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80 लाख का बजट हुआ खर्च, सड़कों पर नजर नहीं आ रहे संकेतक
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फोटो03एयूआरपी 01- दिबियापुर रोड पर नहर पुल की सकरी पुलिया पर नहीं लगा कोई सांकेतक व रिफ्लेक्टर। संव?
- फोटो : AURAIYA
औरैया। लोक निर्माण विभाग ने जिले में सड़कों पर सुरक्षा के नाम पर वर्ष 2020-21 में 80 लाख रुपये का खर्च कर दिया है। लोनिवि अधिकारी यह दावा करते नहीं थक रहे हैं। रोड सेफ्टी के नाम पर हो रही बैठकों में उठाए जाने वाले मुद्दों पर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में यात्रियों की जान से खिलवाड़ बदस्तूर जारी है।
जिले में सड़कों पर रोड सेफ्टी के नाम पर खर्च किया जाने वाला बजट सिर्फ कागजों तक ही सीमित होकर रह गया है। विभागीय अधिकारियों की ओर से एक-दो स्थानों पर रोड सेफ्टी के नाम पर काम करवाकर उनकी फोटो फाइलों में लगाकर अधिकारियों को संतुष्ट कर अपने दायित्व की इतिश्री कर ली।
इसके बाद अन्य सड़कों पर सेफ्टी के नाम पर कुछ काम नहीं हुआ। सड़कों पर दूर-दूर तक संकेतक नजर नहीं आ रहे हैं। इसकी हकीकत शहर समेत जिले के पीडब्ल्यूडी के अधीन आने वाले मार्ग पर देखी जा सकती है।
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शहर में दिबियापुर रोड पर नहर के ऊपर बनी पुलिया सकरी है। यहां किसी भी प्रकार के संकेतक नहीं लगा है। जो पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों के दावों की पोल खोलता नजर आ रहा है। इस पुलिया पर एक साथ दो वाहन नहीं निकल सकते हैं। रात के समय इधर से गुजरने वाले को पुलिया होने का अंदाजा तब लगता है, जब वह पुलिया पर पहुंच जाता है, लेकिन तब तक उसको संभलने का भी मौका नहीं मिलता है।
दिबियापुर से फफूंद तिराहे की तरफ जाने वाले मार्ग पर बनाए गए मानक विहीन स्पीड ब्रेकर व उन पर सफेद रंग की पट्टी न डाली गई है। इसके साथ ही फफूंद तिराहे से कचहरी जाने वाले मार्ग पर मोड़ होने का कोई संकेतक नहीं लगा है। जो विभाग की लापरवाही को उजागर करता दिखाई दे रहा है। रोड किनारे स्थित स्कूलों को जाने वाले मार्ग पर कहीं भी स्कूल होने का संकेतक नहीं लगा है।
रूरूगंज क्षेत्र में भी कुछ इसी तरह का नजारा है। अछल्दा-बिधूना मार्ग पर रूरूगंज जनता इंटर कॉलेज के पास खतरनाक मोड़ होने के बावजूद भी पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से कोई भी संकेतक नहीं लगाया गया है। यहां अक्सर तेज रफ्तार वाहन सवार हादसे का शिकार हो जाते हैं।
बिधूना से मुख्यालय के लिए जाने वाले बिधूना-रामगढ़ मार्ग पर भसोरा पुल से लेकर लगभग 150 मीटर के दायरे में तीन खतरनाक मोड़ हैं। इसके बाद भी यहां न तो रिफ्लेक्टर लगे हैं और न ही खतरनाक मोड़ होने के संकेतक लगे हैं। 10 नवंबर को यहां पर हुई बाइक-लोडर की भिडंत में बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई थी। जबकि दो अन्य घायल हो गए थे।
वाहवाही का राग अलाप रहे जिम्मेदार
सत्र 2020-21 में रोड सेफ्टी पर खर्च करने के लिए 80 लाख रुपये आए थे। जिनसे जिले भर में संकेतक बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, क्रास लाइन, जेब्रा लाइन आदि बनवाए गए हैं। ताकि वाहन चालकों व राहगीरों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो सके। - अनिल कुमार जाटव, अधिशाषी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, औरैया
