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मालगाड़ी से जानवर कटा, एक घंटे ठप रहा दिल्ली-हावड़ा डाउन रेलमार्ग
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दिबियापुर (औरैया)। शनिवार की देर रात कानपुर की ओर जा रही एक मालगाड़ी से जानवर कट गया। अचानक जानवर कटने से मालगाड़ी को बीच ट्रैक पर ही रोकना पड़ा। इससे लगभग एक घंटे तक दिल्ली-हावड़ा डाउन ट्रैक पर रेल यातायात बाधित रहा। इस दौरान संपूर्ण क्रांति, मरुधर जैसी नानस्टॉप ट्रेनें पीछे के रेलवे स्टेशनों पर खड़ी रहीं।
शनिवार देर रात लगभग 10 बजे एक मालगाड़ी नानस्टाप कानपुर की ओर जा रही थी। फफूंद रेलवे स्टेशन के पहले एक जानवर रेलवे ट्रैक पर आकर मालगाड़ी से कट गया। आननफानन मालगाड़ी के ड्राइवर ने ट्रेन को फफूंद रेलवे स्टेशन के पश्चिमी आउटर पर रोक दिया। काफी प्रयास कर इंजन में फंसे जानवर के अवशेषों को बाहर निकालकर मालगाड़ी को आगे चलाने का प्रयास किया। पर ड्राइवर एवं रेलकर्मियों की टीम मालगाड़ी को आगे नहीं बढ़ा पाई। देखने पर पता चला कि इंजन के पीछे से वैगनों के पहियों में भी जानवर के कटे हिस्से फंसे थे। काफी मशक्कत के बाद पहियों में फंसे जानवर के अवशेष निकाले गए। रात लगभग 11 बजकर 5 मिनट पर मालगाड़ी को गंतव्य की ओर रवाना किया जा सका। इस संबंध में आरपीएफ थाना फफूंद के प्रभारी दिनेश कुमार का कहना है कि ड्राइवर को डर था कि यदि वैगन में फंसे अवशेषों को निकाले बिना मालगाड़ी आगे बढ़ाई गई तो मालगाड़ी डिरेल हो सकती है। इसलिए पहियों को साफ करने के बाद ही मालगाड़ी को आगे बढ़ाया जा सका। मालगाड़ी के बीच ट्रैक पर खड़े होने के कारण संपूर्ण क्रांति, मरुधर जैसी आधा दर्जन नानस्टाप ट्रेनें पीछे के रेलवे स्टेशनों पर खड़ी होने की सूचना है।
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शनिवार देर रात लगभग 10 बजे एक मालगाड़ी नानस्टाप कानपुर की ओर जा रही थी। फफूंद रेलवे स्टेशन के पहले एक जानवर रेलवे ट्रैक पर आकर मालगाड़ी से कट गया। आननफानन मालगाड़ी के ड्राइवर ने ट्रेन को फफूंद रेलवे स्टेशन के पश्चिमी आउटर पर रोक दिया। काफी प्रयास कर इंजन में फंसे जानवर के अवशेषों को बाहर निकालकर मालगाड़ी को आगे चलाने का प्रयास किया। पर ड्राइवर एवं रेलकर्मियों की टीम मालगाड़ी को आगे नहीं बढ़ा पाई। देखने पर पता चला कि इंजन के पीछे से वैगनों के पहियों में भी जानवर के कटे हिस्से फंसे थे। काफी मशक्कत के बाद पहियों में फंसे जानवर के अवशेष निकाले गए। रात लगभग 11 बजकर 5 मिनट पर मालगाड़ी को गंतव्य की ओर रवाना किया जा सका। इस संबंध में आरपीएफ थाना फफूंद के प्रभारी दिनेश कुमार का कहना है कि ड्राइवर को डर था कि यदि वैगन में फंसे अवशेषों को निकाले बिना मालगाड़ी आगे बढ़ाई गई तो मालगाड़ी डिरेल हो सकती है। इसलिए पहियों को साफ करने के बाद ही मालगाड़ी को आगे बढ़ाया जा सका। मालगाड़ी के बीच ट्रैक पर खड़े होने के कारण संपूर्ण क्रांति, मरुधर जैसी आधा दर्जन नानस्टाप ट्रेनें पीछे के रेलवे स्टेशनों पर खड़ी होने की सूचना है।
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