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Amroha News: नज्म बन जाए तेरा नाम लिखते-लिखते...
Thu, 19 Jun 2025 01:56 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 19 Jun 2025 01:56 AM IST
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उझारी (अमरोहा)।
हजरत शेख दाऊद बंदगी रहमतुल्लाह अलैह के मजार पर चल रहे उर्स के मौके पर मंगलवार रात सूफियाना कव्वाली का आयोजन किया गया। मशहूर कव्वाल फैजान अजमेरी ने अपनी दिल छू लेने वाली कव्वालियों और शायरी से महफिल को रूहानी रंगों से भर दिया।
कव्वाली की शुरुआत उन्होंने अपने लोकप्रिय शेर से की। कहा कि तेरा नाम लूं तो जुबां भीग जाए, तेरी याद आए तो रूह तक भीग जाए। शेर सुनते ही श्रोता भावुक हो उठे और महफिल में सन्नाटा छा गया। फैजान अजमेरी ने एक के बाद एक इश्क, तन्हाई और इबादत से भरे शेरों को ऐसे अंदाज में पेश किया कि सुनने वालों के दिल जुड़ते चले गए। कहा कि दिल में बसाया है तुझे सजदे की तरह, भूल भी जाऊं तो खुदा याद दिला देता है।
नज्म बन जाए तेरा नाम लिखते-लिखते और सजा बन जाए तेरी यादों में जीना। जैसे शेरों पर महफिल में वाह-वाह की गूंज देर तक सुनाई दी। कव्वाली की इस महफिल में ताहिर हुसैन उर्फ हकीम चमन, अदनान महल, अलाउद्दीन सैफी, चौधरी अशरफ अली, हाजी बब्बन आदि मौजूद रहे।
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हजरत शेख दाऊद बंदगी रहमतुल्लाह अलैह के मजार पर चल रहे उर्स के मौके पर मंगलवार रात सूफियाना कव्वाली का आयोजन किया गया। मशहूर कव्वाल फैजान अजमेरी ने अपनी दिल छू लेने वाली कव्वालियों और शायरी से महफिल को रूहानी रंगों से भर दिया।
कव्वाली की शुरुआत उन्होंने अपने लोकप्रिय शेर से की। कहा कि तेरा नाम लूं तो जुबां भीग जाए, तेरी याद आए तो रूह तक भीग जाए। शेर सुनते ही श्रोता भावुक हो उठे और महफिल में सन्नाटा छा गया। फैजान अजमेरी ने एक के बाद एक इश्क, तन्हाई और इबादत से भरे शेरों को ऐसे अंदाज में पेश किया कि सुनने वालों के दिल जुड़ते चले गए। कहा कि दिल में बसाया है तुझे सजदे की तरह, भूल भी जाऊं तो खुदा याद दिला देता है।
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नज्म बन जाए तेरा नाम लिखते-लिखते और सजा बन जाए तेरी यादों में जीना। जैसे शेरों पर महफिल में वाह-वाह की गूंज देर तक सुनाई दी। कव्वाली की इस महफिल में ताहिर हुसैन उर्फ हकीम चमन, अदनान महल, अलाउद्दीन सैफी, चौधरी अशरफ अली, हाजी बब्बन आदि मौजूद रहे।
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