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Auraiya News: यमुना पर 100 करोड़ की लागत से 10 मी. चौड़ा पुल प्रस्तावित
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यमुना नदी का पुराना पुल। संवाद
- फोटो : AURAIYA
औरैया/दिबियापुर। औरैया में शेरगढ़ घाट से लेकर जालौन सीमा तक बने यमुना नदी का पुल जर्जर होने के कारण 10 नवंबर से इस पर बड़े वाहनों का यातायात बंद है। इस बीच दोनों जनपदों के साथ इस मार्ग से होकर गुजरने वाले वाहन सवारों के लिए अच्छी खबर आई है। बिलराया-पनवाड़ी राजमार्ग के चौड़ीकरण के दौरान लगभग 100 करोड़ की लागत से यमुना नदी पर एक नया पुल बनाने की कवायद शुरू की गई है। विभाग ने इसका इस्टीमेट तैयार किया है, इसे जल्द ही शासन को भेजा जाएगा।
पीडब्ल्यूडी ने यमुना नदी पर लगभग आठ सौ मीटर लंबे पुल के निर्माण के लिए इस्टीमेट बनाया है। दरअसल यह कवायद औरैया जिले में जालौन सीमा से बेला तक चौड़ीकरण से छूटे मार्ग को फोरलेन किए जाने के अनुमोदन के बाद की जा रही है। इस पुल के लिए वैल फाउंडेशन तकनीक से यमुना नदी में लगभग 18 खंभे बनाए जाएंगे।
पूर्व में निर्मित पुल की चौड़ाई लगभग सात मीटर थी। नए प्रस्तावित दो लेन के पुल की चौड़ाई लगभग 10 मीटर होगी। इसके साथ ही पहले से बने पुल की मरम्मत कराकर उसे भी मजबूत किया जाएगा। दोनों ही पुल सड़क के फोरलेन होने पर आवागमन के लिए काफी राहत देंगे।
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ककोर मुख्यालय से जालौन सीमा तक के लिए करीब 300 करोड़ रुपये सड़क के चौड़ीकरण व 100 करोड़ रुपये पुल निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाया गया है। यह प्रस्ताव दूसरे चरण के तहत 15 फरवरी तक शासन भेजा जाएगा। इसकी लिए कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गई है।
बता दें कि कई दशकों पहले औरैया के शेरगढ़ घाट से लेकर जालौन जिले की सीमा तक यमुना नदी पर पुल बनाया गया था। नवंबर माह में ज्वाइंटर व बियरिंग खराब होने की वजह से पुल पर भारी वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया। इस मार्ग से गुजरने वाले औरैया, जालौन, झांसी, कन्नौज, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर आदि के बड़े वाहनों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता अभिषेक यादव ने कहा कि औरैया में जालौन जिले की सीमा से लेकर बेला तक मार्ग चौड़ीकरण किए जाने के लिए शासन से अनुमोदन मिला है। बेला से ककोर के बीच मार्ग चौड़ीकरण के लिए इस्टीमेट भेज दिया गया है। यह इस्टीमेट लखनऊ प्रमुख अभियंता कार्यालय पहुंच गया है। 15 फरवरी तक जालौन सीमा से लेकर ककोर के बीच मार्ग के चौड़ीकरण का इस्टीमेट भेज दिया जाएगा। इसमें औरैया यमुना नदी पर पुल निर्माण का भी इस्टीमेट शामिल होगा। ककोर से लेकर जालौन सीमा तक चौड़ीकरण में (यमुना नदी पुल मिलाकर) लगभग चार सौ करोड़ की लागत आने का अनुमान है।
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पीडब्ल्यूडी ने यमुना नदी पर लगभग आठ सौ मीटर लंबे पुल के निर्माण के लिए इस्टीमेट बनाया है। दरअसल यह कवायद औरैया जिले में जालौन सीमा से बेला तक चौड़ीकरण से छूटे मार्ग को फोरलेन किए जाने के अनुमोदन के बाद की जा रही है। इस पुल के लिए वैल फाउंडेशन तकनीक से यमुना नदी में लगभग 18 खंभे बनाए जाएंगे।
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पूर्व में निर्मित पुल की चौड़ाई लगभग सात मीटर थी। नए प्रस्तावित दो लेन के पुल की चौड़ाई लगभग 10 मीटर होगी। इसके साथ ही पहले से बने पुल की मरम्मत कराकर उसे भी मजबूत किया जाएगा। दोनों ही पुल सड़क के फोरलेन होने पर आवागमन के लिए काफी राहत देंगे।
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ककोर मुख्यालय से जालौन सीमा तक के लिए करीब 300 करोड़ रुपये सड़क के चौड़ीकरण व 100 करोड़ रुपये पुल निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाया गया है। यह प्रस्ताव दूसरे चरण के तहत 15 फरवरी तक शासन भेजा जाएगा। इसकी लिए कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गई है।
बता दें कि कई दशकों पहले औरैया के शेरगढ़ घाट से लेकर जालौन जिले की सीमा तक यमुना नदी पर पुल बनाया गया था। नवंबर माह में ज्वाइंटर व बियरिंग खराब होने की वजह से पुल पर भारी वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया। इस मार्ग से गुजरने वाले औरैया, जालौन, झांसी, कन्नौज, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर आदि के बड़े वाहनों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता अभिषेक यादव ने कहा कि औरैया में जालौन जिले की सीमा से लेकर बेला तक मार्ग चौड़ीकरण किए जाने के लिए शासन से अनुमोदन मिला है। बेला से ककोर के बीच मार्ग चौड़ीकरण के लिए इस्टीमेट भेज दिया गया है। यह इस्टीमेट लखनऊ प्रमुख अभियंता कार्यालय पहुंच गया है। 15 फरवरी तक जालौन सीमा से लेकर ककोर के बीच मार्ग के चौड़ीकरण का इस्टीमेट भेज दिया जाएगा। इसमें औरैया यमुना नदी पर पुल निर्माण का भी इस्टीमेट शामिल होगा। ककोर से लेकर जालौन सीमा तक चौड़ीकरण में (यमुना नदी पुल मिलाकर) लगभग चार सौ करोड़ की लागत आने का अनुमान है।