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विद्यालयों में शौचालय अधूरे, पानी की भी व्यवस्था नहीं
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फोटो 04 एयूआरपी 18 - कलापुर विद्यालय में क्षतिग्रस्त पड़ी ढलान।
- फोटो : AURAIYA
औरैया। कोरोना काल के बाद अब परिषदीय विद्यालय खुले हैं। इस पर उनकी वास्तविक स्थिति भी सामने आ रही है। किसी विद्यालय में फर्श उखड़ा दिख रहा है तो किसी में दरवाजे टूटे पड़े हैं। अधिकांश विद्यालयों के शौचालय जर्जर हैं। कहीं हैंडपंप खराब होने पानी की दिक्कत है। शासन की ओर से इन परिषदीय विद्यालयों के लिए बनाई गई कायाकल्प योजना सिर्फ कुछ विद्यालयों तक सिमट कर रह गई है।
कंपोजिट विद्यालय में टाइल्स का काम अधूरा
सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत भासौन के कंपोजिट विद्यालय में टाइल्स का कार्य अधूरा पड़ा है। टाइल्स उखड़ने भी लगे हैं। मॉडल शौचालय का निर्माण आधा-अधूरा पड़ा है। प्रधानाध्यापक राजा सिंह ने बताया कि विद्यालय में 158 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। परिसर में इंटरलॉकिंग का कार्य भी नहीं कराया गया है। साफ-सफाई के लिए एक कर्मचारी की तैनाती है, लेकिन एक साल से विद्यालय नहीं आया है। स्वयं के प्रयासों से ही साफ-सफाई करानी पड़ रही है।
बाउंड्री के अभाव में ग्रामीण डाल रहे घूरा
सदर ब्लॉक के गांव स्वरूप नगर के प्राथमिक विद्यालय में 124 बच्चे पंजीकृत हैं। ग्राम पंचायत से कायाकल्प का कोई कार्य नहीं कराया गया है। विद्यालय परिसर में बाउंड्रीवाल न होने से ग्रामीण यहां घूरा आदि डाल रहे हैं। विद्यालय के मूत्रालय में ग्रामीणों ने लकड़ी भर दी हैं। जिससे विद्यालय के शिक्षकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मूत्रालय की स्थिति भी खराब पड़ी है। प्रधानाध्यापक दारा सिंह ने बताया कि कई बार ग्राम प्रधान से कहा गया, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। पंचायत सचिव ने भी विद्यालय में आने की जहमत नहीं उठाई है।
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कायाकल्प के नाम पर नहीं लगा एक धेला
सदर ब्लॉक के गांव कलापुर के प्राथमिक विद्यालय में कायाकल्प के नाम पर एक रुपया खर्च नहीं किया गया है। शौचालय की हालत भी खराब पड़ी है। विद्यालय में बिजली का कनेक्शन नहीं है। सबमर्सिबल भी नहीं लगा है। हालांकि हैंडपंप से विद्यालय के बच्चों की प्यास बुझ रही है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति शौचालय व मूत्रालय की है। हेडमास्टर सरिता ने बताया कि इस संबंध में पंचायत सचिव को अवगत कराया जा चुका है।
दो हैंडपंप में एक खराब, दूसरे का पानी पीने योग्य नहीं
अयाना (औरैया)। प्राथमिक विद्यालय अयाना में पीने के लिए साफ पानी की व्यवस्था नहीं है। विद्यालय परिसर में दो हैंडपंप लगे हुए हैं, जिसमें एक रिबोर के लिए पड़ा है जबकि दूसरे हैंडपंप का पानी पीने योग्य नहीं है। इसके अलावा विद्यालय परिसर में एक शौचालय जर्जर हालत में है। नए शौचालय में पानी की टंकी नहीं है। शौचालय में गंदगी फैली पड़ी है। सबमर्सिबल की बोरिंग भी नहीं है।
प्रधानाध्यापिका शिखा मिश्रा ने बताया कि कई बार हैंडपंप के रिबोर के लिए जलनिगम से लिखित शिकायत की। पानी की टंकी और सबमर्सिबल के लिए विभाग को भी कई बार पत्र दिया, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
