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हत्या के मुकदमे की विवेचना गैर जनपद स्थानांतरित किए जाने की मांग की
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फोटो26एयूआरपी 34- ककोर मुख्यालय में मौजूद पीड़ित रजनीश दीक्षित। संवाद
- फोटो : AURAIYA
ककोर। एक माह पूर्व दिबियापुर थाना क्षेत्र के गांव गहेसर में युवक की गोली मारकर हत्या किए जाने में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस नहीं कर सकी है। मृतक के भाई ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए विवेचना गैर जनपद स्थानांतरित किए जाने की मांग की है।
रजनीश दीक्षित ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायतीपत्र में आरोप लगाया कि पीड़ित के बताने के विपरीत पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। उसने पुलिस को हत्या से पहले भाई को घर से ले जाने वाले का नाम बताया था।
उसका नाम एफआईआर में दर्ज नहीं हैं। आरोप लगाया कि दो पुलिस अधिकारी आरोपियों की जाति के हैं। एफआईआर में नामित आरोपियों ने ट्रैक्टर बेचकर पुलिस को पैसे से अपने पक्ष में कर लिया है।
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जिनके नाम रिपोर्ट दर्ज है, उन्हें गिरफ्तार न करके दूसरे लोगों को मारपीट करके पैसा वसूला जा रहा है। नामजद आरोपियों ने उसके घर घुसकर पूर्व में कई बार हमला किया था और आग भी लगा दी थी। उस घटना में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
बता दें कि 24 फरवरी की रात लगभग नौ बजे गांव गहेसर निवासी विनय दीक्षित घर से टहलने की बात कहकर निकला था, लेकिन पूरी रात घर नहीं लौटा था। 25 फरवरी को साधौ सिंह के खेत में बनी नाली में विनय का शव पड़ा मिला था।
विनय को गोलियां मारीं गईं थीं। मृतक के भाई रजनीश दीक्षित ने गांव के ही राहुल उर्फ पंडा, गौरव यादव, संजीव व राजकुमार यादव के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि मामला उनकी जानकारी में नहीं आया है। यदि कोई प्रार्थना पत्र मिलता, तो उस पर विचार किया जाएगा।
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रजनीश दीक्षित ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायतीपत्र में आरोप लगाया कि पीड़ित के बताने के विपरीत पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। उसने पुलिस को हत्या से पहले भाई को घर से ले जाने वाले का नाम बताया था।
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उसका नाम एफआईआर में दर्ज नहीं हैं। आरोप लगाया कि दो पुलिस अधिकारी आरोपियों की जाति के हैं। एफआईआर में नामित आरोपियों ने ट्रैक्टर बेचकर पुलिस को पैसे से अपने पक्ष में कर लिया है।
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जिनके नाम रिपोर्ट दर्ज है, उन्हें गिरफ्तार न करके दूसरे लोगों को मारपीट करके पैसा वसूला जा रहा है। नामजद आरोपियों ने उसके घर घुसकर पूर्व में कई बार हमला किया था और आग भी लगा दी थी। उस घटना में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
बता दें कि 24 फरवरी की रात लगभग नौ बजे गांव गहेसर निवासी विनय दीक्षित घर से टहलने की बात कहकर निकला था, लेकिन पूरी रात घर नहीं लौटा था। 25 फरवरी को साधौ सिंह के खेत में बनी नाली में विनय का शव पड़ा मिला था।
विनय को गोलियां मारीं गईं थीं। मृतक के भाई रजनीश दीक्षित ने गांव के ही राहुल उर्फ पंडा, गौरव यादव, संजीव व राजकुमार यादव के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि मामला उनकी जानकारी में नहीं आया है। यदि कोई प्रार्थना पत्र मिलता, तो उस पर विचार किया जाएगा।