{"_id":"59039d444f1c1b342bc0c035","slug":"wheat-govt-center-amroha","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘दो रुपये के लिए क्रय केंद्रों पर खुले में पड़ा है क्विंटलों गेहूं’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘दो रुपये के लिए क्रय केंद्रों पर खुले में पड़ा है क्विंटलों गेहूं’
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sat, 29 Apr 2017 01:21 AM IST
विज्ञापन
अमरोहा में स्टेशन रोड स्थित क्रय केंद्र पर खुले आसमान के नीचे रखा खरीदा गया गेहूं।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान ने आजाद रोड स्थित क्रय केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान क्रय केंद्र पर खरीदा हुआ काफी गेहूूं मिला। गेहूं के उठान के संबंध में जब क्रय केंद्र प्रभारी और ढुलाई ठेकेदार से पूछताछ की गई तो पता चला कि भारतीय खाद्य निगम के गोदाम गजरौला पर डंपिंग चार्ज के नाम पर दो रुपये प्रति कट्टे का शुल्क वसूला जा रहा है। शुल्क ने देने पर गेहूं रखने से मना कर दिया है। जिसके कारण पूरे जिले में कई हजार क्विंटल गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है।
कैबिनेट मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल फोन पर एफसीआई गोदाम अफसरों को तलब करते हुए मामले के संबंध में पूछताछ की। लेकिन कोई संतोष जनक जवाब उन्हें नहीं मिला। तभी कैबिनेट मंत्री ने एसडीएम अमरोहा को केंद्र पर फोन कर बुलाया। मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान ने शुक्रवार को आजाद रोड स्थित मार्केटिंग इंस्पेक्टर कार्यालय पर परिसर में खोले गए गेहूूं क्रय केंद्र का औचक निरीक्षण किया। किसानों से खरीदा हुए गेहूं को कांटे पर तुलवा कर देखा, वजन सही मिला। कांटा, बांट आदि चेक किए सब सही मिला।
विज्ञापन
केंद्र पर खरीदा हुए गेहूूं का उठान न होने पर उन्होंने केंद्र प्रभारी दिलीप मिश्रा और ठेकेदार इंद्रेश से पूछताछ की तो मामलेे सामने आया। बताया कि भारतीय खाद्य निगम का गजरौला में गोदाम हैं, जहां पर पूरे जिले का गेहूं का भंडारण होता है। ठेकेदार इंद्रेश ने बताया कि 25 अप्रैल से एफसीआई द्वारा दो रुपये प्रति कट्टे की दर से डंपिंग शुल्क वसूला जा रहा है। जो गलत है।
शुल्क न देने पर एफसीआई गोदाम के कर्मचारियों ने गेहूं लेने से इंकार कर दिया है। जिसके कारण जिले में हजारों क्विंटल गेहूं क्रय केंद्रों पर पड़ा हुआ है।
इस मामले को कैबिनेट मंत्री ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल फोन पर एफसीआई गोदाम के अफसरों को तलब किया। कई बार में फोन लगा, गोदाम के एक अफसर से फोन पर उनकी बात हुई। लेकिन वह भी कोई संतोष जनक जवाब नहीं दे पाए।
चेतन चौहान ने एसडीएम सदर हर्षवर्धन श्रीवास्तव को फोन कर क्रय केंद्र पर तत्काल बुलाया। पांच मिनट के अंदर एसडीएम केंद्र पर पहुंच गए। उन्होंने एसडीएम को निर्देश दिए हैं, मामले की जांच करते हुए एफसीआई गोदाम अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस संबंध में एसडीएम हर्षवर्धन श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले में एफसीआई गोदाम अफसरों की ओर से कमी सामने आई है।
उन्हें गल्ला लेने से मना नहीं करना चाहिए था, डंपिंग चार्ज को लेकर जो भी मामला था, उसे उच्च अफसरों के संज्ञान में लाना चाहिए था। क्योंकि क्रय केंद्रों पर खुले आसमान के नीचे कई हजार क्विंटल गेहूं पड़ा हुआ है, बारिश के असार बने हुए हैं। गेहूं भीगता है तो भारी नुकसान होगा, इस मामले में संबंधित के खिलाफ कार्रवाई को रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रस्तुत की जा रही है। अब उनके स्तर से ही इस मामले में संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
कैबिनेट मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल फोन पर एफसीआई गोदाम अफसरों को तलब करते हुए मामले के संबंध में पूछताछ की। लेकिन कोई संतोष जनक जवाब उन्हें नहीं मिला। तभी कैबिनेट मंत्री ने एसडीएम अमरोहा को केंद्र पर फोन कर बुलाया। मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान ने शुक्रवार को आजाद रोड स्थित मार्केटिंग इंस्पेक्टर कार्यालय पर परिसर में खोले गए गेहूूं क्रय केंद्र का औचक निरीक्षण किया। किसानों से खरीदा हुए गेहूं को कांटे पर तुलवा कर देखा, वजन सही मिला। कांटा, बांट आदि चेक किए सब सही मिला।
विज्ञापन
केंद्र पर खरीदा हुए गेहूूं का उठान न होने पर उन्होंने केंद्र प्रभारी दिलीप मिश्रा और ठेकेदार इंद्रेश से पूछताछ की तो मामलेे सामने आया। बताया कि भारतीय खाद्य निगम का गजरौला में गोदाम हैं, जहां पर पूरे जिले का गेहूं का भंडारण होता है। ठेकेदार इंद्रेश ने बताया कि 25 अप्रैल से एफसीआई द्वारा दो रुपये प्रति कट्टे की दर से डंपिंग शुल्क वसूला जा रहा है। जो गलत है।
शुल्क न देने पर एफसीआई गोदाम के कर्मचारियों ने गेहूं लेने से इंकार कर दिया है। जिसके कारण जिले में हजारों क्विंटल गेहूं क्रय केंद्रों पर पड़ा हुआ है।
इस मामले को कैबिनेट मंत्री ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल फोन पर एफसीआई गोदाम के अफसरों को तलब किया। कई बार में फोन लगा, गोदाम के एक अफसर से फोन पर उनकी बात हुई। लेकिन वह भी कोई संतोष जनक जवाब नहीं दे पाए।
चेतन चौहान ने एसडीएम सदर हर्षवर्धन श्रीवास्तव को फोन कर क्रय केंद्र पर तत्काल बुलाया। पांच मिनट के अंदर एसडीएम केंद्र पर पहुंच गए। उन्होंने एसडीएम को निर्देश दिए हैं, मामले की जांच करते हुए एफसीआई गोदाम अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस संबंध में एसडीएम हर्षवर्धन श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले में एफसीआई गोदाम अफसरों की ओर से कमी सामने आई है।
उन्हें गल्ला लेने से मना नहीं करना चाहिए था, डंपिंग चार्ज को लेकर जो भी मामला था, उसे उच्च अफसरों के संज्ञान में लाना चाहिए था। क्योंकि क्रय केंद्रों पर खुले आसमान के नीचे कई हजार क्विंटल गेहूं पड़ा हुआ है, बारिश के असार बने हुए हैं। गेहूं भीगता है तो भारी नुकसान होगा, इस मामले में संबंधित के खिलाफ कार्रवाई को रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रस्तुत की जा रही है। अब उनके स्तर से ही इस मामले में संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।