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छूट मिली तो फसलों की कटाई में जुटे किसान

Fri, 03 Apr 2020 10:39 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 03 Apr 2020 10:39 PM IST
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agriculture
औरैया। लॉकडाउन को लेकर शहर से गांव तक लोग सतर्क दिखाई दे रहे हैं। फसलों की कटाई के लिए प्रशासन से छूट मिलने पर किसान खेतों में पकी फसलों की कटाई में जुट गए हैं। साथ ही सोशल डिस्टेंस का ध्यान रखते हुए खेतों में एक दूसरे से फासला भी बनाए हुए हैं। गांव के बुजुर्ग कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए युवाओं व बच्चों को नसीहत भी दे रहे हैं।
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सहार ब्लॉक के गांव करियापुर में किसान रामलाल परिवार के सदस्यों के साथ गेहूं की पकी फसल काट रहे थे। कोरोना से बचाव को लेकर एक मीटर से अधिक की दूरी बनाकर फसल काटते नजर आए। रामलाल का कहना है कि लॉकडाउन के चलते बाहर आना-जाना बंद है। गेहूं की फसल तैयार हो चुकी है। इसलिए परिजनों के साथ मिलकर कटाई में जुटे हैं।
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सदर ब्लॉक के गांव चिरूहूली में विजय सिंह परिजनों के साथ सरसों की कटी फसल की झुराई करते दिखे। साथ ही कोरोना को लेकर परिवार के लोगों से एक साथ खड़े न होकर दूरी बनाकर काम करने की हिदायत देते नजर आए। बताया कि इस बार बेमौसम की बरसात के चलते सरसों की फसल प्रभावित हुई है। उधर, बिधूना तहसील क्षेत्र के गांव लहरापुर निवासी राम सिंह बताते हैं कि लॉकडाउन के चलते घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। सुबह के समय ग्रामीण पिराई के लिए सरसों व गेहूं डाल जाते हैं। राम सिंह दोपहर में पहले सरसों की पेराई व बाद में गेहूं की पिसाई करते हैं।
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ब्लॉक सहार क्षेत्र के गांव सहायल में पीपल के पेड़ के नीचे गांव के बुजुर्ग और युवा बैठकर कोरोना वायरस को लेकर नसीहत देते नजर आए। गांव के विजय सिंह का कहना है कि उन्होंने पिता से सुना था कि करीब 100 वर्ष पहले भी इसी तरह प्लेग की बीमारी फैली थी। देशभर में इसकी चपेट में आने से बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। कमोवेश यह महामारी भी ऐसी ही प्रतीत हो रही है।

उधर, सहायल के बुजुर्ग अनिल मिश्रा का कहना है कि कोरोना वायरस को लेकर गांव में ज्यादातर लोग प्रशासन की एडवाइजरी का पालन कर रहे हैं। लेकिन गांव के जो लोग बाहर से लौट रहे हैं, वह इस बीमारी को लेकर न आए जाएं। इसलिए उनका स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद गांव में प्रवेश करने की अनुमति मिलनी चाहिए। सहायल के किसान राधेश्याम का कहना है कि अपने पूरे जीवन में गांव में इतना सन्नाटा पहले कभी नहीं देखा। सभी का दायित्व है कि वह लॉकडाउन के लिए बनाए गए नियमों का पालन करें।
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