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मौसम का बिगड़ा मिजाज देख अन्नदाता की मुश्किलें बढ़ी
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Thu, 02 Mar 2017 12:50 AM IST
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अंबेडकरनगर में रविवार को छाए बादल।
- फोटो : अमर उजाला
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मौसम में बदलाव का दौर शुरू हो गया है। आकाश में काले-काले बादल उमड़ आए हैं। भारी बारिश होने के आसार बन रहे हैं। क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी भी हुई है। अन्नदाता के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई है। क्योंकि इन दिनों की बारिश के साथ आंधी और ओलावृष्टि होने का खतरा बना रहता है। इससे गेहूं और सरसों की फसल बर्बाद हो जाएगी।
सरसों की फसल तैयार खड़ी है। कटाई शुरू होने वाली है। वहीं गेहूं की फसल में बालियां निकल आई हैं, दाना पड़ने लगा है। किसानों का कहना है अब बारिश हुई तो आई हुई फसल हाथों से छिन जाएगी। किसानों पर कुदरत की मार पड़ेगी।
दो साल पहले होली के आसपास आई बारिश ने गेहूं की फसल बर्बाद कर दिया था। कुदरत की मार से अभी तक अन्नदाता उभर नहीं आया है। ऊपर से मौसम आंख दिखाने लगा है। किसान ऊपर वाले फसल की सलामती की प्रार्थना कर रहे हैं।
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बता दें कि जनपद में 92 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की फसल उगाई गई है। गेहूं की फसल में बालियां निकलने आई हैं, दाना पड़ने लगा है। एक माह में फसल पक जाएगी। क्षेत्र में बारह हजार हेक्टेयर भूमि पर सरसों की फसल उगाई गई है। क्षेत्र में फसल पककर तैयार हो गई है। कटाई का कार्य जल्द शुरू होने वाला है।
वहीं मौसम अब आंख दिखाने लगा है। बुधवार से मौसम में बदलाव का दौर शुरू हो गया है। आकाश में काले- काले बादल उमड़ आए हैं। बारिश होने के आसार बन रहे हैं। उधर किसानों का कहना है कि इन दिनों की बारिश से नुकसान के सिवाय कुछ नहीं होगा। क्योंकि बारिश के साथ ओलावृष्टि, तेज हवा फसल को भारी नुकसान पहुंचा सकती है।
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सरसों की फसल तैयार खड़ी है। कटाई शुरू होने वाली है। वहीं गेहूं की फसल में बालियां निकल आई हैं, दाना पड़ने लगा है। किसानों का कहना है अब बारिश हुई तो आई हुई फसल हाथों से छिन जाएगी। किसानों पर कुदरत की मार पड़ेगी।
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दो साल पहले होली के आसपास आई बारिश ने गेहूं की फसल बर्बाद कर दिया था। कुदरत की मार से अभी तक अन्नदाता उभर नहीं आया है। ऊपर से मौसम आंख दिखाने लगा है। किसान ऊपर वाले फसल की सलामती की प्रार्थना कर रहे हैं।
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बता दें कि जनपद में 92 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की फसल उगाई गई है। गेहूं की फसल में बालियां निकलने आई हैं, दाना पड़ने लगा है। एक माह में फसल पक जाएगी। क्षेत्र में बारह हजार हेक्टेयर भूमि पर सरसों की फसल उगाई गई है। क्षेत्र में फसल पककर तैयार हो गई है। कटाई का कार्य जल्द शुरू होने वाला है।
वहीं मौसम अब आंख दिखाने लगा है। बुधवार से मौसम में बदलाव का दौर शुरू हो गया है। आकाश में काले- काले बादल उमड़ आए हैं। बारिश होने के आसार बन रहे हैं। उधर किसानों का कहना है कि इन दिनों की बारिश से नुकसान के सिवाय कुछ नहीं होगा। क्योंकि बारिश के साथ ओलावृष्टि, तेज हवा फसल को भारी नुकसान पहुंचा सकती है।