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Auraiya News: 206 स्कूलों के बदले पते, नए विद्यालयों में जाएंगे यहां के बच्चे
Mon, 30 Jun 2025 11:54 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 30 Jun 2025 11:54 PM IST
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औरैया। जिले में कम नामांकन वाले 206 स्कूलों का मंगलवार से वजूद खत्म हो गया। पहली जुलाई इन स्कूलों के पते बदलेंगे, साथ ही यहां के बच्चे दूसरे स्कूलों में जाकर पढ़ाई करेंगे।
इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं। शिक्षकों को अभिभावकों से संतुष्ट कर बच्चों को नजदीकी स्कूलों में पहुंचाने की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नौनिहालों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए शहरी और ग्रामीण अंचलों में प्राइमरी व उच्च प्राइमरी स्कूल खोले गए थे। पहले इन स्कूलों का संचालन जिला पंचायत स्तर से होता था, वही शिक्षकों की तैनाती करते थे, लेकिन बेसिक शिक्षा परिषद के गठन के बाद इन विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति जिला पंचायत से हटाकर परिषद को दे दी गई थी, तब तक यह व्यवस्था चली आ रही है।
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शैक्षिक स्तर को बढ़ाने को परिषद ने छात्र-शिक्षक अनुपात भी तय किया है। उसी के अनुरूप शिक्षकों की नियुक्तियां होती हैं, लेकिन इधर काफी समय से छात्रों की संख्या में कमी आई। लगातार कम होते नामांकन को देख शासन ने ऐसे स्कूलों को मर्ज करने की नीति बनाई।
इस नीति के तहत जनपद में 206 स्कूल चयनित किए गए हैं। ऐसे में अब इन स्कूलों के बच्चे नजदीकी दूसरे स्कूलों में शिफ्ट किए जाएंगे। साथ ही शिक्षक भी दूसरी जगहों पर तैनात होंगे।
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इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं। शिक्षकों को अभिभावकों से संतुष्ट कर बच्चों को नजदीकी स्कूलों में पहुंचाने की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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नौनिहालों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए शहरी और ग्रामीण अंचलों में प्राइमरी व उच्च प्राइमरी स्कूल खोले गए थे। पहले इन स्कूलों का संचालन जिला पंचायत स्तर से होता था, वही शिक्षकों की तैनाती करते थे, लेकिन बेसिक शिक्षा परिषद के गठन के बाद इन विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति जिला पंचायत से हटाकर परिषद को दे दी गई थी, तब तक यह व्यवस्था चली आ रही है।
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शैक्षिक स्तर को बढ़ाने को परिषद ने छात्र-शिक्षक अनुपात भी तय किया है। उसी के अनुरूप शिक्षकों की नियुक्तियां होती हैं, लेकिन इधर काफी समय से छात्रों की संख्या में कमी आई। लगातार कम होते नामांकन को देख शासन ने ऐसे स्कूलों को मर्ज करने की नीति बनाई।
इस नीति के तहत जनपद में 206 स्कूल चयनित किए गए हैं। ऐसे में अब इन स्कूलों के बच्चे नजदीकी दूसरे स्कूलों में शिफ्ट किए जाएंगे। साथ ही शिक्षक भी दूसरी जगहों पर तैनात होंगे।