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इधर मतदान, उधर हाईकोर्ट का स्टे
Auraiya
Updated Fri, 10 Oct 2014 05:33 AM IST
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एसडीएम घोषित कर चुके थे परिणाम, डीएम ने लगाई
अमर उजाला ब्यूरो
अजीतमल (औरैया)। अजीतमल ब्लाक प्रमुख के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर अंतिम समय तक दांव पेंच चला। एक तरफ एसडीएम ने मतगणना के बाद बहुमत के आधार पर अविश्वास प्रस्ताव पारित कर दिया तो अगले ही पल हाईकोर्ट से मिले आदेश पर डीएम ने मतदान की गणना व परिणाम की घोषणा पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी। ब्लाक प्रमुखी की कुर्सी जाते-जाते बच फिलहाल बच गई है।
अजीतमल क्षेत्र पंचायत सदस्य अनीता यादव पत्नी गुड्डू यादव ने सितंबर माह में डीएम के सामने बीडीसी सदस्यों की परेड कराई और ब्लाक प्रमुख रिंकेश कुमारी पत्नी देवेंद्र यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के संबंध में शपथ पत्र सौंपा। अविश्वास प्रस्ताव को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी खूब चला। दोनों खेमे सियासी गलियारे के आकाओं तक अपने-अपने दावे करते रहे। आखिरकार डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराने को आठ अक्टूबर का दिन निर्धारित किया।
बुधवार सुबह से ही ब्लाक सभागार में गहमा-गहमी का माहौल रहा। सुबह 10 बजे चुनाव अधिकारी एसडीएम अजीतमल ब्रजपाल सिंह ने मतदान प्रक्रिया शुरू कराई। लेकिन मतदान के दौरान ही ब्लाक प्रमुख रिंकेश कुमारी ने करीब 11:40 बजे एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर प्रक्रिया को अवैधानिक बताया। उन्होंने हाईकोर्ट के स्टे का हवाला देकर प्रक्रिया निरस्त कराने की मांग की। लिखित आदेश न होने से एसडीएम ने मतदान प्रक्रिया जारी रखी। इस पर ब्लाक प्रमुख और उनके समर्थकों ने मतदान प्रक्रिया का बहिष्कार कर दिया। एसडीएम ने दोपहर 3 बजे मतगणना समाप्त कर परिणाम भी घोषित कर दिया। इसमें 65 सदस्यों में 34 ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया, जबकि प्रस्ताव के विरोध में कोई मत नहीं डाला गया। इस पर एसडीएम ने अविश्वास प्रस्ताव को बहुमत से पारित कर दिया। अविश्वास प्रस्ताव पारित होते ही एक खेमे में जश्न का दौर शुरू हो गया, लेकिन अगले ही पल जिलाधिकारी ने हाईकोर्ट के स्टे आर्डर पर मतदान के परिणाम पर रोक लगा दिया।
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इंसेट
अवैध थी चुनावी प्रक्रिया
हाईकोर्ट ने 7 अक्टूबर को ही अविश्वास प्रस्ताव की मतदान प्रक्रिया पर रोक लगा दिया था। हलफनामा भी मतदान के दौरान नामित अधिकारी को दिया गया था। फिर भी मतदान जारी रहा। जो पूरी तरह अवैधानिक है। सभी बीडीसी हमारे साथ हैं। साजिश बीजेपी व बीएसपी कर रही है।
- रिंकेश कुमारी, ब्लाक प्रमुख, अजीतमल
तो हम भी जाएंगे कोर्ट
अविश्वास प्रस्ताव के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया का परिणाम हमारे पक्ष में आया है। अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 34 सदस्यों ने मतदान किया है। तमाम अन्य बीडीसी सदस्य भी हमारे साथ हैं। हमें कोर्ट पर भरोसा है। न्याय जरूर मिलेगा। यदि फैसला खिलाफ होता है तो भी हम हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
अनीता यादव बीबीसी
कोर्ट की अवमानना
हाईकोर्ट ने अजीतमल ब्लाक प्रमुख पद के लिए अमल में लाई जाने वाली अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया पर 7 अक्टूबर को ही रोक लगा दी थी। इसकी जानकारी ब्लाक प्रमुख रिंकेश कुमारी ने शपथ पत्र देकर चुनाव अधिकारी/एसडीएम अजीतमल को भी मतदान के दौरान दी थी। बावजूद इसके परिणाम घोषित कर एसडीएम ने कोर्ट की अवमानना की है।
- ओम प्रकाश राजपूत डीपीआरओ
ब्यौरो मिलने के बाद निर्णय
हाईकोर्ट के मुख्य स्थाई अधिवक्ता के बुधवार दोपहर 3:11 बजे भेजे गए फैक्स के आधार पर अविश्वास प्रस्ताव के मतगणना व परिणाम की घोषणा स्थगित की गई है। यह स्िथित एसडीएम की कार्रवाई और हाईकोर्ट के स्थगन आदेश का ब्यौरा प्राप्त न होने तक जारी रहेगी। इसके बाद ही इस पर कुछ निर्णय लिया जाएगा।