अधिकारी बोले
परिषदीय विद्यालयों में कायाकल्प के दौरान जहां भी अनियमितता हुई है। वहां पर जांच कराई जाएगी, जो विद्यालय कायाकल्प से वंचित रह गए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना में शामिल कर काम शुरू कराया जाएगा।
-संदीप वर्मा, डीपीआरओ
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कंपोजिट विद्यालय में टाइल्स का काम अधूरा
सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत भासौन के कंपोजिट विद्यालय में टाइल्स का कार्य अधूरा पड़ा है। टाइल्स उखड़ने भी लगे हैं। मॉडल शौचालय का निर्माण आधा-अधूरा पड़ा है। प्रधानाध्यापक राजा सिंह ने बताया कि विद्यालय में 158 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। परिसर में इंटरलॉकिंग का कार्य भी नहीं कराया गया है। साफ-सफाई के लिए एक कर्मचारी की तैनाती है, लेकिन एक साल से विद्यालय नहीं आया है। स्वयं के प्रयासों से ही साफ-सफाई करानी पड़ रही है।
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बाउंड्री के अभाव में ग्रामीण डाल रहे घूरा
सदर ब्लॉक के गांव स्वरूप नगर के प्राथमिक विद्यालय में 124 बच्चे पंजीकृत हैं। ग्राम पंचायत से कायाकल्प का कोई कार्य नहीं कराया गया है। विद्यालय परिसर में बाउंड्रीवाल न होने से ग्रामीण यहां घूरा आदि डाल रहे हैं। विद्यालय के मूत्रालय में ग्रामीणों ने लकड़ी भर दी हैं। जिससे विद्यालय के शिक्षकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मूत्रालय की स्थिति भी खराब पड़ी है। प्रधानाध्यापक दारा सिंह ने बताया कि कई बार ग्राम प्रधान से कहा गया, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। पंचायत सचिव ने भी विद्यालय में आने की जहमत नहीं उठाई है।
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कायाकल्प के नाम पर नहीं लगा एक धेला
सदर ब्लॉक के गांव कलापुर के प्राथमिक विद्यालय में कायाकल्प के नाम पर एक रुपया खर्च नहीं किया गया है। शौचालय की हालत भी खराब पड़ी है। विद्यालय में बिजली का कनेक्शन नहीं है। सबमर्सिबल भी नहीं लगा है। हालांकि हैंडपंप से विद्यालय के बच्चों की प्यास बुझ रही है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति शौचालय व मूत्रालय की है। हेडमास्टर सरिता ने बताया कि इस संबंध में पंचायत सचिव को अवगत कराया जा चुका है।
दो हैंडपंप में एक खराब, दूसरे का पानी पीने योग्य नहीं
अयाना (औरैया)। प्राथमिक विद्यालय अयाना में पीने के लिए साफ पानी की व्यवस्था नहीं है। विद्यालय परिसर में दो हैंडपंप लगे हुए हैं, जिसमें एक रिबोर के लिए पड़ा है जबकि दूसरे हैंडपंप का पानी पीने योग्य नहीं है। इसके अलावा विद्यालय परिसर में एक शौचालय जर्जर हालत में है। नए शौचालय में पानी की टंकी नहीं है। शौचालय में गंदगी फैली पड़ी है। सबमर्सिबल की बोरिंग भी नहीं है।
प्रधानाध्यापिका शिखा मिश्रा ने बताया कि कई बार हैंडपंप के रिबोर के लिए जलनिगम से लिखित शिकायत की। पानी की टंकी और सबमर्सिबल के लिए विभाग को भी कई बार पत्र दिया, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
अधिकारी बोले
परिषदीय विद्यालयों में कायाकल्प के दौरान जहां भी अनियमितता हुई है। वहां पर जांच कराई जाएगी, जो विद्यालय कायाकल्प से वंचित रह गए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना में शामिल कर काम शुरू कराया जाएगा।
-संदीप वर्मा, डीपीआरओ