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औरैया : स्कूलों में नौनिहालों को प्यास बुझाने में बना खतरा
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फोटो-06एयूआरपी-06-सहार ब्लाक के इंग्लिश मीडियम स्कूल पुरवा खगन में पानी पीते बच्चे। संवाद
- फोटो : AURAIYA
औरैया। मानकों को दरकिनार कर परिषदीय विद्यालयों के हैंडपंपों में डाले गए सबमर्सिबल बच्चों की जान के लिए खतरा बन गए हैं। किसी सबमर्सिबल पंप में तार कटे हैं तो कहीं फिटिंग घटिया है। यह जरा सा दबाव पड़ते ही फट जाती और तार कट जाते हैं। इस कारण हैंडपंप में करंट आ जाता है। जिले में हैंडपंप में करंट उतरने की शिकायतें आए दिन आती रहती हैं, लेकिन इसे कोई संजीदगी से नहीं ले रहा था। हरदोई में हैंडपंप में उतरे करंट से छात्रा की मौत के बाद यह मामला गर्मा गया है। अब व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को पानी मुहैया कराने का जिम्मा प्रदेश सरकार ने कुछ स्कूलों में उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) तो कुछ में ग्राम पंचायत को दिया था। कायाकल्प योजना के तहत स्कूलों में सबमर्सिबल पंप लगाने थे। इसके साथ ही पानी की टंकी रखकर किचन, शौचालय और मल्टीपल हैंडवाश यूनिट तक पानी पहुंचाना था।
नियम स्पष्ट न होने से योजना में खानापूरी की गई। ज्यादातर स्कूलों में अलग से बोरिंग कराने की बजाय पहले से लगे इंडिया मार्का हैंडपंप में ही सबमर्सिबल पंप डाल दिए गए। इसके अलावा सबमर्सिबल का बिजली कनेक्शन करते वक्त मानकों की अनदेखी की गई। इसमें घटिया केबल डाले गए और मानक के अनुसार फिटिंग नहीं की गई। सब कुछ जानते हुए जिम्मेदार अनजान बने हैं। जिले के 1265 परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों के अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
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मिशन कायाकल्प के तहत जिले के परिषदीय विद्यालयों में 19 पैरामीटरों पर काम किया जा रहा है। इसमें बच्चों को शुद्ध पानी की व्यवस्था सबसे अहम है। बावजूद इसके जिम्मेदार इसकी अनदेखी करते चले आ रहे हैं। आज तक किसी ने योजना की हकीकत जांचना तो दूर ठीक से समझना तक उचित नहीं समझा। स्थिति यह है कि जिम्मेदारों को यह तक नहीं पता कि स्कूलों में नई बोरिंग कराकर हैंडपंप लगाना था या फिर पहले से लगे इंडिया मार्का हैंडपंप में ही सबमर्सिबल डाले जाने थे। पूछने पर कहते हैं जानकारी की जा रही है।
यूपीपीसीएल को बेसिक शिक्षा विभाग ने 260 विद्यालयों की सूची मुहैया कराई थी, जिसमें सबमर्सिबल लगने थे। इसमें से 160 विद्यालयों में सबमर्सिबल पंप लगाए गए हैं। अभी 100 विद्यालयों में काम होना बाकी है।
जिले में हैंडपंप में सबमर्सिबल डालने और पानी की किस तरह की व्यवस्था की गई, इसकी हकीकत जांची जाएगी। अभी कुछ दिन ही चार्ज लिए हुए हैं। किसी भी विद्यालय में कोई खामी या लापरवाही बरती जा रही है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। बच्चों को सुरक्षित रखकर शिक्षित करना हमारा दायित्व है। -विपिन कुमार, बीएसए।
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परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को पानी मुहैया कराने का जिम्मा प्रदेश सरकार ने कुछ स्कूलों में उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) तो कुछ में ग्राम पंचायत को दिया था। कायाकल्प योजना के तहत स्कूलों में सबमर्सिबल पंप लगाने थे। इसके साथ ही पानी की टंकी रखकर किचन, शौचालय और मल्टीपल हैंडवाश यूनिट तक पानी पहुंचाना था।
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नियम स्पष्ट न होने से योजना में खानापूरी की गई। ज्यादातर स्कूलों में अलग से बोरिंग कराने की बजाय पहले से लगे इंडिया मार्का हैंडपंप में ही सबमर्सिबल पंप डाल दिए गए। इसके अलावा सबमर्सिबल का बिजली कनेक्शन करते वक्त मानकों की अनदेखी की गई। इसमें घटिया केबल डाले गए और मानक के अनुसार फिटिंग नहीं की गई। सब कुछ जानते हुए जिम्मेदार अनजान बने हैं। जिले के 1265 परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों के अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
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मिशन कायाकल्प के तहत जिले के परिषदीय विद्यालयों में 19 पैरामीटरों पर काम किया जा रहा है। इसमें बच्चों को शुद्ध पानी की व्यवस्था सबसे अहम है। बावजूद इसके जिम्मेदार इसकी अनदेखी करते चले आ रहे हैं। आज तक किसी ने योजना की हकीकत जांचना तो दूर ठीक से समझना तक उचित नहीं समझा। स्थिति यह है कि जिम्मेदारों को यह तक नहीं पता कि स्कूलों में नई बोरिंग कराकर हैंडपंप लगाना था या फिर पहले से लगे इंडिया मार्का हैंडपंप में ही सबमर्सिबल डाले जाने थे। पूछने पर कहते हैं जानकारी की जा रही है।
यूपीपीसीएल को बेसिक शिक्षा विभाग ने 260 विद्यालयों की सूची मुहैया कराई थी, जिसमें सबमर्सिबल लगने थे। इसमें से 160 विद्यालयों में सबमर्सिबल पंप लगाए गए हैं। अभी 100 विद्यालयों में काम होना बाकी है।
जिले में हैंडपंप में सबमर्सिबल डालने और पानी की किस तरह की व्यवस्था की गई, इसकी हकीकत जांची जाएगी। अभी कुछ दिन ही चार्ज लिए हुए हैं। किसी भी विद्यालय में कोई खामी या लापरवाही बरती जा रही है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। बच्चों को सुरक्षित रखकर शिक्षित करना हमारा दायित्व है। -विपिन कुमार, बीएसए।

फोटो-06एयूआरपी-07- ऐरवाकटरा ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय ईश्वरपुर में सबमर्सिबल से पानी पीते बच्चे। ?- फोटो : AURAIYA

फोटो-06एयूआरपी-08-सहायल के प्राथमिक विद्यालय मनधवन में पानी पीते बच्चे। संवाद- फोटो : AURAIYA

फोटो-06एयूआरपी-09- बिधूना के फीडर रोड स्थित स्कूल में पानी पीते बच्चे। संवाद- फोटो : AURAIYA