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औरैयाः लॉकडाउन से डिपो को लगा 7.10 करोड़ का झटका, लॉकडाउन के चलते संचालन बंद
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औरैया में वैश्विक महामारी के चलते लॉकडाउन के बाद से रोडवेज की बसों का संचालन बंद रहा। औरैया डिपो में इस दौरान 71 दिनों से बसें खड़ी हैं। इससे डिपो को यात्री किराए के रूप में 7.10 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।
परिवहन विभाग के औरैया डिपो के पास वर्तमान में 73 बसों का बेड़ा हैं। इनके संचालन के लिए डिपो के पास 183 चालक और 180 परिचालक है। लॉकडाउन के चलते 21 मार्च की शाम से बसों का संचालन बंद हो गया था। 31 मई तक 71 दिन बसों का संचालन पूरी तरह से ठप रहा है।
बसें न चलने से डिपो को यात्री किराए के रूप में आय शून्य रही है। पिछले एक साल में डिपो को प्रतिदिन की औसत 10 से 12 लाख के बीच है। यदि प्रतिदिन 10 लाख रुपये भी मान लिया जाए तो 71 दिनों में 7.10 करोड़ रुपये यात्री किराए के रूप में औरैया डिपो को नुकसान उठाना पड़ा है।
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विभागीय सूत्रों की माने तो पिछले साल 2019 में 22 मार्च से अप्रैल 2010 और मई 2019 की आय को मिलाकर औरैया डिपो को सात करोड़ 49 लाख रुपये की यात्रियों से आय हुई थी। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि डिपो को अब तक का यह सबसे बड़ा घाटा हुआ है।
पहली बार इतने अधिक दिनों तक बसों को डिपो में खड़ा करना पड़ा। हालांकि अनलाक-वन में रोडवेज बसों के संचालन के लिए हरी झंडी मिलने की उम्मीद दिखाई देने लगी है। पर रविवार की देर रात तक प्रदेश शासन से कोई शासनादेश डिपो के अधिकारियों को प्राप्त नहीं हो सका था।
एआरएम रमाशंकर चौधरी ने बताया कि लॉकडाउन के चलते बसों का संचालन न होने से डिपो की आय पर असर पड़ा है। शासन के निर्देश पर प्रवासियों को उनके गृह जनपद पहुंचाने में बसों को भेजा गया। शासन से मिलने वाले धन से कुछ फायदा जरूर होगा। साथ ही बताया कि अनलॉक-वन के पहले दिन एक जून से बसों के संचालन उम्मीद नजर आने लगी है।
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परिवहन विभाग के औरैया डिपो के पास वर्तमान में 73 बसों का बेड़ा हैं। इनके संचालन के लिए डिपो के पास 183 चालक और 180 परिचालक है। लॉकडाउन के चलते 21 मार्च की शाम से बसों का संचालन बंद हो गया था। 31 मई तक 71 दिन बसों का संचालन पूरी तरह से ठप रहा है।
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बसें न चलने से डिपो को यात्री किराए के रूप में आय शून्य रही है। पिछले एक साल में डिपो को प्रतिदिन की औसत 10 से 12 लाख के बीच है। यदि प्रतिदिन 10 लाख रुपये भी मान लिया जाए तो 71 दिनों में 7.10 करोड़ रुपये यात्री किराए के रूप में औरैया डिपो को नुकसान उठाना पड़ा है।
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विभागीय सूत्रों की माने तो पिछले साल 2019 में 22 मार्च से अप्रैल 2010 और मई 2019 की आय को मिलाकर औरैया डिपो को सात करोड़ 49 लाख रुपये की यात्रियों से आय हुई थी। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि डिपो को अब तक का यह सबसे बड़ा घाटा हुआ है।
पहली बार इतने अधिक दिनों तक बसों को डिपो में खड़ा करना पड़ा। हालांकि अनलाक-वन में रोडवेज बसों के संचालन के लिए हरी झंडी मिलने की उम्मीद दिखाई देने लगी है। पर रविवार की देर रात तक प्रदेश शासन से कोई शासनादेश डिपो के अधिकारियों को प्राप्त नहीं हो सका था।
एआरएम रमाशंकर चौधरी ने बताया कि लॉकडाउन के चलते बसों का संचालन न होने से डिपो की आय पर असर पड़ा है। शासन के निर्देश पर प्रवासियों को उनके गृह जनपद पहुंचाने में बसों को भेजा गया। शासन से मिलने वाले धन से कुछ फायदा जरूर होगा। साथ ही बताया कि अनलॉक-वन के पहले दिन एक जून से बसों के संचालन उम्मीद नजर आने लगी है।