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Auraiya News: रुरुगंज गोशाला में 10 दिन में 10 मवेशियों ने तोड़ा दम
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रुरुगंज। बिधूना ब्लाक की ग्राम पंचायत पुर्वा पीताराम रुरुगंज की गोशाला में लगातार 10 दिनों में 10 मवेशी दम तोड़ चुके हैं। ज्यादातर मवेशी कमजोर व बीमारी हालत में थे। वहीं तीन और मवेशी बीमार हैं जिनका पशु चिकित्सक उपचार कर रहे हैं।
मंगलवार व बुधवार को चार गोवंश की मौत हो गई। वहीं छह मवेशी पहले ही दम तोड़ चुके थे। वहीं मोनू, मुन्नू लाल, अरविंद कुमार ने बताया कि गोशाला में डॉक्टरों की लापरवाही के चलते बीमार मवेशी का उपचार ठीक से नहीं हो पा रहा है जबकि यहां पर तीन गो सेवक हैं। इसके बावजूद गोशाला में मवेशी आए दिन दम तोड़ रहे हैं। सोमवार को उपजिलाधिकारी बिधूना हरिश्चंद्र व बीडीओ आरएन पांडेय ने गोशाला का निरीक्षण किया था।
कई खामियां पाई गई थीं। इसको लेकर ग्राम प्रधान ने साफ सफाई आदि करवा दी थी। गोशाला परिसर में पंखे आदि भी लगवा दिए गए, लेकिन गोशाला में मवेशियों की मौत का सिलसिला जारी है जो रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में पशु चिकित्सक भी यह नहीं बता पा रहे हैं कि आखिर मवेशी क्यों दम तोड़ रहे हैं। आशंका है कि सूखा भूसा व गंदे पानी की वजह से मवेशी बीमार तो नहीं पड़ रहे हैं।
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भरपेट चारा न मिलने की वजह से कई मवेशी कमजोर हालत में हैं। वहीं गोशाला में 10 दिनों में 10 मवेशियों की मौत हो चुकी है। गोशाला में लगी सबमर्सिबल भी चार दिन से खराब पड़ी हुई है। इसको लेकर गोशाला में पानी का संकट बना हुआ है। वहीं गोशाला में संरक्षित मवेशियों की संख्या 87 से घटकर 77 रह गई है। ग्रामीणों ने बताया कि गोशाला में मवेशियों के संरक्षण के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है।
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वर्जन
बिधूना बीडीओ से बात करके पूरा मामला पता किया जा रहा है, जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- राम सुमेर गौतम, सीडीओ
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मंगलवार व बुधवार को चार गोवंश की मौत हो गई। वहीं छह मवेशी पहले ही दम तोड़ चुके थे। वहीं मोनू, मुन्नू लाल, अरविंद कुमार ने बताया कि गोशाला में डॉक्टरों की लापरवाही के चलते बीमार मवेशी का उपचार ठीक से नहीं हो पा रहा है जबकि यहां पर तीन गो सेवक हैं। इसके बावजूद गोशाला में मवेशी आए दिन दम तोड़ रहे हैं। सोमवार को उपजिलाधिकारी बिधूना हरिश्चंद्र व बीडीओ आरएन पांडेय ने गोशाला का निरीक्षण किया था।
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कई खामियां पाई गई थीं। इसको लेकर ग्राम प्रधान ने साफ सफाई आदि करवा दी थी। गोशाला परिसर में पंखे आदि भी लगवा दिए गए, लेकिन गोशाला में मवेशियों की मौत का सिलसिला जारी है जो रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में पशु चिकित्सक भी यह नहीं बता पा रहे हैं कि आखिर मवेशी क्यों दम तोड़ रहे हैं। आशंका है कि सूखा भूसा व गंदे पानी की वजह से मवेशी बीमार तो नहीं पड़ रहे हैं।
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भरपेट चारा न मिलने की वजह से कई मवेशी कमजोर हालत में हैं। वहीं गोशाला में 10 दिनों में 10 मवेशियों की मौत हो चुकी है। गोशाला में लगी सबमर्सिबल भी चार दिन से खराब पड़ी हुई है। इसको लेकर गोशाला में पानी का संकट बना हुआ है। वहीं गोशाला में संरक्षित मवेशियों की संख्या 87 से घटकर 77 रह गई है। ग्रामीणों ने बताया कि गोशाला में मवेशियों के संरक्षण के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है।
वर्जन
बिधूना बीडीओ से बात करके पूरा मामला पता किया जा रहा है, जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- राम सुमेर गौतम, सीडीओ