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Auraiya News: दिबियापुर ईओ पर दो लाख का जुर्माना
Thu, 03 Jul 2025 11:33 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Thu, 03 Jul 2025 11:33 PM IST
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दिबियापुर। राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने नगर पंचायत दिबियापुर ईओ पर दो लाख का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई ईओ के कर्तव्यों का निष्ठा से पालन न करने पर की गई है। इस मामले में एक नगरवासी ने शिकायत दर्ज कराई थी।
गुंजन रोड निवासी महेश पांडे ने नाली की सफाई न कराने से दुकान में पानी भर जाने पर कपड़ा खराब होने पर मार्च 2012 से वर्ष 2014 तक बिना जलापूर्ति के शुल्क वसूले जाने की शिकायत की थी। उन्होंने मय हर्जा-खर्चा नुकसान व वसूली रकम वापस दिलाने के लिए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम औरैया में वाद पंजीकृत कराया था।
इसमें आयोग ने बिना जल आपूर्ति किए जल मूल्य वसूले जाने को गलत बताते हुए नगर पंचायत को मय हर्जा-खर्चा व ब्याज सहित जल मूल्य वापस किए जाने का निर्णय दिया था। निर्णय के विरुद्ध नगर पंचायत ने राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग लखनऊ में अपील की थी। आयोग ने अपील पर सुनवाई करते हुए नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी को कर्तव्य का पूर्ण निष्ठा से पालन न करने का दोषी माना।
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आयोग ने महेश पांडे के बार-बार शिकायत करने के बाद भी निस्तारण न करने का भी दोषी मानते हुए अपील को खारिज कर दिया। साथ ही ईओ पर दो लाख रुपये का हर्जाना लगाया। आयोग ने आदेश दिया कि वह वादी को दो लाख रुपये हर्जाने की धनराशि अदा करेगा। अधिशासी अधिकारी विनय पांडेय ने बताया कि उनके पास कोई नोटिस नहीं आया है और उन्हें इसकी जानकारी भी नहीं है। हो सकता है उनसे पूर्व के ईओ से संबंधित मामला हो।
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गुंजन रोड निवासी महेश पांडे ने नाली की सफाई न कराने से दुकान में पानी भर जाने पर कपड़ा खराब होने पर मार्च 2012 से वर्ष 2014 तक बिना जलापूर्ति के शुल्क वसूले जाने की शिकायत की थी। उन्होंने मय हर्जा-खर्चा नुकसान व वसूली रकम वापस दिलाने के लिए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम औरैया में वाद पंजीकृत कराया था।
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इसमें आयोग ने बिना जल आपूर्ति किए जल मूल्य वसूले जाने को गलत बताते हुए नगर पंचायत को मय हर्जा-खर्चा व ब्याज सहित जल मूल्य वापस किए जाने का निर्णय दिया था। निर्णय के विरुद्ध नगर पंचायत ने राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग लखनऊ में अपील की थी। आयोग ने अपील पर सुनवाई करते हुए नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी को कर्तव्य का पूर्ण निष्ठा से पालन न करने का दोषी माना।
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आयोग ने महेश पांडे के बार-बार शिकायत करने के बाद भी निस्तारण न करने का भी दोषी मानते हुए अपील को खारिज कर दिया। साथ ही ईओ पर दो लाख रुपये का हर्जाना लगाया। आयोग ने आदेश दिया कि वह वादी को दो लाख रुपये हर्जाने की धनराशि अदा करेगा। अधिशासी अधिकारी विनय पांडेय ने बताया कि उनके पास कोई नोटिस नहीं आया है और उन्हें इसकी जानकारी भी नहीं है। हो सकता है उनसे पूर्व के ईओ से संबंधित मामला हो।