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Auraiya News: जांच के बाद लेखपाल पर दर्ज होगी रिपोर्ट
Wed, 21 May 2025 11:54 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 21 May 2025 11:54 PM IST
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औरैया। ग्राम पंचायत शेरपुर सरैया के मजरा बम्हौरी निवासी महिला के जिंदा होने के बावजूद विरासत चढ़ा दी गई। मामले में लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है।
मंगलवार को सदर कोतवाली में तहरीर दी गई। पूरे मामले में तहरीर की जांच की जा रही है। बुधवार को भी इस मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा सकी है।
सदर तहसील की ग्राम पंचायत शेरपुर सरैया के मजरा बम्हौरी निवासी प्रेमा देवी (85) के पति रामनारायन की 25 साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद जमीन प्रेमा देवी व उनके पुत्र शिशुपाल व शिवपाल के नाम आ गई थी।
प्रेमा देवी ने आरोप लगाया कि बीते अप्रैल माह में बेटे शिवपाल ने उनका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराया। इसमें शिवपाल ने रिश्ते में भतीजे क्षेत्रीय लेखपाल आलोक पाल के जरिए उनका मृत प्रमाण पत्र दिखाते हुए जमीन की वरासत अपने और भाई के नाम करवा दी।
छह मई को शिवपाल ने अपने हिस्से में आई 34 डिसमिल जमीन बेच भी दी थी। इस फर्जीवाड़े का संज्ञान लेते हुए डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जांच बैठाई थी। एसडीएम सदर राकेश कुमार सिंह की रिपोर्ट के आधार पर मंगलवार को लेखपाल आलोक पाल को निलंबित कर दिया गया था।
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वहीं मामले को लेकर सदर कोतवाली में राजस्व कर्मी की ओर से तहरीर दी गई थी। इस मामले में बुधवार को भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा सकी। सदर कोतवाल ललितेश त्रिपाठी ने बताया कि तहरीर की जांच की जा रही है। प्रत्येक बिंदु पुख्ता होने के बाद ही रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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मंगलवार को सदर कोतवाली में तहरीर दी गई। पूरे मामले में तहरीर की जांच की जा रही है। बुधवार को भी इस मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा सकी है।
सदर तहसील की ग्राम पंचायत शेरपुर सरैया के मजरा बम्हौरी निवासी प्रेमा देवी (85) के पति रामनारायन की 25 साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद जमीन प्रेमा देवी व उनके पुत्र शिशुपाल व शिवपाल के नाम आ गई थी।
प्रेमा देवी ने आरोप लगाया कि बीते अप्रैल माह में बेटे शिवपाल ने उनका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराया। इसमें शिवपाल ने रिश्ते में भतीजे क्षेत्रीय लेखपाल आलोक पाल के जरिए उनका मृत प्रमाण पत्र दिखाते हुए जमीन की वरासत अपने और भाई के नाम करवा दी।
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छह मई को शिवपाल ने अपने हिस्से में आई 34 डिसमिल जमीन बेच भी दी थी। इस फर्जीवाड़े का संज्ञान लेते हुए डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जांच बैठाई थी। एसडीएम सदर राकेश कुमार सिंह की रिपोर्ट के आधार पर मंगलवार को लेखपाल आलोक पाल को निलंबित कर दिया गया था।
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वहीं मामले को लेकर सदर कोतवाली में राजस्व कर्मी की ओर से तहरीर दी गई थी। इस मामले में बुधवार को भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा सकी। सदर कोतवाल ललितेश त्रिपाठी ने बताया कि तहरीर की जांच की जा रही है। प्रत्येक बिंदु पुख्ता होने के बाद ही रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।