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ट्यूबवेल के अभाव में ठूंठ बनी पानी टंकी

Sat, 09 Apr 2016 12:24 AM IST
Auraiya, Uttar pradesh, India
Auraiya, Uttar pradesh, India Updated Sat, 09 Apr 2016 12:24 AM IST
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A water tank in the absence of tubewells stub
- चार साल से संचालन की बांट जोह रहा पानी की टंकी - फोटो : amar ujala beuro
नगर पालिका और जल निगम के बीच चल रही उठापटक से कांशीराम कालोनी के वाशिंदे चार सालों से जल संकट से जूझ रहे हैं। आलम यह है कि चार साल से पुरानी कलेक्ट्रेट परिसर में पानी की टंकी बनी खड़ी है। लेकिन बोरिंग के बाद मशीन रूम न बन पाने से ट्यबवेल का संचालन नहीं हो पा रहा है। हालांकि तीन माह पूर्व जल निगम ने पानी की टंकी भरने के लिए बंद पड़े ट्यूबवेल को रीबोर करा दिया। लेकिन पालिका की ओर से मशीन रूम न बनाए जाने से आगे का काम रुका है।
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पुरानी कलेक्ट्रेट स्थित कांशीराम कालोनी में चार सौ आवासों को पेयजलापूर्ति कराने को जल निगम ने 9.97 लाख रुपये से 2011 में पानी की टंकी का निर्माण कराया था। इस टंकी को चालू कराए जाने के लिए कई बार कालोनी के वाशिंदों ने पालिका से गुहार लगाई। लेकिन हर बार ट्यूबवेल की कमी से इसका संचालन नहीं हो सका। इस पानी की टंकी को भरे जाने के लिए जल निगम ने एक साल पहले ट्यूबवेल की बोरिंग कराई, लेकिन बोरिंग सफल नहीं हुई। इस पर पालिका प्रशासन ने जल निगम को उक्त ट्यूबवेल ठीक कराने की चेतावनी दी। जिस पर जल निगम ने तीन माह पहले ट्यूबवेल को रीबोर करा दिया। अब वहां मशीन रूम का निर्माण न होने के कारण बोरिंग में मशीन नहीं लग पा रही है।
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जल संकट झेल रहे 400 परिवार
पुरानी कलेक्ट्रेट स्थित कांशीराम कॉलोनी में करीब 400 परिवार रहते हैं। यहां पेयजल के लिए कुछ खास इंतजाम नहीं हैं। लोगों को हैंडपंप पर ही निर्भर रहना पड़ता है। ट्यृबवेल चालू न होने से यहां के निवासी करीब चार साल से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। लोगों की कई बार शिकायत के बाद भी पालिका ध्यान नहीं दे रही है।
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तीन माह पहले ट्यूबवेल रीबोर करके पालिका प्रशासन से मशीन रूम बनाए जाने की अपील की थी। लेकिन आज तक मशीन रुम नहीं बनाया गया। ऐसे में जल निगम मशीन को टांगने के लिए लोहे के एंगल कहां लगवाए। जब तक टयूबवेल का कमरा नहीं बन जाता, तब तक न तो मशीन ही लग पाएगी। और न ही ट्यूबवेल का संचालन हो सकेगा।

देवेंद्र सिंह, एक्सईएन, जल निगम   

एक्सईएन जल निगम ने मशीन रूम बनवाने के लिए तीन लाख रुपये का इस्टीमेट दिया था, जो कि बहुत ज्यादा था। इसके चलते पालिका ने अपने स्तर से डेढ़ लाख रुपये में इस्टीमेट तैयार कराया है। पालिका पर तीन माह से मशीन रूम न बनवाने का आरोप निराधार है। पालिका एक-दो दिन में उक्त टयूबवेल पर स्वयं मशीन रूम बनवाना शुरू करा देगी। जल्द ही ट्यूबवेल से पेयजलापूर्ति भी शुरू करा दी जाएगी।
राधा तिवारी, ईओ, नगर पालिका
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