माला श्रीवास्तव जिलाधिकारी
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अमर उजाला ब्यूरो
अजीतमल (औरैया)। अजीतमल ब्लाक प्रमुख के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर अंतिम समय तक दांव पेंच चला। एक तरफ एसडीएम ने मतगणना के बाद बहुमत के आधार पर अविश्वास प्रस्ताव पारित कर दिया तो अगले ही पल हाईकोर्ट से मिले आदेश पर डीएम ने मतदान की गणना व परिणाम की घोषणा पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी। ब्लाक प्रमुखी की कुर्सी जाते-जाते बच फिलहाल बच गई है।
अजीतमल क्षेत्र पंचायत सदस्य अनीता यादव पत्नी गुड्डू यादव ने सितंबर माह में डीएम के सामने बीडीसी सदस्यों की परेड कराई और ब्लाक प्रमुख रिंकेश कुमारी पत्नी देवेंद्र यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के संबंध में शपथ पत्र सौंपा। अविश्वास प्रस्ताव को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी खूब चला। दोनों खेमे सियासी गलियारे के आकाओं तक अपने-अपने दावे करते रहे। आखिरकार डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराने को आठ अक्टूबर का दिन निर्धारित किया।
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बुधवार सुबह से ही ब्लाक सभागार में गहमा-गहमी का माहौल रहा। सुबह 10 बजे चुनाव अधिकारी एसडीएम अजीतमल ब्रजपाल सिंह ने मतदान प्रक्रिया शुरू कराई। लेकिन मतदान के दौरान ही ब्लाक प्रमुख रिंकेश कुमारी ने करीब 11:40 बजे एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर प्रक्रिया को अवैधानिक बताया। उन्होंने हाईकोर्ट के स्टे का हवाला देकर प्रक्रिया निरस्त कराने की मांग की। लिखित आदेश न होने से एसडीएम ने मतदान प्रक्रिया जारी रखी। इस पर ब्लाक प्रमुख और उनके समर्थकों ने मतदान प्रक्रिया का बहिष्कार कर दिया। एसडीएम ने दोपहर 3 बजे मतगणना समाप्त कर परिणाम भी घोषित कर दिया। इसमें 65 सदस्यों में 34 ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया, जबकि प्रस्ताव के विरोध में कोई मत नहीं डाला गया। इस पर एसडीएम ने अविश्वास प्रस्ताव को बहुमत से पारित कर दिया। अविश्वास प्रस्ताव पारित होते ही एक खेमे में जश्न का दौर शुरू हो गया, लेकिन अगले ही पल जिलाधिकारी ने हाईकोर्ट के स्टे आर्डर पर मतदान के परिणाम पर रोक लगा दिया।
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अवैध थी चुनावी प्रक्रिया
हाईकोर्ट ने 7 अक्टूबर को ही अविश्वास प्रस्ताव की मतदान प्रक्रिया पर रोक लगा दिया था। हलफनामा भी मतदान के दौरान नामित अधिकारी को दिया गया था। फिर भी मतदान जारी रहा। जो पूरी तरह अवैधानिक है। सभी बीडीसी हमारे साथ हैं। साजिश बीजेपी व बीएसपी कर रही है।
- रिंकेश कुमारी, ब्लाक प्रमुख, अजीतमल
तो हम भी जाएंगे कोर्ट
अविश्वास प्रस्ताव के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया का परिणाम हमारे पक्ष में आया है। अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 34 सदस्यों ने मतदान किया है। तमाम अन्य बीडीसी सदस्य भी हमारे साथ हैं। हमें कोर्ट पर भरोसा है। न्याय जरूर मिलेगा। यदि फैसला खिलाफ होता है तो भी हम हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
अनीता यादव बीबीसी
कोर्ट की अवमानना
हाईकोर्ट ने अजीतमल ब्लाक प्रमुख पद के लिए अमल में लाई जाने वाली अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया पर 7 अक्टूबर को ही रोक लगा दी थी। इसकी जानकारी ब्लाक प्रमुख रिंकेश कुमारी ने शपथ पत्र देकर चुनाव अधिकारी/एसडीएम अजीतमल को भी मतदान के दौरान दी थी। बावजूद इसके परिणाम घोषित कर एसडीएम ने कोर्ट की अवमानना की है।
- ओम प्रकाश राजपूत डीपीआरओ
ब्यौरो मिलने के बाद निर्णय
हाईकोर्ट के मुख्य स्थाई अधिवक्ता के बुधवार दोपहर 3:11 बजे भेजे गए फैक्स के आधार पर अविश्वास प्रस्ताव के मतगणना व परिणाम की घोषणा स्थगित की गई है। यह स्िथित एसडीएम की कार्रवाई और हाईकोर्ट के स्थगन आदेश का ब्यौरा प्राप्त न होने तक जारी रहेगी। इसके बाद ही इस पर कुछ निर्णय लिया जाएगा।
माला श्रीवास्तव जिलाधिकारी