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...तो पुलिस की ढिलाई बनी वजह
Auraiya
Updated Wed, 06 Aug 2014 05:30 AM IST
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एक दिन पूर्व अन्य किशोरी से हुई छेड़छाड़ की घटना में की टालमटोली
- ग्रामीणों ने लगाया आरोप, बबीना चौकी इंचार्ज ने मामला रुपये लेकर निपटाया
- किशोरी की गैंगरेप के बाद हत्या से भयभीत गांव की छात्राएं नहीं गईं स्कूल
सौरभ गुप्ता
ककोर (औरैया)। गैंगरेप के बाद किशोरी की हत्या कर शव नाले में फेंके जानी की घटना के लिए ग्रामीण पुलिस की सुस्ती को बड़ी वजह मान रहे हैं। उनका कहना है कि एक दिन पूर्व भी क्षेत्र में हुई छेड़छाड़ की घटना में पुलिस ने मामला रफा-दफा कर दिया था। यदि छोटी-छोटी घटनाओं को पुलिस गंभीरता से लेती तो शायद किशोरी के साथ ऐसा न होता। वहीं इस वारदात से भयभीत गांव की छात्राएं मंगलवार को स्कूल नहीं गईं।
किशोरी के साथ गैंगरेप कर उसकी हत्या करने की घटना के पूर्व राह चलती महिलाओं और बच्चियों के साथ छेड़छाड़ की कई घटनाएं हो चुकी हैं। सूत्रों के अनुसार सोमवार सुबह एक किशोरी बकरी लेकर खेत गई थी। मनचलों ने उसके साथ छेड़खानी की। मामला बबीना चौकी इंचार्ज के पास पहुंचा लेकिन उन्हाेंने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणाें का आरोप है कि पुलिस ने रुपये लेकर मामला निपटा दिया। इस तरह की घटनाओं में कुछ लोग लाज शर्म के मारे चुप रह जाते हैं तो कुछ को थाने-चौकी जाने के बाद भी कुछ हाथ नहीं लगता। पुलिस रिकार्ड में अधिकांश ऐसे मामले दर्ज नहीं हो पाते। ऐसे में बदमाशों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। अब किशोरी की हत्या की घटना से जहां ग्रामीण भयभीत हैं, वहीं पुलिस अधिकारियों के माथे पर भी बल पड़ गया है। बच्चे इस कदर भयभीत हैं कि घटना की जानकारी मिलने के बाद वे स्कूल ही नहीं गए। दुराचार के बाद जान से हाथ धोने वाली किशोरी कक्षा आठ की छात्रा थी। अब देखना है कि इस घटना के बाद पुलिस कितनी गंभीर होती है।
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- ग्रामीणों ने लगाया आरोप, बबीना चौकी इंचार्ज ने मामला रुपये लेकर निपटाया
- किशोरी की गैंगरेप के बाद हत्या से भयभीत गांव की छात्राएं नहीं गईं स्कूल
सौरभ गुप्ता
ककोर (औरैया)। गैंगरेप के बाद किशोरी की हत्या कर शव नाले में फेंके जानी की घटना के लिए ग्रामीण पुलिस की सुस्ती को बड़ी वजह मान रहे हैं। उनका कहना है कि एक दिन पूर्व भी क्षेत्र में हुई छेड़छाड़ की घटना में पुलिस ने मामला रफा-दफा कर दिया था। यदि छोटी-छोटी घटनाओं को पुलिस गंभीरता से लेती तो शायद किशोरी के साथ ऐसा न होता। वहीं इस वारदात से भयभीत गांव की छात्राएं मंगलवार को स्कूल नहीं गईं।
किशोरी के साथ गैंगरेप कर उसकी हत्या करने की घटना के पूर्व राह चलती महिलाओं और बच्चियों के साथ छेड़छाड़ की कई घटनाएं हो चुकी हैं। सूत्रों के अनुसार सोमवार सुबह एक किशोरी बकरी लेकर खेत गई थी। मनचलों ने उसके साथ छेड़खानी की। मामला बबीना चौकी इंचार्ज के पास पहुंचा लेकिन उन्हाेंने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणाें का आरोप है कि पुलिस ने रुपये लेकर मामला निपटा दिया। इस तरह की घटनाओं में कुछ लोग लाज शर्म के मारे चुप रह जाते हैं तो कुछ को थाने-चौकी जाने के बाद भी कुछ हाथ नहीं लगता। पुलिस रिकार्ड में अधिकांश ऐसे मामले दर्ज नहीं हो पाते। ऐसे में बदमाशों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। अब किशोरी की हत्या की घटना से जहां ग्रामीण भयभीत हैं, वहीं पुलिस अधिकारियों के माथे पर भी बल पड़ गया है। बच्चे इस कदर भयभीत हैं कि घटना की जानकारी मिलने के बाद वे स्कूल ही नहीं गए। दुराचार के बाद जान से हाथ धोने वाली किशोरी कक्षा आठ की छात्रा थी। अब देखना है कि इस घटना के बाद पुलिस कितनी गंभीर होती है।
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