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Amroha News: बुखार से गजरौला के खादगुर्जर में तीसरे दिन भी महिला की मौत
Mon, 25 Sep 2023 01:45 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Mon, 25 Sep 2023 01:45 AM IST
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गजरौला। गांव खादगुर्जर में बुखार से पीड़ित राजवती (65) की मौत हो गई। उनका मेरठ में इलाज चल रहा था। गांव में बुखार से मौत का आंकड़ा तीन तक पहुंच गया है। 20 से अधिक बुखार पीड़ित मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। तीन महिलाओं की मौत से गांव के लोग दहशत में जी रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग बुखार को लेकर बेबस नजर आ रहा है।
गांव निवासी 65 वर्षीय राजवती को कई दिन पूर्व बुखार आया था। उनको गजरौला के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कई दिन तक इलाज कराने के बाद भी फायदा नहीं होने पर तीन दिन पूर्व परिजन मेरठ ले गए। लगातार इलाज चलने के बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ। शनिवार की रात राजवती की मौत हो गई। रविवार की सुबह उनका शव गांव में लाया गया। इसके बाद तिगरी में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा कोई घर नहीं बचा, जिसमें किसी न किसी को बुखार ने अपनी चपेट में न लिया हो। ग्रामीणों का कहना है कि तीन दिन में तीन महिलाओं की मौत और 20 से अधिक लोगों के बुखार से पीड़ित होने के लोग डरे हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग गांव में पहले ही शिविर लगाकर लोगों का इलाज करा देता। रक्त की जांच हो जाती तो बुखार से कहर की नौबत नहीं आती। मगर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही ग्रामीणों पर भारी पड़ गई। सीएचसी प्रभारी डाॅ. योगेंद्र सिंह ने बताया कि गांव खादगुर्जर में महिला की मौत की सूचना मिली। जिसके बाद टीम को भेजकर शिविर लगवाया गया। मरीजों को दवाइयां वितरित की गई।
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गांव निवासी 65 वर्षीय राजवती को कई दिन पूर्व बुखार आया था। उनको गजरौला के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कई दिन तक इलाज कराने के बाद भी फायदा नहीं होने पर तीन दिन पूर्व परिजन मेरठ ले गए। लगातार इलाज चलने के बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ। शनिवार की रात राजवती की मौत हो गई। रविवार की सुबह उनका शव गांव में लाया गया। इसके बाद तिगरी में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा कोई घर नहीं बचा, जिसमें किसी न किसी को बुखार ने अपनी चपेट में न लिया हो। ग्रामीणों का कहना है कि तीन दिन में तीन महिलाओं की मौत और 20 से अधिक लोगों के बुखार से पीड़ित होने के लोग डरे हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग गांव में पहले ही शिविर लगाकर लोगों का इलाज करा देता। रक्त की जांच हो जाती तो बुखार से कहर की नौबत नहीं आती। मगर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही ग्रामीणों पर भारी पड़ गई। सीएचसी प्रभारी डाॅ. योगेंद्र सिंह ने बताया कि गांव खादगुर्जर में महिला की मौत की सूचना मिली। जिसके बाद टीम को भेजकर शिविर लगवाया गया। मरीजों को दवाइयां वितरित की गई।
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