभियुक्तों के साथ मिलकर सरकारी निर्माण कार्य की सामग्री चुराई है, जो एक गंभीर अपराध है।
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दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने तीनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी गई। कोर्ट इसी मामले के एक अन्य सह-अभियुक्त हर्ष उर्फ चुन्नू की जमानत खारिज कर चुकी है।
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अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम पारुल जैन ने आरोपी सागर, विशाल और लाखन की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। इससे पहले एक आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। आरोपी हरियाणा के करनाल, पानीपत व दिल्ली के रहने वाले हैं।
अनेका इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर मनोज कुमार ने बताया कि 31 मार्च को चोरों ने निर्माणाधीन कोर्ट बिल्डिंग प्रोजेक्ट साइट से सरिया पार कर दी थी। पुलिस ने विवेचना के दौरान हरियाणा के करनाल निवासी सागर, दिल्ली के विशाल और पानीपत निवासी लाखन सहित 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी का माल बरामद करने का दावा किया था। बाद में सागर, विशाल, लाखन ने कोर्ट में जमानत के लिए कोर्ट में याचिका दायर की।
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बृहस्पतिवार को जमानत पर कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। दलील दी गई कि चोरी की घटना के 60 घंटे बाद भी माल का घटनास्थल के पास मिलना अविश्वसनीय है और गिरफ्तारी का कोई स्वतंत्र गवाह नहीं है। वहीं अभियोजन पक्ष ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि आरोपियों ने सह-अभियुक्तों के साथ मिलकर सरकारी निर्माण कार्य की सामग्री चुराई है, जो एक गंभीर अपराध है।
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दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने तीनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी गई। कोर्ट इसी मामले के एक अन्य सह-अभियुक्त हर्ष उर्फ चुन्नू की जमानत खारिज कर चुकी है।