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बेरीकपड़िया गांव के 55 हैंडपंप खड़े ठूंठ
auraiya
Updated Fri, 23 Mar 2018 12:01 AM IST
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- पानी भरने को जमा भीड़
- फोटो : amarujala
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अटसू (औरैया)।
क्षेत्र के बेरीकपड़िया गांव में जलस्तर गिरने से 55 हैंडपंप ठूंठ खड़े हैं। इसके चलते पिछले डेढ़ माह से ग्रामीण बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। कई बार शिकायत के बाद भी प्रशासन लोगों की समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है।
अजीतमल ब्लॉक के इस गांव की आबादी करीब 1500 है। गांव में पानी के लिए कुल 60 हैंडपंप लगे हैं। लेकिन पिछले डेढ़ माह से जलस्तर गिरने से करीब 55 हैंडपंपों में पानी नहीं आ रहा है। इस कारण गांव में पानी की गंभीर समस्या बनी है। पशुओं के लिए भी पानी नहीं मिल पा रहा है। लोगों को पानी भरने के लिए बहुत दूर जाना पड़ता है। प्रधान पति इच्छाराम गुप्ता ने बताया कि उनके गांव के अधिकांश हैंडपंप पानी छोड़ गए हैं। वह 15 दिन पहले ककोर मुख्यालय पर डीएम को शिकायती पत्र देने गए थे, लेकिन उनके न मिलने पर एसडीएम को पत्र दे दिया था। एसडीएम ने उन्हें पानी की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि गांव में दो हैंडपंपों को रीबोर कराकर उसमें निजी खर्चे से दो सबमर्सिबल लगवाए हैं। वे अपने ट्यूबवेल से भी ग्रामीणों को पाइप लगाकर पानी दे रहे हैं।
कोट--
गांव में पानी न होने की जानकारी नहीं थी। जल्द ही जल निगम को संबंधित गांव में पानी की समुचित व्यवस्था कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं। - श्रीकांत मिश्रा, डीएम
क्षेत्र के बेरीकपड़िया गांव में जलस्तर गिरने से 55 हैंडपंप ठूंठ खड़े हैं। इसके चलते पिछले डेढ़ माह से ग्रामीण बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। कई बार शिकायत के बाद भी प्रशासन लोगों की समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है।
अजीतमल ब्लॉक के इस गांव की आबादी करीब 1500 है। गांव में पानी के लिए कुल 60 हैंडपंप लगे हैं। लेकिन पिछले डेढ़ माह से जलस्तर गिरने से करीब 55 हैंडपंपों में पानी नहीं आ रहा है। इस कारण गांव में पानी की गंभीर समस्या बनी है। पशुओं के लिए भी पानी नहीं मिल पा रहा है। लोगों को पानी भरने के लिए बहुत दूर जाना पड़ता है। प्रधान पति इच्छाराम गुप्ता ने बताया कि उनके गांव के अधिकांश हैंडपंप पानी छोड़ गए हैं। वह 15 दिन पहले ककोर मुख्यालय पर डीएम को शिकायती पत्र देने गए थे, लेकिन उनके न मिलने पर एसडीएम को पत्र दे दिया था। एसडीएम ने उन्हें पानी की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि गांव में दो हैंडपंपों को रीबोर कराकर उसमें निजी खर्चे से दो सबमर्सिबल लगवाए हैं। वे अपने ट्यूबवेल से भी ग्रामीणों को पाइप लगाकर पानी दे रहे हैं।
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कोट--
गांव में पानी न होने की जानकारी नहीं थी। जल्द ही जल निगम को संबंधित गांव में पानी की समुचित व्यवस्था कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं। - श्रीकांत मिश्रा, डीएम
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