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जिले में सड़कों पर रोड सेफ्टी के नाम पर खर्च किया जाने वाला बजट सिर्फ कागजों तक ही सीमित होकर रह गया है। विभागीय अधिकारियों की ओर से एक-दो स्थानों पर रोड सेफ्टी के नाम पर काम करवाकर उनकी फोटो फाइलों में लगाकर अधिकारियों को संतुष्ट कर अपने दायित्व की इतिश्री कर ली।
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इसके बाद अन्य सड़कों पर सेफ्टी के नाम पर कुछ काम नहीं हुआ। सड़कों पर दूर-दूर तक संकेतक नजर नहीं आ रहे हैं। इसकी हकीकत शहर समेत जिले के पीडब्ल्यूडी के अधीन आने वाले मार्ग पर देखी जा सकती है।
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शहर में दिबियापुर रोड पर नहर के ऊपर बनी पुलिया सकरी है। यहां किसी भी प्रकार के संकेतक नहीं लगा है। जो पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों के दावों की पोल खोलता नजर आ रहा है। इस पुलिया पर एक साथ दो वाहन नहीं निकल सकते हैं। रात के समय इधर से गुजरने वाले को पुलिया होने का अंदाजा तब लगता है, जब वह पुलिया पर पहुंच जाता है, लेकिन तब तक उसको संभलने का भी मौका नहीं मिलता है।
दिबियापुर से फफूंद तिराहे की तरफ जाने वाले मार्ग पर बनाए गए मानक विहीन स्पीड ब्रेकर व उन पर सफेद रंग की पट्टी न डाली गई है। इसके साथ ही फफूंद तिराहे से कचहरी जाने वाले मार्ग पर मोड़ होने का कोई संकेतक नहीं लगा है। जो विभाग की लापरवाही को उजागर करता दिखाई दे रहा है। रोड किनारे स्थित स्कूलों को जाने वाले मार्ग पर कहीं भी स्कूल होने का संकेतक नहीं लगा है।
रूरूगंज क्षेत्र में भी कुछ इसी तरह का नजारा है। अछल्दा-बिधूना मार्ग पर रूरूगंज जनता इंटर कॉलेज के पास खतरनाक मोड़ होने के बावजूद भी पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से कोई भी संकेतक नहीं लगाया गया है। यहां अक्सर तेज रफ्तार वाहन सवार हादसे का शिकार हो जाते हैं।
बिधूना से मुख्यालय के लिए जाने वाले बिधूना-रामगढ़ मार्ग पर भसोरा पुल से लेकर लगभग 150 मीटर के दायरे में तीन खतरनाक मोड़ हैं। इसके बाद भी यहां न तो रिफ्लेक्टर लगे हैं और न ही खतरनाक मोड़ होने के संकेतक लगे हैं। 10 नवंबर को यहां पर हुई बाइक-लोडर की भिडंत में बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई थी। जबकि दो अन्य घायल हो गए थे।
वाहवाही का राग अलाप रहे जिम्मेदार
सत्र 2020-21 में रोड सेफ्टी पर खर्च करने के लिए 80 लाख रुपये आए थे। जिनसे जिले भर में संकेतक बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, क्रास लाइन, जेब्रा लाइन आदि बनवाए गए हैं। ताकि वाहन चालकों व राहगीरों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो सके। - अनिल कुमार जाटव, अधिशाषी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, औरैया

फोटो03एयूआरपी 02- फफूंद रोड पर बंबा की पुलिया के पास नहीं लगा सांकेतक व रिफ्लेक्टर। संवाद- फोटो : AURAIYA

फोटो03एयूआरपी 03- रूरूगंज जनता इंटर कालेज की तरफ जाने वाले रास्ते पर खतरनाक मोड़ के पास नहीं लगा कोई - फोटो : AURAIYA

फोटो03एयूआरपी 04- बिधूना-रामगढ़ मार्ग पर भसोरा पुल के पास बना अंधा मोड़। संवाद- फोटो : AURAIYA