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अतीक के बेटे का एनकाउंटर: असद ने दिल्ली में 3-4 हथियार हमेशा अपने पास रखे थे, उसे हमेशा इस बात का रहता था डर

Thu, 13 Apr 2023 01:20 PM IST
पूजा त्रिपाठी पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Thu, 13 Apr 2023 01:20 PM IST
सार

पुलिस अधिकारियों के अनुसार माफिया डॉन का बेटा व शूटर दिल्ली में 15 दिन की पनाह के दौरान इन आरोपियों के घर में ही रहे थे। कभी कभार ये संगम विहार में ही घूमने निकल जाते थे। दोनों आरोपी घूमने के लिए कभी संगम विहार से बाहर नहीं गए। ये दोनों उमेश पाल की हत्या के बाद ही दिल्ली आ गए थे।

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Atiq ahmed son asad killed in encounter in jhansi by up stf use to keep many weapon in delhi fear of encounter
Prayagraj News : अतीक का पुत्र असद। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

उमेश पाल हत्याकांड में डेढ़ महीने से फरार चल रहा माफिया अतीक अहमद का बेटा असद गुरुवार (13 अप्रैल) को झांसी में यूपी एसटीएफ द्वारा मुठभेड़ में मारा गया है। उसके साथ ही शूटर गुलाम भी मारा गया है। गौरतलब है कि दोनों ने दिल्ली में भी कई दिनों तक पनाह ली थी। उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी असद अहमद व शूटर गुलाम को दिल्ली में एनकाउंटर होने का डर सताता रहा था। यही वजह थी कि असद अहमद हमेशा तीन से चार हथियारों के साथ रहता था।

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सोते समय भी वह हथियार अपने पास रखता था। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के सूत्रों की माने तो असद अहमद गुलाम के साथ हथियार समेत फरार हुआ था। दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आने से असद मामूली फासले से बच गया। स्पेशल सेल की टीम दो दिन बाद संगम विहार पहुंची थी। इससे पहले असद गुलाम के साथ फरार हो गया था।
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स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि माफिया डॉन अतीक अहमद के पूर्व ड्राइवर शफीक ने असद के दिल्ली ठहरने की व्यवस्था की थी। उसने असद को अपने जानकार जीशान, खालिद व जावेद के पास दिल्ली भेजा था। बताया जा रहा है कि ये लोग यूपी से बस से दिल्ली पहुंचे थे।
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बस अड्डे से ये ऑटो से संगम विहार गए थे। इन मददगारों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उन्होंने शफीक के कहने पर असद को अपने घर में पनाह दी थी। असद तीनों के घर में रूका था और दो दिन बाद घर बदल लेता था। संगम विहार में रहने के दौरान किसी पड़ोसी ने आरोपियों को पहचाना नहीं था।

ज्यादातर दिन घर के भीतर ही बिताए

पुलिस अधिकारियों के अनुसार माफिया डॉन का बेटा व शूटर दिल्ली में 15 दिन की पनाह के दौरान इन आरोपियों के घर में ही रहे थे। कभी कभार ये संगम विहार में ही घूमने निकल जाते थे। दोनों आरोपी घूमने के लिए कभी संगम विहार से बाहर नहीं गए। ये दोनों उमेश पाल की हत्या के बाद ही दिल्ली आ गए थे।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस दौरान असद ने अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया। वह मददगारों के फोन से ही यूपी में कई जगहा बात करता था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जावेद भी हथियार रखता था। असद व शूटर ज्यादातर जावेद के घर रहे थे। तीन मददगार संगम विहार में आसपास ही रहते हैं।

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