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कहीं तबेले में तब्दील सचिवालय, तो कहीं जर्जर
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फोटो 25 एयूआरपी15 - मधुपुर पंचायत में कब्जा जमाए अन्ना मवेशी। संवाद
- फोटो : AURAIYA
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औरैया। प्रदेश सरकार ने हर ग्राम पंचायत में ग्राम सचिवालय की स्थापना के निर्देश दिए हैं। लेकिन यह निर्देश स्थानीय अफसरों के लिए मुसीबत बन गए हैं। दरअसल गांव में बने ज्यादातर पंचायत भवन (सचिवालय) अवैध कब्जे के शिकार हैं। कई जगहों पर ग्रामीणों ने कब्जे कर तबेले बना दिए गए है तो कुछ भवन जर्जर हालत में है।
शासन ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्थापित पंचायत भवन में ग्राम सचिवालय बनवाने का निर्णय लिया है। जहां पहले से सचिवालय बने हैं। उन्हें दुरुस्त कर क्रियाशील करने को कहा गया है। पंचायतीराज विभाग को 15 अगस्त तक सभी सचिवालयों को दुरुस्त कराने का निर्देश दिए गए हैं। यही नहीं प्रत्येक पंचायत में एक पंचायत सहायक, कम सहायक एकाउंटेंट भी तैनात होगा। जनपद में 477 ग्राम पंचायत हैं। जिनमें 257 पंचायत भवन बने हैं। हालांकि इनमें पचास सचिवालय देखरेख के अभाव में बदहाल हो गए हैं। शासन ने इनका नया निर्माण कराने के निर्देश दिए हैं। उधर, ज्यादातर सचिवालय भवन अवैध कब्जे का शिकार हैं। गांव के दबंग सचिवालय भवनों में या तो मवेशी बांध रहे हैं या खरपतवार रखे हुए हैं।
220 में 55 का पूरा हुआ निर्माण
पिछले वर्ष शासन से जिले की 220 ग्राम पंचायतों में सचिवालय भवन बनवाने की स्वीकृति मिली थी। इनमें अब तक सिर्फ 55 का निर्माण पूरा हो सका है। शेष का निर्माण कार्य चल रहा है।
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मधुपुर पंचायत भवन छुट्टा पशुओं का बना अड्डा
सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत मधुपुर ग्राम पंचायत में नवनिर्मित अधूरा बना पंचायत घर छुट्टा पशुओं का अड्डा बना हुआ है। वहीं, इस भवन का ऑनलाइन लोकार्पण किया जा चुका है। कमोबेश यही स्थिति ब्लॉक सहार ग्राम पुर्वा फकीरे के पंचायत भवन की है। यहां के जर्जर पंचायत भवन से अराजकतत्व खिड़की और सरिया तक उखाड़ ले गए हैं।
बोले जिम्मेदार
जिन ग्राम पंचायतों में पहले से पंचायत भवन हैं। उनका मरम्मतीकरण कराया जा रहा है। जहां नहीं हैं। वहां निर्माण कराया जा रहा है। अगस्त माह तक सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों में मिनी सचिवालय की सुविधाओं से युक्त किया जाना है। इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
-संदीप वर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी
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शासन ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्थापित पंचायत भवन में ग्राम सचिवालय बनवाने का निर्णय लिया है। जहां पहले से सचिवालय बने हैं। उन्हें दुरुस्त कर क्रियाशील करने को कहा गया है। पंचायतीराज विभाग को 15 अगस्त तक सभी सचिवालयों को दुरुस्त कराने का निर्देश दिए गए हैं। यही नहीं प्रत्येक पंचायत में एक पंचायत सहायक, कम सहायक एकाउंटेंट भी तैनात होगा। जनपद में 477 ग्राम पंचायत हैं। जिनमें 257 पंचायत भवन बने हैं। हालांकि इनमें पचास सचिवालय देखरेख के अभाव में बदहाल हो गए हैं। शासन ने इनका नया निर्माण कराने के निर्देश दिए हैं। उधर, ज्यादातर सचिवालय भवन अवैध कब्जे का शिकार हैं। गांव के दबंग सचिवालय भवनों में या तो मवेशी बांध रहे हैं या खरपतवार रखे हुए हैं।
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220 में 55 का पूरा हुआ निर्माण
पिछले वर्ष शासन से जिले की 220 ग्राम पंचायतों में सचिवालय भवन बनवाने की स्वीकृति मिली थी। इनमें अब तक सिर्फ 55 का निर्माण पूरा हो सका है। शेष का निर्माण कार्य चल रहा है।
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मधुपुर पंचायत भवन छुट्टा पशुओं का बना अड्डा
सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत मधुपुर ग्राम पंचायत में नवनिर्मित अधूरा बना पंचायत घर छुट्टा पशुओं का अड्डा बना हुआ है। वहीं, इस भवन का ऑनलाइन लोकार्पण किया जा चुका है। कमोबेश यही स्थिति ब्लॉक सहार ग्राम पुर्वा फकीरे के पंचायत भवन की है। यहां के जर्जर पंचायत भवन से अराजकतत्व खिड़की और सरिया तक उखाड़ ले गए हैं।
बोले जिम्मेदार
जिन ग्राम पंचायतों में पहले से पंचायत भवन हैं। उनका मरम्मतीकरण कराया जा रहा है। जहां नहीं हैं। वहां निर्माण कराया जा रहा है। अगस्त माह तक सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों में मिनी सचिवालय की सुविधाओं से युक्त किया जाना है। इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
-संदीप वर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी