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श्रमदान कर भरे उरई-राठ मार्ग के गड्ढे
Updated Mon, 30 Jul 2018 12:04 AM IST
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मुहम्मदाबाद। उरई-राठ मार्ग पर पहली ही बारिश में सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भरने से वाहनों व राहगीरों का चलना मुश्किल हो गया। गड्ढों में बारिश का पानी भरने से लोग गिरकर घायल हो रहे हैं। लोगों ने शनिवार को मुहाना बस स्टैंड पर नारेबाजी कर सड़क के निर्माण व मरम्मत की मांग की थी। वहीं रविवार को मुहाना के ग्रामीणों ने श्रमदान कर खुद ही गिट्टी और मिट्टी डालकर सड़क के गड्ढे भरे। वहीं विभागीय अधिकारियों ने इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया।
रविवार को मुहाना के ग्रामीणों ने बस स्टैंड के पास सड़क के बड़े बड़े गड्ढों मे गिट्टी मिट्टी डालकर श्रमदान किया और कई बड़े बड़े गड्ढों का भरा। ग्रामीणों के इस कार्य को देखकर लोगों ने उनकी प्रशंसा कर विभागीय अधिकारियों को कोसा। इस दौरान देवेंद्र सिंह, हीरा सिंह, मदन सिंह, सत्येंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, पप्पू, अतुल आदि ग्रामीणों ने सड़क के गड्ढों का श्रमदान किया। ज्ञात हो कि उरई-राठ मार्ग करीब 10 सालों से समस्या का कारण बना है।
वर्ष 2015 में सपा सरकार ने जोल्हूपुर हमीरपुर मार्ग की तरह उरई राठ मार्ग को भी बनवाने का बीड़ा उठाया था और देखते ही देखते 121 करोड़ का बजट स्वीकृत होकर रोड पर काम भी शुरू हो गया था। सड़क निर्माण का कार्य 2017 तक पूरा भी होना था। उरई से मुहाना के बीच 22 किमी. की सड़क में करीब 10 किमी. की सड़क एक ओर से बनकर तैयार भी हो गई लेकिन इसके बाद सपा सरकार गई तो काम ऐसा बंद हुआ कि आज तक नहीं चालू हो सका।
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जिससे 12 किमी सड़क की हालत और जर्जर होती चली गई। अब इस सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। तीन दिन पहले हुई बारिश से इन गड्ढों में कीचड़ व पानी भरा तो यह गड्ढे तालाब के रूप में तब्दील हो गए। इस मार्ग पर पड़ने वाले एक दर्जन गांवों के लोगों को प्रतिदिन मुख्यालय आना जाना पड़ता है, खराब सड़क की वजह से समय भी अधिक लगता है। वाहन भी क्षतिग्रस्त होते हैं और लोग गिरकर चुटहिल भी होते हैं। काफी समय से चली आ रही इस समस्या से परेशान मुहाना के लोगों ने शनिवार को नारेबाजी कर प्रशासन को कोसा था।
शनिवार को मुहाना बस स्टैंड पर नारेबाजी कर सड़क के निर्माण व मरम्मत की मांग की थी
अमर उजाला ब्यूरो
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रविवार को मुहाना के ग्रामीणों ने बस स्टैंड के पास सड़क के बड़े बड़े गड्ढों मे गिट्टी मिट्टी डालकर श्रमदान किया और कई बड़े बड़े गड्ढों का भरा। ग्रामीणों के इस कार्य को देखकर लोगों ने उनकी प्रशंसा कर विभागीय अधिकारियों को कोसा। इस दौरान देवेंद्र सिंह, हीरा सिंह, मदन सिंह, सत्येंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, पप्पू, अतुल आदि ग्रामीणों ने सड़क के गड्ढों का श्रमदान किया। ज्ञात हो कि उरई-राठ मार्ग करीब 10 सालों से समस्या का कारण बना है।
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वर्ष 2015 में सपा सरकार ने जोल्हूपुर हमीरपुर मार्ग की तरह उरई राठ मार्ग को भी बनवाने का बीड़ा उठाया था और देखते ही देखते 121 करोड़ का बजट स्वीकृत होकर रोड पर काम भी शुरू हो गया था। सड़क निर्माण का कार्य 2017 तक पूरा भी होना था। उरई से मुहाना के बीच 22 किमी. की सड़क में करीब 10 किमी. की सड़क एक ओर से बनकर तैयार भी हो गई लेकिन इसके बाद सपा सरकार गई तो काम ऐसा बंद हुआ कि आज तक नहीं चालू हो सका।
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जिससे 12 किमी सड़क की हालत और जर्जर होती चली गई। अब इस सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। तीन दिन पहले हुई बारिश से इन गड्ढों में कीचड़ व पानी भरा तो यह गड्ढे तालाब के रूप में तब्दील हो गए। इस मार्ग पर पड़ने वाले एक दर्जन गांवों के लोगों को प्रतिदिन मुख्यालय आना जाना पड़ता है, खराब सड़क की वजह से समय भी अधिक लगता है। वाहन भी क्षतिग्रस्त होते हैं और लोग गिरकर चुटहिल भी होते हैं। काफी समय से चली आ रही इस समस्या से परेशान मुहाना के लोगों ने शनिवार को नारेबाजी कर प्रशासन को कोसा था।
शनिवार को मुहाना बस स्टैंड पर नारेबाजी कर सड़क के निर्माण व मरम्मत की मांग की थी
अमर उजाला ब्यूरो