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आठ क्रय केंद्र बंद, बढ़ेंगी समस्याएं
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औरैया। जिले में एक बार फिर आठ धान केंद्रों को बंद कर दिया गया है। इसकी वजह नैफेड कंपनी का समय से किसानों को भुगतान न करना है। इससे पहले फारमर प्रोड्यूसर कंपनी की ओर से भुगतान में देरी किए जाने से 11 क्रय केंद्र बंद किए जा चुके हैं। अब कुल 25 केंद्रों पर ही धान की खरीद की जाएगी। इससे कंचौसी और सहायल के किसानों को परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं।
15 अक्तूबर से जिले में शुरू हुई धान खरीद के लिए जिले भर में सबसे पहले 21 क्रय केंद्र खोले गए थे। शासन की ओर से जिले को इस बार 50 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। क्रय केंद्रों की संख्या को कम देखते हुए नवंबर में 23 क्रय केंद्र बढ़ाकर इनकी संख्या 44 कर दी गई थी। इससे किसानों की काफी परेशानी दूर हुई। हालांकि इस दौरान टोकन देरी से मिलने की समस्या बराबर रही। अहम बात यह है कि धीरे-धीरे यह समस्या दूर होने लगी, लेकिन अब क्रय केंद्रों को कम किया जाने लगा है। इससे आने वाले समय में किसानों को समस्याओं से ज्यादा रूबरू होना पड़ सकता है।
डिप्टी आरएमओ सुधांशु शेखर ने बताया कि पिछले दिनों 11 क्रय केंद्रों को बंद कर दिया गया। इसकी वजह फारमर प्रोड्यूसर कंपनी की ओर से किसानों का भुगतान समय पर नहीं किया जाना रहा। यही समस्या नैफेड कंपनी की ओर से पैदा किए जाने के कारण एक बार फिर से आठ क्रय केंद्र कम कर दिए गए हैं। अब क्रय केंद्रों की संख्या अब 25 ही रह गई है।
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15 अक्तूबर से जिले में शुरू हुई धान खरीद के लिए जिले भर में सबसे पहले 21 क्रय केंद्र खोले गए थे। शासन की ओर से जिले को इस बार 50 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। क्रय केंद्रों की संख्या को कम देखते हुए नवंबर में 23 क्रय केंद्र बढ़ाकर इनकी संख्या 44 कर दी गई थी। इससे किसानों की काफी परेशानी दूर हुई। हालांकि इस दौरान टोकन देरी से मिलने की समस्या बराबर रही। अहम बात यह है कि धीरे-धीरे यह समस्या दूर होने लगी, लेकिन अब क्रय केंद्रों को कम किया जाने लगा है। इससे आने वाले समय में किसानों को समस्याओं से ज्यादा रूबरू होना पड़ सकता है।
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डिप्टी आरएमओ सुधांशु शेखर ने बताया कि पिछले दिनों 11 क्रय केंद्रों को बंद कर दिया गया। इसकी वजह फारमर प्रोड्यूसर कंपनी की ओर से किसानों का भुगतान समय पर नहीं किया जाना रहा। यही समस्या नैफेड कंपनी की ओर से पैदा किए जाने के कारण एक बार फिर से आठ क्रय केंद्र कम कर दिए गए हैं। अब क्रय केंद्रों की संख्या अब 25 ही रह गई है।
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