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Amroha News: खेतों में भरा पानी, आगामी फसलों की बुवाई पर भी संकट
Tue, 23 Sep 2025 02:49 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Tue, 23 Sep 2025 02:49 AM IST
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गजरौला। बिजनौर से लगातार छोड़े जा रहे पानी और पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश से गंगा अभी भी उफान पर है। पिछले करीब दो माह से खादर क्षेत्र को गांव बाढ़ की चपेट में है। अधिकांश खेतों और रास्तों में गंगा का पानी भरा है। जिससे किसानों की फसलें चौपट हो चुकी हैं। वहीं, अब किसानों का सामने आगामी फसलों की बुवाई का भी संकट खड़ा हो गया है। उन्हें चिंता है कि अगर जल्द ही पानी कम न हुआ तो फसलों की बुवाई में देरी होगी।
इस बार बाढ़ का सीजन लंबा रहा। करीब दो महीने तक खेत जलमग्न रहने के कारण फसल नष्ट हो गईं। हाल ही में गंगा का जलस्तर और बढ़ गया था जिससे खेत दोबारा जलमग्न हो गए। उनमें इस कदर पानी भरा है कि उसे सूखने में कम से कम दो महीने लग जाएंगे। इस कारण किसानों को सरसों, आलू, मसूर और अगैती किस्म के गेहूं की संभावना नहीं लग रही है। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. एके मिश्र का कहना है कि जिन खेतों में पानी भरा है, वह दो महीने तक फसलों की बुवाई लायक नहीं होंगे। इससे किसानों का आगामी फसलों का नुकसान होगा।
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इस बार बाढ़ का सीजन लंबा रहा। करीब दो महीने तक खेत जलमग्न रहने के कारण फसल नष्ट हो गईं। हाल ही में गंगा का जलस्तर और बढ़ गया था जिससे खेत दोबारा जलमग्न हो गए। उनमें इस कदर पानी भरा है कि उसे सूखने में कम से कम दो महीने लग जाएंगे। इस कारण किसानों को सरसों, आलू, मसूर और अगैती किस्म के गेहूं की संभावना नहीं लग रही है। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. एके मिश्र का कहना है कि जिन खेतों में पानी भरा है, वह दो महीने तक फसलों की बुवाई लायक नहीं होंगे। इससे किसानों का आगामी फसलों का नुकसान होगा।
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