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डिजिटल हस्ताक्षर बिना नहीं होगा भुगतान
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औरैया। भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए ग्राम सभा में कराए गए कार्यों के लिए प्रधान और सेक्रेटरी डिजिटल हस्ताक्षर करेंगे। इसके लिए शासन की ओर से ग्राम पंचायतों में डोंगल सिस्टम लागू किया जा रहा है। इससे चेक भुगतान पर रोक लग जाएगी। शासन की मंशा भुगतान प्रक्रिया में पूरी तरह से पारदर्शिता लानी है। जिले की 477 ग्राम पंचायतों में से 461 प्रधानों व 116 सचिव के डिजिटल हस्ताक्षर तैयार हो चुके हैं। बिना डिजिटल हस्ताक्षर राज्यवित्त व 14वें वित्त की धनराशि का भुगतान नहीं हो पाएगा।
ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसने की कोशिश की जा रही है। इसके तहत अब ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी चेक से भुगतान प्रक्रिया पर जल्द ही रोक लगाई जाएगी। भुगतान के लिए डोंगल सिस्टम अपनाया जाएगा। इसमें प्रधान और सेक्रेटरी के संयुक्त डिजिटल हस्ताक्षर से लाभार्थियों के खाते में आनलाइन भुगतान किया जाएगा। डीपीआरओ अभिलाख बाबू ने बताया कि आचार संहिता हटने के साथ ही यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। ग्राम पंचायतों में पहले ही मनरेगा में डोंगल सिस्टम लागू है। केंद्र सरकार ने इसे पूरी तरह से आनलाइन कर दिया है।
पहले मनरेगा में तमाम भ्रष्टाचार के मामले सुर्खियों में रहते थे। अब आनलाइन होने से काफी हद तक इस पर अंकुश लगा है। इसके बाद राज्य वित्त व 14वें वित्त में अनियमितता के मामले में शासन के निशाने पर है। ग्राम पंचायतों में होने वाले कार्यों का भुगतान अब तक चेक से होता है। इसमें प्रतिवर्ष लाखों का खेल होता है। इसको लेकर ग्राम पंचायतों में प्रधानों व सचिवों का डिजिटल सिग्नेचर बनवाया गया है। डीपीआरओ अभिलाष बाबू ने बताया कि जिले की 477 ग्राम पंचायतों में 461 प्रधान व सचिव के डिजिटल हस्ताक्षर तैयार हो चुके हैं। इनके रजिस्ट्रेशन का काम तेजी से चल रहा है। जहां पर प्रधानों पर कार्रवाई हुई है या फिर कमेटी गठित हैं, वही पंचायत शेष रह गई हैं। इन पर भी जल्द निर्णय किया जाएगा।
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ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसने की कोशिश की जा रही है। इसके तहत अब ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी चेक से भुगतान प्रक्रिया पर जल्द ही रोक लगाई जाएगी। भुगतान के लिए डोंगल सिस्टम अपनाया जाएगा। इसमें प्रधान और सेक्रेटरी के संयुक्त डिजिटल हस्ताक्षर से लाभार्थियों के खाते में आनलाइन भुगतान किया जाएगा। डीपीआरओ अभिलाख बाबू ने बताया कि आचार संहिता हटने के साथ ही यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। ग्राम पंचायतों में पहले ही मनरेगा में डोंगल सिस्टम लागू है। केंद्र सरकार ने इसे पूरी तरह से आनलाइन कर दिया है।
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पहले मनरेगा में तमाम भ्रष्टाचार के मामले सुर्खियों में रहते थे। अब आनलाइन होने से काफी हद तक इस पर अंकुश लगा है। इसके बाद राज्य वित्त व 14वें वित्त में अनियमितता के मामले में शासन के निशाने पर है। ग्राम पंचायतों में होने वाले कार्यों का भुगतान अब तक चेक से होता है। इसमें प्रतिवर्ष लाखों का खेल होता है। इसको लेकर ग्राम पंचायतों में प्रधानों व सचिवों का डिजिटल सिग्नेचर बनवाया गया है। डीपीआरओ अभिलाष बाबू ने बताया कि जिले की 477 ग्राम पंचायतों में 461 प्रधान व सचिव के डिजिटल हस्ताक्षर तैयार हो चुके हैं। इनके रजिस्ट्रेशन का काम तेजी से चल रहा है। जहां पर प्रधानों पर कार्रवाई हुई है या फिर कमेटी गठित हैं, वही पंचायत शेष रह गई हैं। इन पर भी जल्द निर्णय किया जाएगा।
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