{"_id":"5d6035a28ebc3e93d228e2fd","slug":"anna-s-animal-terror-even-after-a-couple-of-gaushalas-auraiya-news-knp509204689","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो-दो गोशालाओं के बाद भी अन्ना जानवरों का आतंक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो-दो गोशालाओं के बाद भी अन्ना जानवरों का आतंक
विज्ञापन
Anna's animal terror even after a couple of gaushalas
- फोटो : AURAIYA
बिधूना (औरैया)। खेतों से लेकर नगर की सड़कों और सरकारी कार्यालयों के परिसर तक अन्ना गोवंश उत्पात मचाए हैं। गोवंश जहां खेतों में फसलें बर्बाद कर रहे हैं, वहीं सड़कों पर उनकी धमाचौकड़ी से हादसे भी हो रहे हैं। छुट्टा गोवंश से लोगों का ब्लॉक कार्यालय तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। नगर पंचायत बिधूना में दो-दो अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल बनाए हैं लेकिन फिर अन्ना गोवंशों का जमावड़ा प्रशासन की व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा कर रहे हैं।
नगर पंचायत बिधूना के पुराने कन्या इंटर कालेज व भर्थना रोड पर बाबूराम मोहनलाल महाविद्यालय के पीछे दो अस्थयी गोवंश आश्रय स्थल बनाए गए हैं। दोनों में 100-100 अन्ना गोवंश बंद होने का बोर्ड टंगा है। किशनी रोड, भर्थना रोड, नदी तिराहा सब्जी मंडी में सुबह शाम सड़कों पर अन्ना गोवंश सड़कों पर बैठे देखे जा सकते हैं। नगर में इनका घूमना तो आम बात हो चुकी है। सराय प्रथम, लक्ष्मीराम पुर्वा, चिरूकुआ, शामपुर, बमुराह आदि गांवों में अन्ना गोवंश किसानों की फसल चट कर रहे हैं। किसानों का जीना दुश्वार हो गया है। ग्राम पंचायत भिखरा और बीबीपुर में अस्थायी गोशाला संचालित हैं। भिखरा के रामलाल व बीबीपुर के मनोहर सिंह ने बताया कि यदि किसान अन्ना गोवंशों को इनमें बंद करने जाते हैं तो प्रधान चारा आदि व्यवस्था न होने की बात कहकर टरका देते हैं। यदि वे लोग इसका विरोध करते हैं तो प्रधान उनकी कोतवाली में झूठी शिकायत कर देते हैं। बीबीपुर प्रधान ने लगभग 12 लोगों के खिलाफ कार्रवाई कराई है। 24 लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। भिखरा में सराय प्रथम के लोगों के खिलाफ अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज करा चुके हैं। नगर में ईओ बिधूना ने भी कई लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बिधूना (औरैया)। नगर पंचायत बिधूना के पुराने कन्या इंटर कालेज में गोवंशों की उचित देखरेख न होने के कारण दो गोवंशों की मौत हो गई। इससे पहले भी आधा दर्जन से अधिक गोवंशों की मौत हो चुकी है लेकिन प्रशासन चुप्पी साधे है। नगर पंचायत ईओ की तैनाती न होने से चारा आदि लेने में दिक्कत हो रही है। पुराने कन्या इंटर कालेज में बनी अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल में चारे की समुचित व्यवस्था न होने से दो गोवंशों की मौत हो गई। गुरुवार को एक गोवंश तथा शुक्रवार को एक गोवंश की मौत हो गई। एसडीएम से रमापति के मौके पर पहुंचने के बाद इन गोवंशों को उठाया जा सका। गोशाला में डॉक्टर और कर्मचारी कभी भी समय से नहीं आते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर पंचायत बिधूना के पुराने कन्या इंटर कालेज व भर्थना रोड पर बाबूराम मोहनलाल महाविद्यालय के पीछे दो अस्थयी गोवंश आश्रय स्थल बनाए गए हैं। दोनों में 100-100 अन्ना गोवंश बंद होने का बोर्ड टंगा है। किशनी रोड, भर्थना रोड, नदी तिराहा सब्जी मंडी में सुबह शाम सड़कों पर अन्ना गोवंश सड़कों पर बैठे देखे जा सकते हैं। नगर में इनका घूमना तो आम बात हो चुकी है। सराय प्रथम, लक्ष्मीराम पुर्वा, चिरूकुआ, शामपुर, बमुराह आदि गांवों में अन्ना गोवंश किसानों की फसल चट कर रहे हैं। किसानों का जीना दुश्वार हो गया है। ग्राम पंचायत भिखरा और बीबीपुर में अस्थायी गोशाला संचालित हैं। भिखरा के रामलाल व बीबीपुर के मनोहर सिंह ने बताया कि यदि किसान अन्ना गोवंशों को इनमें बंद करने जाते हैं तो प्रधान चारा आदि व्यवस्था न होने की बात कहकर टरका देते हैं। यदि वे लोग इसका विरोध करते हैं तो प्रधान उनकी कोतवाली में झूठी शिकायत कर देते हैं। बीबीपुर प्रधान ने लगभग 12 लोगों के खिलाफ कार्रवाई कराई है। 24 लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। भिखरा में सराय प्रथम के लोगों के खिलाफ अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज करा चुके हैं। नगर में ईओ बिधूना ने भी कई लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
विज्ञापन
बिधूना (औरैया)। नगर पंचायत बिधूना के पुराने कन्या इंटर कालेज में गोवंशों की उचित देखरेख न होने के कारण दो गोवंशों की मौत हो गई। इससे पहले भी आधा दर्जन से अधिक गोवंशों की मौत हो चुकी है लेकिन प्रशासन चुप्पी साधे है। नगर पंचायत ईओ की तैनाती न होने से चारा आदि लेने में दिक्कत हो रही है। पुराने कन्या इंटर कालेज में बनी अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल में चारे की समुचित व्यवस्था न होने से दो गोवंशों की मौत हो गई। गुरुवार को एक गोवंश तथा शुक्रवार को एक गोवंश की मौत हो गई। एसडीएम से रमापति के मौके पर पहुंचने के बाद इन गोवंशों को उठाया जा सका। गोशाला में डॉक्टर और कर्मचारी कभी भी समय से नहीं आते हैं।
विज्ञापन