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Auraiya News: अधिवक्ताओं की हड़ताल...भटकते वादकारी बेहाल

Tue, 12 May 2026 12:26 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Tue, 12 May 2026 12:26 AM IST
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Advocates' strike...wandering litigants in distress
फोटो -22- तहसील परिसर में नारेबाजी करते अधिवक्ता। संवाद
औरैया। तहसील कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा अधिवक्ताओं ने सोमवार से हड़ताल कर दी। उधर तहसील पहुंचे वादकारी और फरियादी भटकते नजर आए।
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गर्मी के बीच कोई 30 किलोमीटर से आया था तो कोई 50 किलोमीटर दूर से। ऐसे में काम न होने से उन्हें मायूसी हाथ लगी। दोपहर तक लोग आते रहे लेकिन तहसील में कोई काम नहीं हो सका। वहीं दूसरी तरफ अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने बताया कि पांच मई को उन्होंने बैठक कर तहसील में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की मांग की थी। इसका ज्ञापन भी दिया था लेकिन इसके बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके चलते सोमवार से हड़ताल प्रारंभ हो गई। ऐसे में अधिवक्ता तो कार्य से विरत रहे लेकिन वादकारी परेशान रहे। मुकदमे की तारीख से लेकर नए मुकदमे दाखिल करने के लिए पहुंचने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। तेज धूप ने उनकी परेशानी दोगुनी कर दी लेकिन उनका कोई काम नहीं हो सका।
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वहीं उप निबंधक सदर कार्यालय में भी कोई रजिस्ट्री नहीं हो सकी। यहां जमीन की रजिस्ट्री करने और कराने के लिए पहुंचे लोगों को भी वापस लौटा दिया गया। हड़ताल के दौरान अधिवक्ता श्रीनरायन त्रिपाठी, राजेश दीक्षित, अरुण सक्सेना, ओंकार नाथ चतुर्वेदी, धर्मवीर त्रिपाठी, ज्ञानेंद्र मोहन, सुधीर पांडेय एवं नितिन भारती मौजूद रहे।
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नहीं हुआ संशोधन
फफूंद क्षेत्र के गांव नरियापुर निवासी राजकुमार आधार कार्ड में संशोधन कराने के लिए औरैया आए थे। आधार कार्ड में संशोधन कराने के लिए हलफनामे की आवश्यकता थी, जिसे तहसीलदार से सत्यापित कराना था। हड़ताल के चलते उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
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दो घंटे बाद लौटे
दिबियापुर थाना क्षेत्र के गांव केविन की मड़ैया निवासी कौशल किशोर ने बताया कि जमीन के सरकारी बंटवारे का दावा दायर करना था लेकिन हड़ताल के चलते उनका कोई काम नहीं हो सका। करीब दो घंटे तक परेशान होने के बाद वह लौट गए।
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वाद प्रस्तुत नहीं हुआ
बिधूना क्षेत्र के गांव बिकूपुर की मड़ैया निवासी रामप्रकाश ने बताया कि दिबियापुर क्षेत्र में उनकी जमीन है। इस जमीन पर उनके साढ़ू ने कब्जा कर लिया गया है। इसके कारण वह एसडीएम न्यायालय में वाद प्रस्तुत करने आए थे लेकिन हड़ताल के कारण उनकी दौड़ खराब हो गई।

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ये हैं अधिवक्ताओं की मांगें
-तहसील से भ्रष्ट अधिकारियों और अधीनस्थाें का स्थानांतरण किया जाए।
-दाखिल खारिज के मुकदमों को तत्काल पंजीकृत किया जाए।
-बिना किसी धनराशि के खतौनी में वारिसान के नाम दर्ज किए जाएं।
-एसडीएम सदर और एसडीएम न्यायिक न्यायालय में तैनात लेखपालों को हटाया जाए।
-उपनिबंधक कार्यालय को सुरान स्थानांतरित करने के आदेश को निरस्त किया जाए।

फोटो -22- तहसील परिसर में नारेबाजी करते अधिवक्ता। संवाद

फोटो -22- तहसील परिसर में नारेबाजी करते अधिवक्ता। संवाद

फोटो -22- तहसील परिसर में नारेबाजी करते अधिवक्ता। संवाद

फोटो -22- तहसील परिसर में नारेबाजी करते अधिवक्ता। संवाद

फोटो -22- तहसील परिसर में नारेबाजी करते अधिवक्ता। संवाद

फोटो -22- तहसील परिसर में नारेबाजी करते अधिवक्ता। संवाद

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