औरैया। विकास खंड भाग्य नगर के कृषि विज्ञान केंद्र परवाहा में आयोजित कृषि गोष्ठी में एसडीएम ने किसानों को आगाह किया कि पराली जलाने पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से बेहतर इसका भूसा बनाकर गोशाला पहुंचाएं और कमाई बढ़ाएं। उपजिलाधिकारी सदर रमेश यादव ने कहा कि पराली को खेत अथवा गड्ढे में ही कंपोस्ट के रूप में प्रयोग करें। यदि किसी भी व्यक्ति ने पराली, कूड़ा अथवा औद्योगिक अपशिष्ट जलाया तो जुर्माने के साथ गिरफ्तारी भी हो सकती है।
उन्होंने कहा कि पिछले साल तहसील औरैया में फसल के अवशेष जलाने की 11 घटनाएं हुई थी। इस बार इन घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रत्येक गांव में लेखपाल को नोडल अधिकारी बनाया गया है। यदि किसी गांव में घटना होती है तो संबंधित किसान के साथ साथ ग्राम प्रधान पर भी कार्रवाई की जाएगी। उपकृषि निदेशक विजय कुमार ने कहा कि पराली का भूसा पहुंचाने वाले को जिला पंचायत राज विभाग द्वारा भुगतान किया जाएगा। इस संबंध में अपने ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव एवं सहायक विकास अधिकारी पंचायत से संपर्क कर सकते हैं। उप कृषि निदेशक ने कृषक उत्पादक संगठन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, कृषि यंत्रीकरण योजना, सोलर पंप योजना एवं रबी मौसम हेतु कृषि निवेश की भी जानकारी दी। गोष्ठी में डॉ. रश्मि यादव ने महिला किसानों को पोषण माह से संबंधित कार्यक्रमों की जानकारी दी। यहां कृषि विज्ञान केंद्र डॉ. अनंत कुमार, डॉ. एस के सिंह, डॉ. आईपी सिंह व डॉ अंकुर झा उपस्थित रहे।