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बसपाईयों ने अपने ही नेताओं का पुतला फूंका
Updated Sat, 30 Dec 2017 11:53 PM IST
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उरई। सर्दी का असर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार रात से ही ठंड ने शहर को अपनी चपेट में ले लिया था। शनिवार सुबह हुई तो सड़कों पर सिवाए कोहरे के कुछ नजर नहीं आ रहा था। हाईवे और खेतों पर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि मानों बादल जमीन पर उतर आए हो। कोहरा सुबह नौ, दस नहीं दोपहर 12 बजे के आसपास छंटना शुरू हुआ। फिर थोड़ी सी धूप निकली, तब जाकर लोगों ने राहत महसूस की। दोपहर बाद बाजारों में गर्म कपड़ों की खरीदारी जोरों पर रही।
बता दें कि पिछले तीन चार दिन से ठंड का प्रभाव बढ़ गया है। शुक्रवार सुबह से पारे में गिरावट हुई तो शनिवार की सुबह तो पूरी तरह से कोहरे से ढकी रही। कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच स्कूली बच्चे भी स्वेटर, टोपा पहनकर सड़कों पर दिखाई दिए। हाईवे पर कोहरा अधिक होने के कारण रोडवेज बसें और ट्रक भी रेंगते नजर आए। भारी वाहन सुबह के वक्त भी सड़कों पर हेड लाइट जलाते चल रहे थे।
ट्रेनों की चाल प्रभावित होने से स्टेशन पर यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर के वक्त जब धूप निकली तो मकान की छतों और चबूतरों पर धूप सेंकने वालों की भीड़ नजर आने लगी। इसी तरह बाजारों में भी गर्म कपड़ों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ जैकेट, दस्ताने, मफलर, टोपा आदि खरीदते नजर आ रही थी। शाम होते ही ठंडी हवाओं के थपेड़ों ने शहर को जकड़ लिया।
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मौसम विशेषज्ञ पुरुषोत्तम कुशवाहा का कहना है कि फिलहाल बारिश के कोई आसार नहीं है, लेकिन ठंड और कोहरे में बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं जिला अस्पताल के डॉक्टर राहुल सचान का कहना है कि इस ठंड में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। अधिक जरूरत होने पर ही सुबह के वक्त घरों के बाहर निकलना चहिए।
ट्रेनों-बसों की रफ्तार थमी, सड़कों पर सन्नाटा
अलाव तापने और कंबल पाने को उमड़ी भीड़
अमर उजाला ब्यूरो
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बता दें कि पिछले तीन चार दिन से ठंड का प्रभाव बढ़ गया है। शुक्रवार सुबह से पारे में गिरावट हुई तो शनिवार की सुबह तो पूरी तरह से कोहरे से ढकी रही। कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच स्कूली बच्चे भी स्वेटर, टोपा पहनकर सड़कों पर दिखाई दिए। हाईवे पर कोहरा अधिक होने के कारण रोडवेज बसें और ट्रक भी रेंगते नजर आए। भारी वाहन सुबह के वक्त भी सड़कों पर हेड लाइट जलाते चल रहे थे।
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ट्रेनों की चाल प्रभावित होने से स्टेशन पर यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर के वक्त जब धूप निकली तो मकान की छतों और चबूतरों पर धूप सेंकने वालों की भीड़ नजर आने लगी। इसी तरह बाजारों में भी गर्म कपड़ों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ जैकेट, दस्ताने, मफलर, टोपा आदि खरीदते नजर आ रही थी। शाम होते ही ठंडी हवाओं के थपेड़ों ने शहर को जकड़ लिया।
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मौसम विशेषज्ञ पुरुषोत्तम कुशवाहा का कहना है कि फिलहाल बारिश के कोई आसार नहीं है, लेकिन ठंड और कोहरे में बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं जिला अस्पताल के डॉक्टर राहुल सचान का कहना है कि इस ठंड में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। अधिक जरूरत होने पर ही सुबह के वक्त घरों के बाहर निकलना चहिए।
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अमर उजाला ब्यूरो