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लीला के भाव को करें आत्मसात
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Wed, 16 Mar 2016 12:08 AM IST
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कथा का श्रवण करते भक्तगण
- फोटो : amar ujala beuro
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कस्बे के पुर्वा सुजान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान आचार्य मनोज अवस्थी ने श्रोताओं को भगवान की लीला से सीख लेने को कहा। उन्होंने कथा में बताया कि लीला मनोरंजन का मंचन मात्र नहीं एक सामाजिक सीख है। प्रत्येक व्यक्ति को लीला में दिखाए गए अभिनय के भाव से सीख लेनी चाहिए। प्रत्येक मंचन में ज्ञान का सार छिपा होता है। फिर चाहे वह राधा-कृष्ण की अठखेलियां हो या फिर कृष्ण की माखनचोरी की लीला।
गांव पुर्वा सुजान में जिला पंचायत सदस्य पुत्तीलाल वर्मा की ओर से भागवत कथा का आयोजन चल चल रहा है। मंगलवार को आचार्य ने कहा कि जब भगवान श्रीकृष्ण ने माखन चोरी की तो गोपियों ने मां यशोदा से शिकायत कर दी। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण व माता यशोदा का प्रेम देख सभी भाव विभोर हो गए। इसी क्रम में आचार्य ने कहा कि गाय हमारी नहीं पूरे विश्व की माता है। माता-पिता, संत व विकलांग से बढ़कर कोई दूसरा परोपकार नहीं हैं।
उन्हाेंने कहा कि मानव को अपना परलोक सुधारने के लिए काम क्रोध, मोह, लोभ अंहकार से बचने की जरूरत है। मनुष्य को सत्य अंहिसा और सद्मार्ग पर चलना चाहिए। यही परमात्मा की सच्ची पूजा है। दोपहर बाद भक्तों को प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर लौंगश्री वर्मा, रेखा वर्मा, गुडडू वर्मा, नितिन वर्मा, नवीन वर्मा सहित आदि ग्रामवासी मौजूद रहे।
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गांव पुर्वा सुजान में जिला पंचायत सदस्य पुत्तीलाल वर्मा की ओर से भागवत कथा का आयोजन चल चल रहा है। मंगलवार को आचार्य ने कहा कि जब भगवान श्रीकृष्ण ने माखन चोरी की तो गोपियों ने मां यशोदा से शिकायत कर दी। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण व माता यशोदा का प्रेम देख सभी भाव विभोर हो गए। इसी क्रम में आचार्य ने कहा कि गाय हमारी नहीं पूरे विश्व की माता है। माता-पिता, संत व विकलांग से बढ़कर कोई दूसरा परोपकार नहीं हैं।
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उन्हाेंने कहा कि मानव को अपना परलोक सुधारने के लिए काम क्रोध, मोह, लोभ अंहकार से बचने की जरूरत है। मनुष्य को सत्य अंहिसा और सद्मार्ग पर चलना चाहिए। यही परमात्मा की सच्ची पूजा है। दोपहर बाद भक्तों को प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर लौंगश्री वर्मा, रेखा वर्मा, गुडडू वर्मा, नितिन वर्मा, नवीन वर्मा सहित आदि ग्रामवासी मौजूद रहे।
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