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औरैयाः घोटाले के पचड़े में नहीं फंसना चाहते अफसर, साधी चुप्पी

Tue, 23 Aug 2022 12:07 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 23 Aug 2022 12:07 AM IST
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Auraiya: Officers do not want to get caught in the scam, simple silence
28 मई के अंक में प्रकाशित खबर। संवाद - फोटो : AURAIYA
औरैया। समाज कल्याण विभाग में पिछले दो सालों में वृद्धावस्था पेंशन व अनुसूचित जाति अत्याचार मद में हुए लाखों के घोटाले में अफसर महीनों से चुप्पी साधे बैठे हैं। विभागीय अफसरों से लेकर जिले के जिम्मेदार कार्रवाई के पचड़े में नहीं फंसना चाहते हैं। इधर, मुख्यमंत्री द्वारा अफसरों के कार्यों की समीक्षा की बात कहे जाने के बाद एक फिर से हलचल शुरू हो गई है। सीडीओ ने कार्रवाई के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी को पत्र लिखा है।
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ज्ञात हो कि वृद्धावस्था पेंशन के 558 लाभार्थियों के खाते बदलकर वित्तीय वर्ष 2020-21 में 65 लाख का तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारियों व लिपिकों ने मिलकर घोटाला किया था। इस मामले में शासन और मंडल स्तर पर हुई जांच के बाद एफआईआर कराने के निर्देश दिए गए। इस मामले में कार्रवाई नहीं हो सकी।
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इधर अनुसूचित जाति अत्याचार मद में पटल सहायक आकाश गौतम, कंप्यूटर आपरेटर मनोज कुमार, चतुर्थ श्रेणी कर्मी संदीप व लेखाकार वासिफ पर खाते बदलकर चहेतों को लाभ पहुंचाने में 25 लाख का घोटाला किया गया। इन दोनों मामलों में शासन स्तर पर कार्रवाई कराने के निर्देश हुए। अहम बात यह है कि जिले के जिम्मेदार अफसर व विभागीय अधिकारियों ने अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं कराई।
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इतना ही नहीं घोटाले के चलते कई अन्य योजनाओं का क्रियान्वयन भी नहीं हो पा रहा है। विभाग में आने वाले लाभार्थी योजनाओं की जानकारी के लिए चक्कर लगा रहे हैं। वहीं, दो दिन पहले ही मुख्यमंत्री ने जिले के अफसरों के कार्यों की समीक्षा किए जाने की चर्चा की तो अफसरों ने फिर तेजी पकड़ी है।
सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने कहा कि समाज कल्याण विभाग में हुए घोटाले को लेकर जांच रिपोर्ट के आधार पर समाज कल्याण अधिकारी को कार्रवाई के लिए कहा गया है। सोमवार को एक बार फिर से पत्र देकर मामले में किस स्तर पर कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी की गई है। मामला गंभीर है, जल्द इसमें एफआईआर कराई जाएगी।

बंद अलमारी से निकाले जाएंगे रिकार्ड
अनुसूचित जाति अत्याचार मद का काम संभाल रहे लिपिक आकाश गौतम ने कई फाइलों को एक अलमारी में बंद करके रखा था। विभागीय जांच चलने और लिपिक के न आने पर जांच के साथ अन्य कार्य प्रभावित थे। इस पर समाज कल्याण अधिकारी ने अलमारी का ताला खुलवाने के लिए अनुमति मांगी है। बताया कि एक समिति गठित कर अलमारी का ताला खुलवाया जाएगा। जिसके बाद विभागीय फाइलों को निकाल कर अन्य रिकार्ड खंगाले जाएंगे।
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